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रिश्तेदार की फर्म से सामग्री खरीदी तो नहीं होगा भुगतान
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बाराबंकी। मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों में निर्माण सामग्री से लेकर ईंधन व स्टेशनरी तक की खरीदारी किसी अधिकारी-कर्मचारी व जनप्रतिनिधि द्वारा अपने परिवार व रिश्तेदार की फर्म या कंपनी से नहीं कर सकेंगे। ऐसा मामला सामने आने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। उनका भुगतान भी रुकेगा। शासन द्वारा जारी इस फरमान के बाद जिला प्रशासन ने इस संबंध में मनरेगा से जुड़े अधिकारियों को इससे अवगत कराया है।
मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों के लिए ईंधन, स्टेशनरी व अन्य सामग्री की आपूर्ति की जाती है। आपूर्ति करने वाली फर्म व कंपनी का मनरेगा पोर्टल पर पंजीकरण होना जरूरी है। कई जिलों में मनरेगा पोर्टल पर दर्ज फर्म किसी अधिकारी और कर्मचारी अथवा ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख से लेकर मनरेगा से जुड़े पदाधिकारियों के रिश्तेदार, भाई-भतीजों की होनी पाई गई है।
ऐसे में फर्जीवाड़ा होने की आशंका में अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश में मनरेगा से जुडे़े जनप्रतिनिधि और अधिकारियों के रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों की फर्म व कंपनी से सामान न खरीदने को कहा गया है। अन्यथा की स्थिति में भुगतान तो रुकेगा ही कार्रवाई भी की जाएगी। सीडीओ एकता सिंह ने बताया कि आदेश का पालन कराने के लिए मनरेगा से जुड़े सभी जनप्रतिनिधि और अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देशित कर दिया गया है।
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मनरेगा से जुड़े पदाधिकारी-कर्मचारी में ब्लॉक प्रमुख, खंड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, सहायक कार्यक्रम अधिकारी, सहायक लेखाकार, कम्प्यूटर ऑपरेटर, रोजगार सेवक पर नजर रहेगी। इनके रिश्तेदार की फर्म से सामग्री खरीदीने पर भुगतान नहीं होगा।
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मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों के लिए ईंधन, स्टेशनरी व अन्य सामग्री की आपूर्ति की जाती है। आपूर्ति करने वाली फर्म व कंपनी का मनरेगा पोर्टल पर पंजीकरण होना जरूरी है। कई जिलों में मनरेगा पोर्टल पर दर्ज फर्म किसी अधिकारी और कर्मचारी अथवा ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख से लेकर मनरेगा से जुड़े पदाधिकारियों के रिश्तेदार, भाई-भतीजों की होनी पाई गई है।
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ऐसे में फर्जीवाड़ा होने की आशंका में अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश में मनरेगा से जुडे़े जनप्रतिनिधि और अधिकारियों के रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों की फर्म व कंपनी से सामान न खरीदने को कहा गया है। अन्यथा की स्थिति में भुगतान तो रुकेगा ही कार्रवाई भी की जाएगी। सीडीओ एकता सिंह ने बताया कि आदेश का पालन कराने के लिए मनरेगा से जुड़े सभी जनप्रतिनिधि और अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देशित कर दिया गया है।
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मनरेगा से जुड़े पदाधिकारी-कर्मचारी में ब्लॉक प्रमुख, खंड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, सहायक कार्यक्रम अधिकारी, सहायक लेखाकार, कम्प्यूटर ऑपरेटर, रोजगार सेवक पर नजर रहेगी। इनके रिश्तेदार की फर्म से सामग्री खरीदीने पर भुगतान नहीं होगा।