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बुखार से किशोर की मौत के 24 घंटे बाद गांव पहुंचे डॉक्टर
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बाराबंकी। त्रिवेदीगंज क्षेत्र के मर्दापुर गांव में बुखार से किशोर की मौत के दूसरे दिन पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को ग्रामीणों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। सीएचसी अधीक्षक ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद टीम ने 30 पीड़ितों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं दी। पांच लोगों के खून का नमूने लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजे हैं।
त्रिवेदीगंज क्षेत्र के मर्दापुर गांव में बुखार से पीड़ित सौरभ की शनिवार रात उपचार के दौरान लखनऊ के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई थी। 12 दिन पहले ही बुखार से एक किशोरी की जान चली गई थी। गांव में दोबारा 25 लोगों के बीमार पड़ने की सूचना के बावजूद रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची। सोमवार को प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. ओमप्रकाश कुरील स्वास्थ्य विभाग टीम के साथ गांव पहुंचे तो लोगों ने नाराजगी जताई। उन्हें समझाकर डॉक्टरों ने बुखार से पीड़ित मोहर्रम अली, आस मोहम्मद, फूलमती, रामकरन मिश्रा, सरला देवी, काजल, शुुुभम, रामफल, कृष्णा, संजय कुमार, हरिद्वारी, कृष्ण कुमार, वासुदेव, बृजेश, रोशनी, दिव्यांशी समेत 30 लोगों का परीक्षण कर दवाएं दीं। इस दौरान ऊषा दीक्षित, हरी, रमेश, सतीश व आस मोहम्मद के खून का नमूना जांच के लिए लखनऊ भेजा गया है। मालूम हो कि छह अगस्त को भी गांव में कई लोग बुखार की चपेट में आ गए थे। उनमें शिवानी नामक किशोरी की मौत हो गई।
गंदगी के चलते बीमार पड़ रहे लोग : डॉ. कुरील
सीएचसी अधीक्षक डॉ. ओमप्रकाश कुरील ने बताया कि बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच कर उन्हें दवाएं दी गईं। पांच पीड़ितों के खून का नमूना जांच को भेजा गया है। बताया कि गांव के बीच में सुअर बाड़ा है। गलियां व नालियां गंदगी से पटी होने की वजह से लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
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इसके बाद भी नहीं हुई सफाई
बीमार से 12 दिन में दो लोगों की मौत और 50 से अधिक के बीमार पड़ने के बावजूद मर्दापुर गांव में सोमवार को भी सफाई नहीं कराई गई। अधीक्षक की मौजूदगी में एएनम रेखा ने एक बोरी ब्लीचिंग को गांव के अजय शुक्ला व राजीव मौर्या को देकर नालियों में छिड़कवाने की जिम्मेदारी दी। इसके लिए पारिश्रमिक एक सप्ताह बाद देने को कहा। एएनएम ने सफाई के लिए मिलने वाला स्वास्थ्य सुरक्षा बजट प्रधान के खाते से नहीं निकालने की शिकायत की है। ब्लॉक व तहसील प्रशासन से कोई कर्मचारी गांव नहीं पहुंचा।
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त्रिवेदीगंज क्षेत्र के मर्दापुर गांव में बुखार से पीड़ित सौरभ की शनिवार रात उपचार के दौरान लखनऊ के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई थी। 12 दिन पहले ही बुखार से एक किशोरी की जान चली गई थी। गांव में दोबारा 25 लोगों के बीमार पड़ने की सूचना के बावजूद रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची। सोमवार को प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. ओमप्रकाश कुरील स्वास्थ्य विभाग टीम के साथ गांव पहुंचे तो लोगों ने नाराजगी जताई। उन्हें समझाकर डॉक्टरों ने बुखार से पीड़ित मोहर्रम अली, आस मोहम्मद, फूलमती, रामकरन मिश्रा, सरला देवी, काजल, शुुुभम, रामफल, कृष्णा, संजय कुमार, हरिद्वारी, कृष्ण कुमार, वासुदेव, बृजेश, रोशनी, दिव्यांशी समेत 30 लोगों का परीक्षण कर दवाएं दीं। इस दौरान ऊषा दीक्षित, हरी, रमेश, सतीश व आस मोहम्मद के खून का नमूना जांच के लिए लखनऊ भेजा गया है। मालूम हो कि छह अगस्त को भी गांव में कई लोग बुखार की चपेट में आ गए थे। उनमें शिवानी नामक किशोरी की मौत हो गई।
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गंदगी के चलते बीमार पड़ रहे लोग : डॉ. कुरील
सीएचसी अधीक्षक डॉ. ओमप्रकाश कुरील ने बताया कि बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच कर उन्हें दवाएं दी गईं। पांच पीड़ितों के खून का नमूना जांच को भेजा गया है। बताया कि गांव के बीच में सुअर बाड़ा है। गलियां व नालियां गंदगी से पटी होने की वजह से लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
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इसके बाद भी नहीं हुई सफाई
बीमार से 12 दिन में दो लोगों की मौत और 50 से अधिक के बीमार पड़ने के बावजूद मर्दापुर गांव में सोमवार को भी सफाई नहीं कराई गई। अधीक्षक की मौजूदगी में एएनम रेखा ने एक बोरी ब्लीचिंग को गांव के अजय शुक्ला व राजीव मौर्या को देकर नालियों में छिड़कवाने की जिम्मेदारी दी। इसके लिए पारिश्रमिक एक सप्ताह बाद देने को कहा। एएनएम ने सफाई के लिए मिलने वाला स्वास्थ्य सुरक्षा बजट प्रधान के खाते से नहीं निकालने की शिकायत की है। ब्लॉक व तहसील प्रशासन से कोई कर्मचारी गांव नहीं पहुंचा।