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नहीं सुधरे बैंकों के हालात, शोपीस बने एटीएम

Thu, 08 Dec 2016 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Thu, 08 Dec 2016 11:40 PM IST
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Not improve the situation of banks, ATMs became the showpiece
बैंकों व एटीएम में रुपये निकालने के लिए सुबह से शाम तक लगी रही लाइन - फोटो : अमर उजाला
नोटबंदी के एक माह बीतने के बाद भी बैंकों की हालत में सुधार नहीं हो पा रहा है। लोग पैसे जमा करने व निकालने की आस लेकर सुबह से लेकर शाम तक लाइन में खड़े रहते है लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
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बृहस्पतिवार को भी कई बैंकों व डाकघरों में दोपहर बाद ही कैश खत्म होने के चलते लोगों को बिना कैश लिए ही लौटना पड़ा। वहीं टिकैतनगर स्थित बैंक आफ इंडिया की शाखा में पैसों के लिए विवाद भी हुआ। एटीएम में भी पैसों के लिए लंबी कतारे लगी रही। 
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कैश की किल्लत दूर न होने से लोगोें की दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में बृहस्पतिवार की सुबह से ही बैंकों में पैसा जमा करने व निकालने वालें की भीड़ लगी रही। लगभग सभी बैंकों में जाने वाले लोगों को महज दो से चार हजार रुपये तक ही दिए जा सके।
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ज्यादातर लोगोें का कहना है कि जरूरत के हिसाब से पैसा न मिलने से परेशानी कम नहीं हो रही है। दोपहर बाद ही शहर व ग्रामीण क्षेत्र की अधिकांश बैंकों में कैश खतम हो गया जिससे यहां नकदी के इंतजार में घंटो से लाइन में लगे लोग बैरंग वापस लौटे।

वहीं एटीएम में भी पैसा नहीं निकलने से हर कोई संकट मेें है। एसबीआई के एटीएम को सही तरीके से काम कर रहे है लेकिन अन्य बैंकोें के एटीएम महज शोपीस बने हुए है। डाकघरों में भी कैश की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है जिससे यहां भी आने वाले लोग मायूस होकर जा रहे है।         

कैशियर की मनमानी, नहीं लिए दस रुपये के सिक्के
थाना सफदरगंज के अंतर्गत उधौली ग्रामींण बैंक का मामला खाता धारक सत्यम पुत्र रामसूरत गुरूवार को दस दस के सिक्के के 400 रुपये खाता में जमा करने गए परंतु कैशियर की मनामनी के कारण उनको वापस कर दिया इस की शिकायत शाखा प्रबंधक से की तो शाखा प्रबंधक ने पुन: नंबर देकर जमा करने को कहा परंतु कैशियर ने शाखा प्रबंधक की एक न मानी और कहा कि ले जाओ मैनेजर ही जमा करेंगे। इससे साफ  जाहिर की ग्रामीण बैंक के उच्चाधिकारी भी सिक्के के खिलाफ  हैं, जबकि खाता धारक ने यह भी बताया कि एक बार दस दस के सिक्के एक हजार रुपये जमा कर चुका है।

जबकि क्षेत्र के सभी ग्रामीण बैंको में पांच सौ रुपए दिए जाते थे तो उनमें से सौ रूपये के सिक्के जरूर दिये जाते थे। जब बैंक को जमा करने का नंबर आया तो नहीं जमा करूंगा यह कहकर लौटा दिया। उधौली शाखा एके श्रीवास्तव ने बताया कि कैशियर की मनमानी के कारण सिक्के नहीं जमा हो सके जबकि मैंने दो बार सिक्के जमा करनें के लिये कहा भी, कहा इस बारे में दिखवाकर कार्रवाई होगी।

नकदी न मिलने पर ग्रामीणों का हंगामा
बैंक आफ इंडिया टिकैतनगर की शाखा मेें भी बृहस्पतिवार को नकदी पाने के लिए ग्रामीणों ने बवाल किया। हालांकि यहां के कर्मचारियों व पुलिस ने सभी को समझा बुझाकर किसी तरह शांत कराया। वहीं सआदतगंज स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा में भी लोगों को पैसा न मिलने से हंगामा हुआ। यहां घंटो लाइन में लगे रमसहाय निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक भगवती प्रसाद पांडेय बिना नकदी के ही वापस चले गए। यहां के लोगों का आरोप है कि बैंक कर्मी अपने चहेतों को कैश दे रहे है जबकि आम लोगों की कोई सुनने वाला नहीं है। 


दस दिन से दौड़ रहे, पर नहीं मिली रकम
बनीकोडर ब्लॉक के गैरिया गांव के लोग बीते दस दिनों से नकदी पाने के लिए आस पास की बैंकों के चक्कर लगा रहे है। यहां के ग्राम प्रधान ओपी अवस्थी का कहना है कि गांव के जयप्रकाश, चंदकुमार शुक्ला, संतोष कुमार, आशीष कुमार, पन्ना, अंजनि, विजय, सुधीर, छोट्टन, भुलरू आदि ग्रामीण बीते दस दिनों से असंद्रा व देवीगंज स्थित बैंक शाखा जा रहे हैं लेकिन अभी तक किसी को पैसा नहीं मिल सका है।
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