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Barabanki News: बेटी को सीने से चिपकाए रही मां

Wed, 23 Apr 2025 01:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Wed, 23 Apr 2025 01:49 AM IST
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Mother holding her daughter close to her chest
मसौली थाना क्षेत्र के पूरेजबर गांव में खाना बनाते समय लगी आग के बाद बिखरा पड़ा छप्पर व सामान। 
त्रिलोकपुर (बाराबंकी)। जबरपुरवा मजरे त्रिलोकपुर में सिलिंडर फटने से दो बेटियों संग हुई मां की मौत ने हर किसी की आंखें नम कर दी। हर कोई इस दिल दहला देने वाले जानलेवा हादसे से विचलित दिखा।
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आग बुझने के बाद की तस्वीर जिसने देखी वह उसे भुला नहीं पा रहा। जब आग बुझी तो सबने देखा कि राजमल की पत्नी पिंकी अपनी आठ माह की पुत्री दीपाली को अपने सीने से लगाए हुए बैठी थी। जबकि चार वर्षीय पुत्री शिवानी बगल में पड़ी थी। ऐसा लग रहा था मानों पिंकी ने आग से जल रहे छप्पर को गिरते देखा होगा तो उसने पुत्रियों को अपनी आगोश में लेकर बचाव किया होगा। एक मां अपने बच्चों को मरते दम तक किस तरह सुरक्षित रखने के लिए छटपटाई होगी। इसका भी अहसास लोगों ने किया।
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जब सिलिंडर फटने के बाद आग लगी उस समय राजमल घर के बाहर था। वह पत्नी बच्चों को बचाने के लिए घर के अंदर जा घुसा। पहले पुत्र ओंकार दिखा तो उसे बाहर निकाला। पत्नी व बेटियों को निकालने के लिए दोबारा गया तब तक आग से जलता छप्पर गिर गया। उसके नीचे दबकर पत्नी व बेटियों ने झुलसकर दम तोड़ दिया।
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राजमल विश्वकर्मा (लोहर) का पुश्तैनी घर जबर पुरवा में है। जबकि उसके बड़े भाई राज किशोर की ससुराल बरैया गांव में है। छोटे भाई धीरज अपने मामा के गांव भिखारीपुरवा में रहते हैं। राजमल पांच साल पहले बरैया से परिवार के साथ पूरेजबर आया था। वह ईंट की दीवारों पर छप्पर रखकर रह रहा था। उसने पीएम आवास के लिए आवेदन भी किया था। लेकिन अभी तक आवास नहीं मिला। उज्जवला रसोई गैस सिलिंडर भी नहीं मिला। ऐसे में परिवार का भोजन पांच किलो वाले छोटे सिलिंडर या लकड़ी कंडे के चूल्हे में पकाया जाता था।
पत्नी व बेटियों को बचाने की कोशिश में राजमल भी 80 प्रतिशत तक झुलस गया। लेकिन वह अपने तीन वर्षीय पुत्र ओंकार को बचाने में सफल रहा। 80 प्रतिशत झुलसने के कारण राजमल की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि ओंकार 20 प्रतिशत तक ही झुलसा है। इसलिए वह खतरे से बाहर है। राजमल को कुछ हुआ तो घर का चिराग ओंकार ही बचेगा। यह बातें गांव के हर किसी के मुंह से सुनने को मिल रही थी।

जबरपुरवा की घटना पर डीएम शशांक त्रिपाठी ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि राजमल का बेहतर इलाज कराने के लिए लखनऊ ट्रामा सेंटर में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से लगातार संपर्क रखने को कहा गया है। पीड़ित परिवार को पूरी मदद व आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।
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