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आपूर्ति में बड़ी बाधा बन रही विद्युत उपकेंद्रों पर जेई की कमी
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बाराबंकी। पावर कार्पोरेशन के अवर अभियंताओं की कमी से जिले के सभी पांच डिवीजन जूझ रहे हैं। सभी डिवीजन में 48 बिजली उपकेंद्र हैं, इसके सापेक्ष 26 अवर अभियंता है। ऐसे में 22 जेई की कमी है।
कई जगह एक-एक अवर अभियंता को दो-दो उपकेंद्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे उनके ऊपर काम का अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है। बारिश में फाल्ट अधिक होते हैं, ऐसे में बिजली बारिश में फिर उपभोक्ताओं को सताएगी।
जिले में करीब तीन लाख 94 हजार 541 उपभोक्ता है। बाराबंकी, फतेहपुर, रामसनेहीघाट, हैदरगढ व रामनगर पांच डिवीजन हैं। बाराबंकी डिवीजन में 11, फतेहपुर में 10, रामसनेहीघाट में 9 , हैदरगढ़ में 8 और रामनगर डिवीजन में 10 बिजली उपकेंद्र हैं।
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बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुचारु बनाए रखने कुल 48 उपकेंद्र और 13,148 ट्रांसफार्मर हैं। बाराबंकी डिवीजन में तीन, फतेहपुर में छह, रामसनेहीघाट में चार, हैदरगढ़ में तीन और रामनगर में छह बिजली उपकेंद्रों पर अवर अभियंता की तैनाती नहीं है।
समीपवर्ती उपकेंद्रों के जूनियर इंजीनियर को चार्ज देकर यहां का काम चलाया जा जा रहा है। अधिशासी अभियंता आरके मिश्र ने बताया कि जूनियर इंजीनियर्स को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। बिजली के तारों पर झूल रही डालियों की कटाई हो चुकी है, उपकेंद्रों का अनुरक्षण कार्य कराया जा रहा है।
अधीक्षण अभियंता संजीव राणा ने बताया कि जिले में 48 बिजली उपकेंद्र हैं, लेकिन जूनियर इंजीनियरों की कमी है। जब तक नए जूनियर इंजीनियर नहीं आते, तब तक जो जूनियर इंजीनियर हैं उन्हीं को अतिरिक्त चार्ज देकर काम चलाया जा रहा है। उपकेंद्रों की सतत मानीटरिंग व अनुरक्षण कार्य के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपकेंद्र पर किसी तरह की कोई दिक्कत न आने पाए। उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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कई जगह एक-एक अवर अभियंता को दो-दो उपकेंद्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे उनके ऊपर काम का अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है। बारिश में फाल्ट अधिक होते हैं, ऐसे में बिजली बारिश में फिर उपभोक्ताओं को सताएगी।
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जिले में करीब तीन लाख 94 हजार 541 उपभोक्ता है। बाराबंकी, फतेहपुर, रामसनेहीघाट, हैदरगढ व रामनगर पांच डिवीजन हैं। बाराबंकी डिवीजन में 11, फतेहपुर में 10, रामसनेहीघाट में 9 , हैदरगढ़ में 8 और रामनगर डिवीजन में 10 बिजली उपकेंद्र हैं।
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बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुचारु बनाए रखने कुल 48 उपकेंद्र और 13,148 ट्रांसफार्मर हैं। बाराबंकी डिवीजन में तीन, फतेहपुर में छह, रामसनेहीघाट में चार, हैदरगढ़ में तीन और रामनगर में छह बिजली उपकेंद्रों पर अवर अभियंता की तैनाती नहीं है।
समीपवर्ती उपकेंद्रों के जूनियर इंजीनियर को चार्ज देकर यहां का काम चलाया जा जा रहा है। अधिशासी अभियंता आरके मिश्र ने बताया कि जूनियर इंजीनियर्स को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। बिजली के तारों पर झूल रही डालियों की कटाई हो चुकी है, उपकेंद्रों का अनुरक्षण कार्य कराया जा रहा है।
अधीक्षण अभियंता संजीव राणा ने बताया कि जिले में 48 बिजली उपकेंद्र हैं, लेकिन जूनियर इंजीनियरों की कमी है। जब तक नए जूनियर इंजीनियर नहीं आते, तब तक जो जूनियर इंजीनियर हैं उन्हीं को अतिरिक्त चार्ज देकर काम चलाया जा रहा है। उपकेंद्रों की सतत मानीटरिंग व अनुरक्षण कार्य के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपकेंद्र पर किसी तरह की कोई दिक्कत न आने पाए। उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।