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अब एक सितंबर से बांटे जाएंगे कर्जमाफी के पत्र
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Sat, 05 Aug 2017 11:46 PM IST
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ऋणमाफी संकट मोचन योजना में शासन द्वारा लाभान्वित किसानों को 16 अगस्त से दिए जाने वाले स्वीकृति पत्र की तिथि में बदलाव कर दिया गया है। यह स्वीकृति पत्र अब एक सितंबर से वितरित किए जाएंगे। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार ऋणमाफी योजना में हो रही कार्यवाही में देरी होने के कारण तिथि में बदलाव किए जाने की बात कही जा रही है।
हर बार एक नया आदेश आने से अधिकारियों को भी इससे परेशानी हो रही है। इस योजना में सिर्फ निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले किसानों को ही इसका लाभ मिले, इसको लेकर हर दिन कुछ न कुछ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से नए निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
ऋणमाफी वाले कुल 144511 किसानों का डाटा साफ्टवेयर के माध्यम से जांच किए जाने के बाद प्रशासन को मिल गया है। इसके बाद उस डाटा को संबंधित बैंकों व तहसील प्रशासन को सत्यापन के लिए भेज दिया गया है। सत्यापन के बाद इस पूरे डाटा को आठ अगस्त तक एक प्रोफार्मा पर तैयार कर देना होगा।
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साथ ही सत्यापन में अपात्र मिलने पर संबंधित कर्मचारी को उसका कारण भी बताना होगा। प्रशासन को जो डाटा जांच के बाद उपलब्ध कराया गया है, उसमें 61726 ऐसे किसान हैं, जिनका आधार व भूलेख मैपिंग की कार्यवाही सौ प्रतिशत पूरी हो चुकी है। जबकि 13736 किसान निर्धारित मानक को पूरा नही कर पाने के कारण ऋणमाफी के लाभ से वंचित हो सकते हैं। देर सबेर हो रही ऋणमाफी की कार्यवाही को लेकर अब शासन ने संबंधित किसानों को दिए जाने वाले स्वीकृति पत्र की तिथि में बदलाव करते हुए इसे एक सितंबर से वितरित किए जाने के निर्देश दिए हैं।
एनआईसी लखनऊ से जो डाटा प्रशासन को उपलब्ध हुआ है। उनमें 13736 ऐसे किसान हैं जो ऋणमाफी का लाभ पाने के लिए निर्धारित की गई गाइड लाइन के हिसाब से मानक पर खरे नहीं उतर रहे हैं। इनमें दो हेक्टेयर से ऊपर वाले 12060 किसान निकल कर सामने आए हैं, जबकि 1392 किसानों की भूमि अलग-अलग भाग में बताई गई है।
इसी प्रकार 284 किसान ऐसे हैं, जिनका संयुक्त खाता है। प्रदेश सरकार इस प्रकार प्रतिदिन डाटा को जांच कर अधिकारियों को निर्देशित कर रही है, ताकि मानक पूरा करने वाले किसानों को ही इसका लाभ मिल सके। शनिवार को एनआईसी में संस्थागत वित्त के सचिव अनुराग यादव द्वारा की गई वीडियो कांफ्रेंसिंग में अधिकारियों को कड़े दिशा निर्देश जारी किए हैं। नए दिशा निर्देशों के अनुसार अब डिस्ट्रिक कोऑपरेटिव बैंक के ऋणमाफी पाने वाले किसानों का शत-प्रतिशत वेरिफिकेशन किए जाने के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं। डीसीबी में कुल 4207 संबंधित किसान शामिल हैं।
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हर बार एक नया आदेश आने से अधिकारियों को भी इससे परेशानी हो रही है। इस योजना में सिर्फ निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले किसानों को ही इसका लाभ मिले, इसको लेकर हर दिन कुछ न कुछ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से नए निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
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ऋणमाफी वाले कुल 144511 किसानों का डाटा साफ्टवेयर के माध्यम से जांच किए जाने के बाद प्रशासन को मिल गया है। इसके बाद उस डाटा को संबंधित बैंकों व तहसील प्रशासन को सत्यापन के लिए भेज दिया गया है। सत्यापन के बाद इस पूरे डाटा को आठ अगस्त तक एक प्रोफार्मा पर तैयार कर देना होगा।
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साथ ही सत्यापन में अपात्र मिलने पर संबंधित कर्मचारी को उसका कारण भी बताना होगा। प्रशासन को जो डाटा जांच के बाद उपलब्ध कराया गया है, उसमें 61726 ऐसे किसान हैं, जिनका आधार व भूलेख मैपिंग की कार्यवाही सौ प्रतिशत पूरी हो चुकी है। जबकि 13736 किसान निर्धारित मानक को पूरा नही कर पाने के कारण ऋणमाफी के लाभ से वंचित हो सकते हैं। देर सबेर हो रही ऋणमाफी की कार्यवाही को लेकर अब शासन ने संबंधित किसानों को दिए जाने वाले स्वीकृति पत्र की तिथि में बदलाव करते हुए इसे एक सितंबर से वितरित किए जाने के निर्देश दिए हैं।
एनआईसी लखनऊ से जो डाटा प्रशासन को उपलब्ध हुआ है। उनमें 13736 ऐसे किसान हैं जो ऋणमाफी का लाभ पाने के लिए निर्धारित की गई गाइड लाइन के हिसाब से मानक पर खरे नहीं उतर रहे हैं। इनमें दो हेक्टेयर से ऊपर वाले 12060 किसान निकल कर सामने आए हैं, जबकि 1392 किसानों की भूमि अलग-अलग भाग में बताई गई है।
इसी प्रकार 284 किसान ऐसे हैं, जिनका संयुक्त खाता है। प्रदेश सरकार इस प्रकार प्रतिदिन डाटा को जांच कर अधिकारियों को निर्देशित कर रही है, ताकि मानक पूरा करने वाले किसानों को ही इसका लाभ मिल सके। शनिवार को एनआईसी में संस्थागत वित्त के सचिव अनुराग यादव द्वारा की गई वीडियो कांफ्रेंसिंग में अधिकारियों को कड़े दिशा निर्देश जारी किए हैं। नए दिशा निर्देशों के अनुसार अब डिस्ट्रिक कोऑपरेटिव बैंक के ऋणमाफी पाने वाले किसानों का शत-प्रतिशत वेरिफिकेशन किए जाने के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं। डीसीबी में कुल 4207 संबंधित किसान शामिल हैं।