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Barabanki News: कसा शिकंजा तो घबराया मुख्तार, वकील से ऑनलाइन मुलाकात की मांग
Tue, 02 May 2023 01:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 02 May 2023 01:21 AM IST
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बाराबंकी। एंबुलेंस के फर्जी तरीके से पंजीकरण कराने से साथ गैंगस्टर के मामले में आरोपी बनाए गए माफिया मुख्तार अंसारी पर शिकंजा और कस गया है। तीन मई को एमपी एमएलए कोर्ट में गैंगस्टर के मामले में उसकी पेशी है। मुख्तार ने अदालत को पत्र लिखकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वकील से 30 मिनट की मुलाकात की गुहार लगाई है ताकि वह अपने बचाव के लिए चर्चा कर सके। पंजाब की रोपड़ जेल में बंद रहने के दौरान मुख्तार अंसारी जिस एंबुलेंस का प्रयोग करता था वह बाराबंकी के एआरटीओ ऑफिस में पंजीकृत थी। खुलासा होने के बाद मुख्तार अंसारी समेत कई लोगों के खिलाफ बीते दो अप्रैल 2021 को शहर कोतवाली में एआरटीओ पंकज कुमार सिंह की तहरीर पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था। सभी आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। पुलिस की रिपोर्ट पर डीएम ने 24 मार्च 2022 को गैंगचार्ट पर अनुमोदन दे दिया और 25 मार्च 2022 को शहर कोतवाल सुरेश पांडेय ने मुख्तार अंसारी और उसके साथियों के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया। इसकी जांच देवा कोतवाल पंकज कुमार सिंह ने पूरी की और बीते जनवरी माह में इस मामले में एमपी एमएलए कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल हो चुका है। इस आरोप पत्र में पुलिस ने मुख्तार पर जेल में बंद रहकर भी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने का आरोप लगाया, केस ट्रायल पर है और आरोपों पर बहस होनी है। बीते 25 अप्रैल को पेशी हो चुकी है और अगली सुनवाई 3 मई को है।
इसी दौरान मुख्तार ने अपने वकील के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनके ऊपर मौके पर तमाम प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। अधिवक्ता व मिलने जुलने वालों पर रोक लगा दी गई है। इससे वह अपना बचाव नहीं कर पा रहा है। अदालत से मांग की गई है कि वकील से 30 मिनट की मुलाकात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई जाए। पुलिस के अनुसार आरोप पत्र दाखिल होने के बाद मुख्तार की पांच पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई हैं।
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इसी दौरान मुख्तार ने अपने वकील के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनके ऊपर मौके पर तमाम प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। अधिवक्ता व मिलने जुलने वालों पर रोक लगा दी गई है। इससे वह अपना बचाव नहीं कर पा रहा है। अदालत से मांग की गई है कि वकील से 30 मिनट की मुलाकात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई जाए। पुलिस के अनुसार आरोप पत्र दाखिल होने के बाद मुख्तार की पांच पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई हैं।
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