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72 परीक्षा केंद्रों पर प्रयोगशाला नहीं
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बाराबंकी। यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा को लेकर अपनाई गई नई व्यवस्था में बड़ी खामी सामने आई। परीक्षा केंद्र बनाए गए 95 कॉलेजों में से 72 कॉलेज ऐसे हैं जिनमें प्रयोगशालाएं तक नहीं हैं। जानकारी होने पर परीक्षा केंद्रों में बदलाव की जिम्मेदारी डीआईओएस को सौंप दी गई। वहीं, परीक्षा केंद्र में बदलाव व तिथि की स्पष्ट जानकारी न होने से परीक्षार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने प्रयोगात्मक परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर इस बार कई बदलाव किए। सबसे अहम बदलाव परीक्षा केंद्र को लेकर किया गया। इसके तहत परीक्षार्थियों को अपने कॉलेज के बजाय पहले से आवंटित केंद्र पर प्रायोगिक परीक्षा में शामिल होना था जबकि परीक्षा केंद्र बने 72 ऐसे कॉलेज हैं जिनमें हर विषय की मान्यता व प्रयोगशाला नहीं है।
इस संबंध में जब कॉलेजों के पास प्रायोगिक परीक्षा के लिए परीक्षकों की सूची आई और सीसीटीवी कैमरे की नजर में परीक्षा कराने व कंट्रोल रूम से नजर रखे जाने के निर्देश मिले तो वे परेशान हो गए। इसे लेकर 72 कॉलेजों ने अपनी शिकायतें डीआईओएस कार्यालय को उपलब्ध कराईं।
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इस संबंध में परिषद को सूचना दी गई तो वहां से डीआईओएस को परीक्षा केंद्रों में बदलाव कर निर्धारित समय सीमा में प्रायोगिक परीक्षाएं संपन्न कराने के आदेश दिए गये। उधर, इसकी जानकारी छात्रों को न होने से उन्हें काफी दिक्कतें हो रही हैं।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने प्रयोगात्मक परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर इस बार कई बदलाव किए। सबसे अहम बदलाव परीक्षा केंद्र को लेकर किया गया। इसके तहत परीक्षार्थियों को अपने कॉलेज के बजाय पहले से आवंटित केंद्र पर प्रायोगिक परीक्षा में शामिल होना था जबकि परीक्षा केंद्र बने 72 ऐसे कॉलेज हैं जिनमें हर विषय की मान्यता व प्रयोगशाला नहीं है।
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इस संबंध में जब कॉलेजों के पास प्रायोगिक परीक्षा के लिए परीक्षकों की सूची आई और सीसीटीवी कैमरे की नजर में परीक्षा कराने व कंट्रोल रूम से नजर रखे जाने के निर्देश मिले तो वे परेशान हो गए। इसे लेकर 72 कॉलेजों ने अपनी शिकायतें डीआईओएस कार्यालय को उपलब्ध कराईं।
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इस संबंध में परिषद को सूचना दी गई तो वहां से डीआईओएस को परीक्षा केंद्रों में बदलाव कर निर्धारित समय सीमा में प्रायोगिक परीक्षाएं संपन्न कराने के आदेश दिए गये। उधर, इसकी जानकारी छात्रों को न होने से उन्हें काफी दिक्कतें हो रही हैं।