{"_id":"597f716c4f1c1bd1738b4742","slug":"minor-cut-700-bigha-crop-submerged","type":"story","status":"publish","title_hn":"माइनर कटी, 700 बीघा फसल जलमग्न ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माइनर कटी, 700 बीघा फसल जलमग्न
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Mon, 31 Jul 2017 11:35 PM IST
विज्ञापन
पानी में डूबी फसल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते रविवार देर रात प्यारेपुर गांव के पास प्यारेपुर रजबहा करीब पांच मीटर कट गया, जिससे आसपास की करीब 700 बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई। खेतों में चारों तरफ पानी ही पानी दिख रहा है। ग्रामीणों ने कटान बंद करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। सोमवार को ग्रामीणों ने रजबहा कटने की जानकारी सिंचाई विभाग को दी, लेकिन शाम तक विभागीय कर्मी मौके पर नहीं पहुंचे।
विकास खंड रामनगर के सुढ़ियामऊ क्षेत्र में प्यारेपुर गांव के पास रविवार की रात प्यारेपुर रजबहा पुलिया से करीब पचास मीटर की दूरी पर कट गया, जिससे रजबहा का पानी आसपास के खेतों में भर गया। सोमवार की सुबह खेत गए एक ग्रामीण ने खेतों में पानी भरा देख ग्रामीणों को रजबहा कटने की जानकारी दी।
इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कटे रजबहा को बांधने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। ग्रामीणों ने रजबहा कटने की जानकारी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को दी, लेकिन मौके पर देर शाम तक कोई नहीं पहुंचा। रजबहा कटने से किसानों की करीब 700 बीघा फसल जलमग्न हो गई। जिसमें ग्राम बहापुर निवासी रामुकमार, प्रदीप, कैलाश, प्यारेपुर गांव निवासी कपिल, सतीश, रमेश, कुलदीप, राजेंद्र प्रताप, श्रीकेशन, उपेंद्र आदि की धान की फसल पानी में डूब गई है।
विज्ञापन
खेतों में पानी भर जाने से तीन गांवों प्यारेपुर, बहापुर, सिहाली गांव के किसान प्रभावित हुए हैं। पानी खेतों से होता हुआ सिहाली कस्बे तक पहुंच गया। ग्रामीणों ने बताया कि फसल पानी में ज्यादा दिन डूबे रहने से नष्ट हो जाएगी। ग्रामीण दोपहर बाद तक कटे रजबहा को बांधने मेें जुटे रहे। लेकिन रजबहा कटने की शिकायत के बाद भी विभागीय कर्मी मौके पर नहीं पहुंचे।
अधिशासी अभियंता सिंचाई सुप्रभात सिंह ने कहा कि किसान खेत की सिंचाई करने के लिए रजबहा की पटरी को काट लेते हैं। सिंचाई के बाद उसकी ठीक से पटान नहीं करते हैं। जिससे पानी का दबाव बढ़ने पर रजबहा कट जाता है। अनुरक्षण कार्य किया जाता है। अनुरक्षण कार्य मेें रजबहा की पटरी दुरुस्त पाई गई थी। प्यारेपुर रजबहा की कटान को पाटने के लिए पानी को रोककर कर्मचारियों को भेजा गया है। जल्द ही पटान करा दी जाएगी।
विज्ञापन
विकास खंड रामनगर के सुढ़ियामऊ क्षेत्र में प्यारेपुर गांव के पास रविवार की रात प्यारेपुर रजबहा पुलिया से करीब पचास मीटर की दूरी पर कट गया, जिससे रजबहा का पानी आसपास के खेतों में भर गया। सोमवार की सुबह खेत गए एक ग्रामीण ने खेतों में पानी भरा देख ग्रामीणों को रजबहा कटने की जानकारी दी।
विज्ञापन
इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कटे रजबहा को बांधने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। ग्रामीणों ने रजबहा कटने की जानकारी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को दी, लेकिन मौके पर देर शाम तक कोई नहीं पहुंचा। रजबहा कटने से किसानों की करीब 700 बीघा फसल जलमग्न हो गई। जिसमें ग्राम बहापुर निवासी रामुकमार, प्रदीप, कैलाश, प्यारेपुर गांव निवासी कपिल, सतीश, रमेश, कुलदीप, राजेंद्र प्रताप, श्रीकेशन, उपेंद्र आदि की धान की फसल पानी में डूब गई है।
विज्ञापन
खेतों में पानी भर जाने से तीन गांवों प्यारेपुर, बहापुर, सिहाली गांव के किसान प्रभावित हुए हैं। पानी खेतों से होता हुआ सिहाली कस्बे तक पहुंच गया। ग्रामीणों ने बताया कि फसल पानी में ज्यादा दिन डूबे रहने से नष्ट हो जाएगी। ग्रामीण दोपहर बाद तक कटे रजबहा को बांधने मेें जुटे रहे। लेकिन रजबहा कटने की शिकायत के बाद भी विभागीय कर्मी मौके पर नहीं पहुंचे।
अधिशासी अभियंता सिंचाई सुप्रभात सिंह ने कहा कि किसान खेत की सिंचाई करने के लिए रजबहा की पटरी को काट लेते हैं। सिंचाई के बाद उसकी ठीक से पटान नहीं करते हैं। जिससे पानी का दबाव बढ़ने पर रजबहा कट जाता है। अनुरक्षण कार्य किया जाता है। अनुरक्षण कार्य मेें रजबहा की पटरी दुरुस्त पाई गई थी। प्यारेपुर रजबहा की कटान को पाटने के लिए पानी को रोककर कर्मचारियों को भेजा गया है। जल्द ही पटान करा दी जाएगी।