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Barabanki News: मां के हत्यारे की जेल में बीतेगी उम्र, राज्यपाल ने ठुकराई याचिका
Sat, 06 Jun 2026 02:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 06 Jun 2026 02:53 AM IST
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बाराबंकी। गोंडा जिले में 26 साल पहले मां की गला दबाकर हत्या करने और फिर शव को आग के हवाले कर साक्ष्य मिटाने वाले उम्रकैद के कैदी विनय कुमार तिवारी को समयपूर्व रिहाई की राहत नहीं मिली है। राज्यपाल ने उसकी दया याचिका ठुकराई दी। अब उसे पूरी उम्र जेल में बीतना पड़ेगा।
गोंडा जिले के मनकापुर क्षेत्र के मिश्रन पुरवा मजरे जिगना गांव निवासी विनय कुमार तिवारी ने संपत्ति को लेकर नौ मई 2010 को मां कौशल्या देवी की गला दबाकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद उसने शव पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी थी, ताकि सबूत मिट सकें। मामले की सुनवाई के बाद गोंडा की अदालत ने 31 अक्तूबर 2011 को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
इसके बाद उच्च न्यायालय में दायर अपील भी खारिज हो गई और 16 मई 2013 को सजा बरकरार रखी गई। वर्तमान में बाराबंकी जिला कारागार में निरुद्ध विनय 17 वर्ष से अधिक समय जेल में बिता चुका है। उसने दया याचिका के तहत समयपूर्व रिहाई का आवेदन किया था। मामले की गंभीरता और उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर राज्यपाल ने मां की हत्या को जघन्य अपराध मानते हुए याचिका ठुकरा दी।
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गोंडा जिले के मनकापुर क्षेत्र के मिश्रन पुरवा मजरे जिगना गांव निवासी विनय कुमार तिवारी ने संपत्ति को लेकर नौ मई 2010 को मां कौशल्या देवी की गला दबाकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद उसने शव पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी थी, ताकि सबूत मिट सकें। मामले की सुनवाई के बाद गोंडा की अदालत ने 31 अक्तूबर 2011 को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
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इसके बाद उच्च न्यायालय में दायर अपील भी खारिज हो गई और 16 मई 2013 को सजा बरकरार रखी गई। वर्तमान में बाराबंकी जिला कारागार में निरुद्ध विनय 17 वर्ष से अधिक समय जेल में बिता चुका है। उसने दया याचिका के तहत समयपूर्व रिहाई का आवेदन किया था। मामले की गंभीरता और उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर राज्यपाल ने मां की हत्या को जघन्य अपराध मानते हुए याचिका ठुकरा दी।
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