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Barabanki News: बाढ़ में बहे गांव और बंद चीनी मिल के छह स्कूलों का विलय
Wed, 06 Nov 2024 01:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 06 Nov 2024 01:23 AM IST
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बाराबंकी। जिले के छह परिषदीय विद्यालय के भवन और बच्चे ना होने से उनके यू डायस कोड को औपचारिकता निभाने के लिए दूसरे स्कूलों में विलय किया गया है। ताकि इन स्कूलों के नाम पर मिलने वाली कंपोजिट धनराशि व अन्य योजनाओं का फायदा मिल सके। इनमें एक स्कूल बंद पड़ी चीनी मिल का तो बाकी सभी स्कूल सरयू की बाढ़ प्रभावित गांवों के हैं, जो कटान के कारण बह गए हैं।
पूरे डलई ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नैपुरा पिछले साल बाढ़ में बहने के बाद इस स्कूल को इसी गांव के कंपोजिट विद्यालय में, मांझा रायपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय को गांव के ही उच्च प्राथमिक विद्यालय में विलय किया गया है। सूरतगंज ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय सरसंडा को भी गांव के ही उच्च प्राथमिक विद्यालय में, प्राथमिक विद्यालय खुज्झी को पड़ोस के गांव जमका के प्राथमिक विद्यालय में विलय किया गया है जबकि रामनगर ब्लॉक में बंद पड़ी बुढ़वल चीनी मिल के अंदर संचालित विद्यालय को इसी गांव के प्राथमिक विद्यालय में विलय किया गया है।
बीएसए संतोष देव पांडेय ने बताया कि इन स्कूलों का 50 से कम बच्चों की संख्या वाले स्कूलों से कोई लेना-देना नहीं। इनमें में से पांच स्कूलों के भवन बाढ़ में बह गए थे और चीनी मिल का स्कूल सालों से संचालित नहीं हो रहा है। इनके यू डायस कोड थे लेकिन स्कूल नहीं चलने के कारण इन्हें दूसरे स्कूलों में विलय किया गया है। यह आदेश पिछले माह अक्तूबर में हुआ था।
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पूरे डलई ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नैपुरा पिछले साल बाढ़ में बहने के बाद इस स्कूल को इसी गांव के कंपोजिट विद्यालय में, मांझा रायपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय को गांव के ही उच्च प्राथमिक विद्यालय में विलय किया गया है। सूरतगंज ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय सरसंडा को भी गांव के ही उच्च प्राथमिक विद्यालय में, प्राथमिक विद्यालय खुज्झी को पड़ोस के गांव जमका के प्राथमिक विद्यालय में विलय किया गया है जबकि रामनगर ब्लॉक में बंद पड़ी बुढ़वल चीनी मिल के अंदर संचालित विद्यालय को इसी गांव के प्राथमिक विद्यालय में विलय किया गया है।
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बीएसए संतोष देव पांडेय ने बताया कि इन स्कूलों का 50 से कम बच्चों की संख्या वाले स्कूलों से कोई लेना-देना नहीं। इनमें में से पांच स्कूलों के भवन बाढ़ में बह गए थे और चीनी मिल का स्कूल सालों से संचालित नहीं हो रहा है। इनके यू डायस कोड थे लेकिन स्कूल नहीं चलने के कारण इन्हें दूसरे स्कूलों में विलय किया गया है। यह आदेश पिछले माह अक्तूबर में हुआ था।
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