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सीएम केयर फंड की 1.68 लाख की धनराशि दूसरे खाते में भेजी
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बाराबंकी। कोरोना से जंग के लिए बने सीएम केयर फंड को दी गई 1.68 लाख रुपये की धनराशि कॉलेज के वेतन खाते के बजाए एक शिक्षक के एकाउंट में चली गई। वैश्विक महामारी जैसे गंभीर मामले में इस प्रकार की धांधली को लेकर प्राचार्य ने मामले की शिकायत सीएम व क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी से की।
शहर के जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल पीजी कॉलेज के शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने सीएम केयर फंड में अपने अप्रैल माह के एक दिन का वेतन अपनी स्वेच्छा से दिया था। क्षेत्रीय कार्यालय को भेजे गए वेतन बिल आठ मई को पास हो गया। जिसके बाद 11 मई को शिक्षकों के खाते में अप्रैल माह का वेतन एक दिन के वेतन कटौती के साथ पहुंच गया। इसके बाद कॉलेज के प्राचार्य ने कॉलेज के एक कर्मचारी को भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में भेजकर कॉलेज के वेतन खाते से एक दिन के वेतन की कटौती के एक लाख 68 हजार 23 रुपये का बैंक ड्राफ्ट सीएम केयर फंड के नाम से बनावा लिया। बैंक भी इस खाते में पहले से धनराशि होने के कारण डीडी बना दी।
इसके बाद प्राचार्य डॉ. रामशंकर यादव ने जिलाधिकारी डॉ.आदर्श सिंह के माध्यम से बैंक ड्राफ्ट मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करा दिया। मगर, बाद बैंक से वेतन खाते का स्टेटमेंट निकाला गया तो पता चला कि शिक्षक व कर्मचारियों के कटे एक दिन के वेतन की धनराशि वेतन खाते में क्षेत्रीय कार्यालय के द्वारा भेजी ही नहीं गई है। ऐसे में जब छानबीन शुरू हुई तो पता चला कि क्षेत्रीय कार्यालय ने इस धनराशि को सीएम केयर के लिए भेजने की बजाय हाल में ही तबादले होकर आए रामनगर पीजी कॉलेज के शिक्षक डॉ. अखिलेश पटेल के खाते में भेज दी।
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इसकी जानकारी होने पर शिक्षक भी वेतन के अलावा खाते में आई धनराशि को लेकर परेशान दिखा। कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आरएस यादव ने बताया कि कोविड-19 से जुडे इस मामले में धांधली करने की शिकायत मुख्यमंत्री व क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी से कर जांच कराने की मांग की गई है।
कभी-कभी तकनीकि खामियों के चलते धनराशि भेजने में गड़बड़ी हो जाती है। इसकी सूचना मिली है। धनराशि भेजने में गलती हुई है। दूसरे खाते गई धनराशि को वापस कराने के साथ कॉलेज के वेतन खाते में भेजकर गलती सुधार की जाएगी। हालांकि कॉलेज की ओर से सीएम केयर फंड को धनराशि भेजी जा चुकी है।
डॉ. आलोक कुमार श्रीवास्तव
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी,लखनऊ
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शहर के जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल पीजी कॉलेज के शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने सीएम केयर फंड में अपने अप्रैल माह के एक दिन का वेतन अपनी स्वेच्छा से दिया था। क्षेत्रीय कार्यालय को भेजे गए वेतन बिल आठ मई को पास हो गया। जिसके बाद 11 मई को शिक्षकों के खाते में अप्रैल माह का वेतन एक दिन के वेतन कटौती के साथ पहुंच गया। इसके बाद कॉलेज के प्राचार्य ने कॉलेज के एक कर्मचारी को भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में भेजकर कॉलेज के वेतन खाते से एक दिन के वेतन की कटौती के एक लाख 68 हजार 23 रुपये का बैंक ड्राफ्ट सीएम केयर फंड के नाम से बनावा लिया। बैंक भी इस खाते में पहले से धनराशि होने के कारण डीडी बना दी।
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इसके बाद प्राचार्य डॉ. रामशंकर यादव ने जिलाधिकारी डॉ.आदर्श सिंह के माध्यम से बैंक ड्राफ्ट मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करा दिया। मगर, बाद बैंक से वेतन खाते का स्टेटमेंट निकाला गया तो पता चला कि शिक्षक व कर्मचारियों के कटे एक दिन के वेतन की धनराशि वेतन खाते में क्षेत्रीय कार्यालय के द्वारा भेजी ही नहीं गई है। ऐसे में जब छानबीन शुरू हुई तो पता चला कि क्षेत्रीय कार्यालय ने इस धनराशि को सीएम केयर के लिए भेजने की बजाय हाल में ही तबादले होकर आए रामनगर पीजी कॉलेज के शिक्षक डॉ. अखिलेश पटेल के खाते में भेज दी।
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इसकी जानकारी होने पर शिक्षक भी वेतन के अलावा खाते में आई धनराशि को लेकर परेशान दिखा। कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आरएस यादव ने बताया कि कोविड-19 से जुडे इस मामले में धांधली करने की शिकायत मुख्यमंत्री व क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी से कर जांच कराने की मांग की गई है।
कभी-कभी तकनीकि खामियों के चलते धनराशि भेजने में गड़बड़ी हो जाती है। इसकी सूचना मिली है। धनराशि भेजने में गलती हुई है। दूसरे खाते गई धनराशि को वापस कराने के साथ कॉलेज के वेतन खाते में भेजकर गलती सुधार की जाएगी। हालांकि कॉलेज की ओर से सीएम केयर फंड को धनराशि भेजी जा चुकी है।
डॉ. आलोक कुमार श्रीवास्तव
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी,लखनऊ