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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   Paddy procurement was plundered in the name of the farmer

धान खरीद के नाम पर लुट रहा किसान

Wed, 02 Dec 2015 10:33 PM IST
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 02 Dec 2015 10:33 PM IST
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धान खरीद के नाम पर किसानों को लूटा जा रहा है। क्रय केंद्रों पर खरीद के नाम पर महज खानापूरी की जा रही है। किसानों का धान घटिया बताकर क्रय केंद्रों से वापस किया जा रहा है। वहीं सरकारी केंद्रों से जिन किसानों को मिलों पर भेजा जा रहा है वहां पर मनमाने तरीके से 15 फीसदी तक कटौती की जा रही है। इससे आजिज किसान अपना उत्पाद निजी व्यापारियों के हाथों औने-पौने दामों पर  बेचने को मजबूर हैं।
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शासन ने इस वर्ष धान खरीद का लक्ष्य 78 हजार 8 सौ एमटी निर्धारित किया है। जिसके सापेक्ष एक नवंबर से अब तक महज 14 हजार एमटी ही धान की खरीद की गई है। इससे साफ है कि किसानों से खरीदे जा रहे धान की रफ्तार कितनी धीमी है। जबकि किसानों से सीधे धान खरीद के लिए 41 क्रय केंद्र खोले गए हैं। लेकिन इन केंद्रों पर किसानों से ज्यादा बिचौलियों और दलालों का धान खरीदा जाता है।
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किसानों को एक माह का समय देकर वापस कर दिया जाता है। ज्यादातर किसानों के धान को नमी अधिक और घटिया बताकर वापस कर दिया जा रहा है। यदि किसी दबाव में धान तौला भी जाता है तो इतनी कटौती कर दी जाती है कि किसानों दोबारा क्रय केंद्र पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है।
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ऐसे होता है खेल
दरअसल जिन राइस मिलों को धान कुटाई के लिए पंजीकृत किया गया है उनसे क्रय केंद्र प्रभारियों ने सांठ-गांठ होती है। किसान का धान क्रय केंद्र से सीधे मिल को भेज दिया जाता है और मिलर्स किसान के धान को घटिया और उसमे नमी बताकर लगभग 15 फीसदी कटौती कर लेते हैं। इससे परेशान होकर किसान दोबारा धान लेकर क्रय केंद्र पर जाने की हिम्मत नहीं करता।  अधिकारियों की इसी लापरवाही का फायदा मिलर्स, क्रय केंद्र प्रभारी और निजी व्यापारी उठा रहे हैं।

छह क्विंटल की कटौती
देवा क्षेत्र के घेरी निवासी मंगल सिंह बताते हैं कि वह साधन सहकारी समिति पवैयाबाद पर धान लेकर गए थे लेकिन वहां पर तैनात क्रय केंद्र प्रभारी ने धान घटिया बताकर वापस कर दिया। मजबूरन धान निजी व्यापारी को एक हजार रुपये क्विंटल के हिसाब से बेचना पड़ा। सलारपुर निवासी शिवमंगल बताते हैं कि जब खरीद केन्द्र पर धान लेकर गया तो जगह न होने की बात कहकर वापस कर दिया गया और एक निजी राइस मिल पर भेज दिया। वहां पर धान 48 क्विंटल निकला बाद में छह क्विंटल की कटौती कर 42 क्विंटल की पर्ची दे दी गई। बैसुआ निवासी शिवकुमार यादव बताते हैं कि क्रय केंद्र प्रभारी 50 रुपये प्रति क्विंटल की मांग करते हैं मांग पूरी नहीं करने पर कई-कई दिनों तक दौड़ाते हैं।


किसानों का धान घोषित समर्थन मूल्य 1410 रुपये में सभी क्रय  केंद्रों पर खरीद जा रहा है। सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को आदेश दिया गया  है कि वह सीधे किसानों से ही धान की खरीद करेंगे। इसमें लापरवाही पाए जाने  पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रभाकांत द्विवेदी, जिला विपणन अधिकारी
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