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स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर एनएचम निदेशक भड़के
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Thu, 04 Aug 2016 11:31 PM IST
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स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर एनएचम निदेशक भड़के
- फोटो : अमर उजाला
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एनएचएम निदेशक और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य आलोक कुमार ने बृहस्पतिवार को दो अस्पताल, एक आंगनबाड़ी केंद्र और एक गांव पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का हाल जाना। प्रमुख सचिव को बताया गया कि प्रसव और गर्भपात कराने का पैसा लिया जाता है।
एएनएम गांव में नहीं आती हैं और आशाएं फील्ड में कार्य नहीं करती हैं। यह सुनकर मिशन निदेशक नाराज हो गए। सीएमओ को फटकार लगाते हुए डॉक्टर और एएनएम के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। जिस पर संबंधित महिला चिकित्सक को हटा दिया गया है तथा एएनएम के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य आलोक कुमार बृहस्पतिवार को सबसे पहले आंगनबाड़ी केंद्र भनौली पहुंचे। यहां पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी ली।
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ग्राम प्रधान ने बताया कि हौसला पोषण मिशन योजना का संचालन जेब से पैसा खर्च कर किया जा रहा है। महिलाओं ने बताया कि टीकाकरण तो कर दिया गया लेकिन टीका कार्ड अधूरा ही पड़ा है।
आशा के विषय में जानकारी की तो बताया गया कि वह प्रसव पीड़िता को दिखाने अस्पताल ले गई है। आशाओं ने ओआरएस तो उठा लिया है लेकिन इसका वितरण क्षेत्र में नहीं किया गया। जिस पर मिशन निदेशक नाराज हो गए और सीएमओ को व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।
मिशन निदेशक इसके बाद सीधे जैदपुर सीएचसी पहुंचे। यहां पर मौजूद जुनैद अंसारी ने बताया कि उनकी पत्नी से महिला डॉक्टर ने प्रसव कराने का 5 सौ तथा गर्भपात कराने का 12 सौ रुपया लिया था। जिस पर मिशन निदेशक ने संबंधित डॉक्टर को हटाने के साथ जांच कराए जाने के आदेश दिए हैं।
बताया गया कि संविदा पर महिला डॉक्टर कमरजहां की तैनाती सतरिख में लेकिन वह कार्य यहां पर करती हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आफताब अवकाश पर बताए गए लेकिन वह दूसरे चिकित्सक को चार्ज दिए बिना ही अवकाश पर चले गए।
प्रसव पीड़िता सोनापति ने बताया कि दो दिन से भर्ती होने के बाद भी अस्पताल से भोजन नहीं दिया गया। जबकि रजिस्टर पर भोजन दिया जाना दर्ज पाया गया। सीएमओ इस पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए जिस पर उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए मिशन निदेशक ने व्यवस्थाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए।
बाक्स
शिकायत सही मिली तो निलंबित होंगी एएनएम
मिशन निदेशक टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का हाल जानने के लिए सिद्धौर क्षेत्र के हाजीपुर गांव पहुंच गया। यहां पर ग्रामीणों से स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली तो बताया गया कि गांव में एएनएम सतीश मिश्रा की तैनाती है लेकिन वह कभी गांव नहीं आती हैं। जिससे गर्भवती महिलाओं और बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पा रहा है।
शिकायत से नाराज निदेशक ने एएनएम के खिलाफ जांच के आदेश दिए। कहा अगर शिकायत सही मिली तो निलंबित किया जाएगा। इसके बाद वह पीएचसी सिद्धौर पहुंचे और पूरे अस्पताल का निरीक्षण किया और जो खामियां मिलीं उन्हें दूर करने के आदेश दिए।
मिशन निदेशक को निरीक्षण के दौरान कई जगहाें पर खामियां मिली हैं जिन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रसव और गर्भपात के नाम पर पैसा लेने वाली महिला चिकित्सक को हटा दिया गया है इसके साथ ही गांव में तैनात एएनएम के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। -डॉ. सतीश चन्द्रा, सीएमओ
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एएनएम गांव में नहीं आती हैं और आशाएं फील्ड में कार्य नहीं करती हैं। यह सुनकर मिशन निदेशक नाराज हो गए। सीएमओ को फटकार लगाते हुए डॉक्टर और एएनएम के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। जिस पर संबंधित महिला चिकित्सक को हटा दिया गया है तथा एएनएम के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य आलोक कुमार बृहस्पतिवार को सबसे पहले आंगनबाड़ी केंद्र भनौली पहुंचे। यहां पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी ली।
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ग्राम प्रधान ने बताया कि हौसला पोषण मिशन योजना का संचालन जेब से पैसा खर्च कर किया जा रहा है। महिलाओं ने बताया कि टीकाकरण तो कर दिया गया लेकिन टीका कार्ड अधूरा ही पड़ा है।
आशा के विषय में जानकारी की तो बताया गया कि वह प्रसव पीड़िता को दिखाने अस्पताल ले गई है। आशाओं ने ओआरएस तो उठा लिया है लेकिन इसका वितरण क्षेत्र में नहीं किया गया। जिस पर मिशन निदेशक नाराज हो गए और सीएमओ को व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।
मिशन निदेशक इसके बाद सीधे जैदपुर सीएचसी पहुंचे। यहां पर मौजूद जुनैद अंसारी ने बताया कि उनकी पत्नी से महिला डॉक्टर ने प्रसव कराने का 5 सौ तथा गर्भपात कराने का 12 सौ रुपया लिया था। जिस पर मिशन निदेशक ने संबंधित डॉक्टर को हटाने के साथ जांच कराए जाने के आदेश दिए हैं।
बताया गया कि संविदा पर महिला डॉक्टर कमरजहां की तैनाती सतरिख में लेकिन वह कार्य यहां पर करती हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आफताब अवकाश पर बताए गए लेकिन वह दूसरे चिकित्सक को चार्ज दिए बिना ही अवकाश पर चले गए।
प्रसव पीड़िता सोनापति ने बताया कि दो दिन से भर्ती होने के बाद भी अस्पताल से भोजन नहीं दिया गया। जबकि रजिस्टर पर भोजन दिया जाना दर्ज पाया गया। सीएमओ इस पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए जिस पर उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए मिशन निदेशक ने व्यवस्थाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए।
बाक्स
शिकायत सही मिली तो निलंबित होंगी एएनएम
मिशन निदेशक टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का हाल जानने के लिए सिद्धौर क्षेत्र के हाजीपुर गांव पहुंच गया। यहां पर ग्रामीणों से स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली तो बताया गया कि गांव में एएनएम सतीश मिश्रा की तैनाती है लेकिन वह कभी गांव नहीं आती हैं। जिससे गर्भवती महिलाओं और बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पा रहा है।
शिकायत से नाराज निदेशक ने एएनएम के खिलाफ जांच के आदेश दिए। कहा अगर शिकायत सही मिली तो निलंबित किया जाएगा। इसके बाद वह पीएचसी सिद्धौर पहुंचे और पूरे अस्पताल का निरीक्षण किया और जो खामियां मिलीं उन्हें दूर करने के आदेश दिए।
मिशन निदेशक को निरीक्षण के दौरान कई जगहाें पर खामियां मिली हैं जिन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रसव और गर्भपात के नाम पर पैसा लेने वाली महिला चिकित्सक को हटा दिया गया है इसके साथ ही गांव में तैनात एएनएम के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। -डॉ. सतीश चन्द्रा, सीएमओ