बाराबंकी में पंचायत चुनाव में सांसद-विधायक नहीं, पूर्व विधायक का चला जादू
विधानसभा क्षेत्र में भाजपा सांसद और विधायक का नहीं पूर्व विधायक सुंदरलाल दीक्षित का जादू चला है। पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों के परिवारीजनों की हार ने संगठन को भी बेअसर साबित कर दिया है।
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हैदरगढ़ (बाराबंकी)। विधानसभा क्षेत्र में भाजपा सांसद और विधायक का नहीं पूर्व विधायक सुंदरलाल दीक्षित का जादू चला है। पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों के परिवारीजनों की हार ने संगठन को भी बेअसर साबित कर दिया है। पार्टी सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाकर जिला पंचायत सदस्य के चार प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित की है।
जिला पंचायत निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा से समर्थित प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा था। भाजपा से पूर्व विधायक सुंदरलाल दीक्षित ने जिला पंचायत निर्वाचन क्षेत्र हैदरगढ़ चतुर्थ व द्वितीय से पार्टी के समर्थित प्रत्याशी अनीता पत्नी रामदेव व नीतू सिंह पत्नी शशांक कुशमेश सहित समर्थन नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव में दावेदारी कर रही त्रिवेदीगंज तृतीय से नेहा सिंह आनंद को समर्थन दिया था। पूर्व विधायक ने इनके समर्थन में क्षेत्र के गांवों में पैदल भ्रमण कर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया था।
हैदरगढ़ प्रथम पर पुराने भाजपाई रामभीख त्रिवेदी की पत्नी कलावती को भी पूर्व विधायक का प्रबल समर्थन मिलता रहा है। वहीं हैदरगढ़ प्रथम से पार्टी मंडल अध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंह की पत्नी सविता सिंह तथा व सिद्धौर तृतीय से कोठी मंडल अध्यक्ष के पिता पार्टी चिकित्सा प्रकोष्ठ प्रभारी श्रवण कुमार शुक्ला को पार्टी ने समर्थित प्रत्याशी घोषित किया था। विधायक व सांसद सहित संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों ने जीत के लिए पूरा जोर लगाए रखा और व्यापक संपर्क किया लेकिन दोनों पार्टी की लाज नहीं बचा सके।
त्रिवेदीगंज द्वितीय से पार्टी समर्थित सांसद के निजी सचिव की पत्नी गीता को भारी हार का सामना करना पड़ा है। पूर्व विधायक सुंदर लाल दीक्षित ने कहा कि पीएम व सीएम की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए लगातार गांव में पैदल भ्रमण किया। क्षेत्र से जिला पंचायत के चार सदस्यों को अकेले जीत दिलाई है। कई अन्य निर्दलीय भी संपर्क में हैं। सीएम के निर्देश पर सभी को उनके सामने प्रस्तुत करेंगे।