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Barabanki News: असाध्य रोगों का इलाज कराने में विधायक हुए कंजूस
Wed, 18 Dec 2024 12:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 18 Dec 2024 12:32 AM IST
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बाराबंकी। हृदय रोग, कैंसर जैसे असाध्य रोगों का इलाज कराने के लिए विधायक अपनी विकास निधि से जरूरतमंदों को मदद कर सकें, इसके लिए वर्ष 2013 में नया प्राविधान शुरू किया गया था। शुरुआत में तो लोगों की मदद के लिए विधायक बढ़ चढ़कर आगे आए, लेकिन अब धीरे-धीरे ज्यादातर विधायक इलाज में अपनी निधि खर्च करने से बच रहे हैं। बाराबंकी जिले की बात करें तो दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक और राज्यमंत्री ही जरूरतमंदों का इलाज करने में सबसे ज्यादा निधि खर्च कर रहे हैं। इनके अलावा रामनगर विधायक ने सिर्फ एक का इलाज कराया है। अन्य सभी विधायकों का ग्राफ शून्य है।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में राज्यमंत्री सतीश शर्मा ने अपनी निधि से 14 लाेगों को असाध्य रोगों के इलाज के लिए 13.313 लाख रुपये मुहैया कराए। वर्ष 2023-24 में 11 लोगों को 8.45 लाख रुपये विकास निधि से दिए। वर्ष 2024-25 में राज्यमंत्री अब तक तीन लोगों को 1.25 लाख रुपये इलाज के लिए दे चुके हैं। रामनगर विधायक फरीद महफूज किदवई ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में डेढ़ लाख रुपये की सहायता एक महिला मरीज को मुहैया कराई थी। इसके बाद से इन्होंने भी विकास निधि से किसी मरीज को मदद नहीं की है। सदर विधायक धर्मराज सिंह यादव, जैदपुर विधायक गौरव रावत, हैदरगढ़ विधायक दिनेश रावत व कुर्सी विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा ने विकास निधि से इलाज के नाम पर पिछले तीन वर्षों में एक भी रुपया खर्च नहीं किया है।
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इन असाध्य रोगों में कर सकते हैं मदद
हृदय रोग में पेसमेकर्स, टीएमटी, इकोकार्डियोग्राफी, एनजीयोप्लोस्टी, एथीरेक्टोमी, जन्मजात हृदय रोग की शल्य चिकित्सा, हृदय प्रत्यारोपण। कैंसर में रेडियेशन उपचार, एंटी कैंसर कीमोथैरेपी एवं सर्जरी। गुर्दा रोग में डायलिसिस तथा इससे संबंधी अन्य इलाज। अस्थि रोग में आर्टी फिशियल प्रोस्थेसिस फार लिम्स, कूल्हे व घुटने के जोड़, रीप्लेसमेंट के लिए इम्प्लाइंट आदि।
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मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मदद दिलाने को खूब किया पत्राचार
जिले के विधायक मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मदद दिलाने के लिए पत्राचार में खूब आगे रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले के मंत्री और विधायकों के साथ अन्य कई मंत्रियों व विधायकों ने भी पत्राचार किया है। इस वर्ष 872 प्रार्थना पत्र डीएम कार्यालय पर प्राप्त हो चुके हैं।
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तहसीलवार आए प्रार्थना पत्र
नवाबगंज- 384
हैदरगढ़- 158
फतेहपुर- 130
रामसनेहीघाट- 106
रामनगर- 44
सिरौलीगौसपुर- 50
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विधायकों की ओर से प्राप्त होने वाले प्रस्तावों के अनुसार धनराशि अवमुक्त की जाती है। जिन विधायको ने इलाज के लिए प्रस्ताव दिया, उन्हें मदद मुहैया कराई गई है।
- मनीष कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए
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वित्तीय वर्ष 2022-23 में राज्यमंत्री सतीश शर्मा ने अपनी निधि से 14 लाेगों को असाध्य रोगों के इलाज के लिए 13.313 लाख रुपये मुहैया कराए। वर्ष 2023-24 में 11 लोगों को 8.45 लाख रुपये विकास निधि से दिए। वर्ष 2024-25 में राज्यमंत्री अब तक तीन लोगों को 1.25 लाख रुपये इलाज के लिए दे चुके हैं। रामनगर विधायक फरीद महफूज किदवई ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में डेढ़ लाख रुपये की सहायता एक महिला मरीज को मुहैया कराई थी। इसके बाद से इन्होंने भी विकास निधि से किसी मरीज को मदद नहीं की है। सदर विधायक धर्मराज सिंह यादव, जैदपुर विधायक गौरव रावत, हैदरगढ़ विधायक दिनेश रावत व कुर्सी विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा ने विकास निधि से इलाज के नाम पर पिछले तीन वर्षों में एक भी रुपया खर्च नहीं किया है।
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इन असाध्य रोगों में कर सकते हैं मदद
हृदय रोग में पेसमेकर्स, टीएमटी, इकोकार्डियोग्राफी, एनजीयोप्लोस्टी, एथीरेक्टोमी, जन्मजात हृदय रोग की शल्य चिकित्सा, हृदय प्रत्यारोपण। कैंसर में रेडियेशन उपचार, एंटी कैंसर कीमोथैरेपी एवं सर्जरी। गुर्दा रोग में डायलिसिस तथा इससे संबंधी अन्य इलाज। अस्थि रोग में आर्टी फिशियल प्रोस्थेसिस फार लिम्स, कूल्हे व घुटने के जोड़, रीप्लेसमेंट के लिए इम्प्लाइंट आदि।
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मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मदद दिलाने को खूब किया पत्राचार
जिले के विधायक मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मदद दिलाने के लिए पत्राचार में खूब आगे रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले के मंत्री और विधायकों के साथ अन्य कई मंत्रियों व विधायकों ने भी पत्राचार किया है। इस वर्ष 872 प्रार्थना पत्र डीएम कार्यालय पर प्राप्त हो चुके हैं।
तहसीलवार आए प्रार्थना पत्र
नवाबगंज- 384
हैदरगढ़- 158
फतेहपुर- 130
रामसनेहीघाट- 106
रामनगर- 44
सिरौलीगौसपुर- 50
विधायकों की ओर से प्राप्त होने वाले प्रस्तावों के अनुसार धनराशि अवमुक्त की जाती है। जिन विधायको ने इलाज के लिए प्रस्ताव दिया, उन्हें मदद मुहैया कराई गई है।
- मनीष कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए