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Barabanki News: अपहरण व दुष्कर्म के आरोपी को मुफ्त कानूनी सहायता के आदेश
Sat, 23 May 2026 01:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 23 May 2026 01:29 AM IST
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बाराबंकी। फतेहपुर क्षेत्र में किशोरी के अपहरण, दुष्कर्म और धमकी देने के मामले में अदालत ने आरोपी को मुफ्त विधिक सहायता उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। चीफ डिफेंस काउंसिल उसके केस की पैरवी करेंगे। मामला फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र का है, जहां एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 13 वर्षीय भतीजी 18 मार्च को घर से निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी।
बाद में पड़ोसी गांव बनारस निवासी रंगोली कश्यप सहित तीन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी अनिल कुमार उर्फ रंगोली कश्यप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्राण विजय सिंह की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अभियुक्त रंगोली कश्यप ने अदालत को बताया कि उसने अपनी ओर से कोई अधिवक्ता नियुक्त नहीं किया है। इस पर अदालत ने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा-12 का हवाला देते हुए आरोपी को मुफ्त कानूनी सहायता दिए जाने का आदेश पारित किया।
न्यायालय ने कहा कि जब तक आरोपी की ओर से निजी अधिवक्ता नियुक्त नहीं किया जाता, तब तक चीफ डिफेंस काउंसिल उसकी ओर से मुकदमे की पैरवी करेंगे। अदालत ने यह भी कहा कि बचाव पक्ष निर्धारित तिथि से पूर्व मुकदमे की तैयारी सुनिश्चित करे ताकि सुनवाई प्रभावित न हो।
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बाद में पड़ोसी गांव बनारस निवासी रंगोली कश्यप सहित तीन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी अनिल कुमार उर्फ रंगोली कश्यप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्राण विजय सिंह की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अभियुक्त रंगोली कश्यप ने अदालत को बताया कि उसने अपनी ओर से कोई अधिवक्ता नियुक्त नहीं किया है। इस पर अदालत ने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा-12 का हवाला देते हुए आरोपी को मुफ्त कानूनी सहायता दिए जाने का आदेश पारित किया।
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न्यायालय ने कहा कि जब तक आरोपी की ओर से निजी अधिवक्ता नियुक्त नहीं किया जाता, तब तक चीफ डिफेंस काउंसिल उसकी ओर से मुकदमे की पैरवी करेंगे। अदालत ने यह भी कहा कि बचाव पक्ष निर्धारित तिथि से पूर्व मुकदमे की तैयारी सुनिश्चित करे ताकि सुनवाई प्रभावित न हो।
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