{"_id":"629bb158d986ed242f4a585c","slug":"one-suspend-barabanki-news-lko633754121","type":"story","status":"publish","title_hn":"भ्रष्टाचार व शासकीय कार्य में लापरवाही पर लेखपाल निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भ्रष्टाचार व शासकीय कार्य में लापरवाही पर लेखपाल निलंबित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटवासड़क (बाराबंकी)। शासकीय कार्य में लापरवाही बरतने और भ्रष्टाचार के आरोप में शनिवार को एसडीएम ने एक लेखपाल को निलंबित कर दिया है। एसडीएम की इस कार्रवाई से अन्य लेखपालों में हड़कंप मच गया है।
एसडीएम विजय कुमार त्रिवेदी ने शनिवार को सेमरी में तैनात लेखपाल शिवपूजन दुबे को निलंबित कर दिया है। वह पिछले पांच साल से बांसगांव में तैनात था। लेखपाल की माने तो इस दौरान गांव के ही जितेंद्र से उनके पारिवारिक संबंध हो गए थे।
दो वर्ष पूर्व जितेंद्र ने अपनी बहन की शादी के लिए 50 हजार रुपये उधार लिए थे। जिसे वह पंचायत चुनाव के दौरान वापस कर रहे थे। तब गांव के ही किसी व्यक्ति ने उसका वीडियो बना लिया था तथा उसी वीडियो के आधार पर गांव के कुछ लोग उनसे अवैधानिक कार्य करवाना चाहते थे।
विज्ञापन
जिसे न करने पर उन लोगों ने दो माह पूर्व उस वीडियो को अधिकारियों को देकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके आधार पर उन्हें निलंबित किया गया है। जबकि जितेंद्र शपथ पत्र देकर रुपये उधार लेने की बात स्वीकार कर रहे हैं। एसडीएम ने बताया कि लेखपाल को निलंबित कर मामले की जांच कराई जा रही है। संवाद
विज्ञापन
एसडीएम विजय कुमार त्रिवेदी ने शनिवार को सेमरी में तैनात लेखपाल शिवपूजन दुबे को निलंबित कर दिया है। वह पिछले पांच साल से बांसगांव में तैनात था। लेखपाल की माने तो इस दौरान गांव के ही जितेंद्र से उनके पारिवारिक संबंध हो गए थे।
विज्ञापन
दो वर्ष पूर्व जितेंद्र ने अपनी बहन की शादी के लिए 50 हजार रुपये उधार लिए थे। जिसे वह पंचायत चुनाव के दौरान वापस कर रहे थे। तब गांव के ही किसी व्यक्ति ने उसका वीडियो बना लिया था तथा उसी वीडियो के आधार पर गांव के कुछ लोग उनसे अवैधानिक कार्य करवाना चाहते थे।
विज्ञापन
जिसे न करने पर उन लोगों ने दो माह पूर्व उस वीडियो को अधिकारियों को देकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके आधार पर उन्हें निलंबित किया गया है। जबकि जितेंद्र शपथ पत्र देकर रुपये उधार लेने की बात स्वीकार कर रहे हैं। एसडीएम ने बताया कि लेखपाल को निलंबित कर मामले की जांच कराई जा रही है। संवाद