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Barabanki News: नई रखी पुरानी खराब, फ्री जांच के दावे खोखले
Sun, 09 Nov 2025 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 09 Nov 2025 12:35 AM IST
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बाराबंकी। जिला अस्पताल में मुफ्त जांच की सुविधा केवल दावों तक सीमित रह गई है। एक्सरे जांच के लिए मरीज तीन-तीन दिन से चक्कर काट रहे हैं, मगर अस्पताल प्रशासन उदासीन बना हुआ है। हर दस जांच के बाद यह पुरानी मशीन ठप हो जाती है और फिर घंटों तक कोई समाधान नहीं निकलता।
हैरानी की बात यह है कि अस्पताल में करीब छह महीने पहले नई एक्सरे मशीन लाई गई थी, लेकिन उसे अब तक शुरू नहीं किया गया है।
जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को जांच के दौरान पुरानी मशीन अचानक खराब हो गई थी। तकनीशियनों ने शुक्रवार को इसे अस्थायी रूप से चालू किया, परंतु एक दर्जन मरीजों की जांच होने के बाद यह फिर बंद पड़ गई।
शनिवार को जांच कराने पहुंचे रमेश, इशराक, फलमती और राजेंद्र ने बताया कि वे तीसरे दिन भी जांच नहीं करा सके। उनका कहना है कि बार-बार आने-जाने में समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच का दावा सिर्फ दिखावा है, सुविधा तो निजी अस्पतालों में ही मिलती है।
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मरीजों ने कहा कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि मशीन बंद रहने के बावजूद कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं मिलती है; मिलता है तो सिर्फ जल्द सुधार का आश्वासन। सरकारी अस्पताल की मुफ्त जांच योजना अब केवल बोर्ड पर लिखे एक वादे तक सिमट कर रह गई है।
सीएमएस जेपी मौर्य ने बताया कि नई मशीन को जल्द ही पुराने एक्सरे कक्ष में स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खराब मशीन को बनवाया जा रहा है। व्यवस्था को सुचारु करने की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही मरीजों को राहत मिलेगी।
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हैरानी की बात यह है कि अस्पताल में करीब छह महीने पहले नई एक्सरे मशीन लाई गई थी, लेकिन उसे अब तक शुरू नहीं किया गया है।
जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को जांच के दौरान पुरानी मशीन अचानक खराब हो गई थी। तकनीशियनों ने शुक्रवार को इसे अस्थायी रूप से चालू किया, परंतु एक दर्जन मरीजों की जांच होने के बाद यह फिर बंद पड़ गई।
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शनिवार को जांच कराने पहुंचे रमेश, इशराक, फलमती और राजेंद्र ने बताया कि वे तीसरे दिन भी जांच नहीं करा सके। उनका कहना है कि बार-बार आने-जाने में समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच का दावा सिर्फ दिखावा है, सुविधा तो निजी अस्पतालों में ही मिलती है।
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मरीजों ने कहा कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि मशीन बंद रहने के बावजूद कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं मिलती है
सीएमएस जेपी मौर्य ने बताया कि नई मशीन को जल्द ही पुराने एक्सरे कक्ष में स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खराब मशीन को बनवाया जा रहा है। व्यवस्था को सुचारु करने की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही मरीजों को राहत मिलेगी।