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किसान सम्मान निधि में 79 हजार मिले अपात्र
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बाराबंकी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए पंजीकरण कराने वाले किसानों में अब तक 79 हजार किसान अपात्र पाए गए हैं। इसमें से करीब छह हजार अपात्रों को सम्मान निधि की कई किस्तों का लाभ भी मिल चुका है। हालांकि अपात्र होने की जानकारी होने पर करीब पौने चार सौ किसानों ने आगे आकर 29 लाख रुपये की राशि सरकारी खजाने में वापस लौटा दी है।
जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए पांच लाख 47 हजार 570 किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है। इसमें पांच लाख छह हजार 799 किसानों को सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है। अभी तक 79 हजार अपात्र पाए गए हैं। वहीं इसमें पात्रता सूची की शर्तें पूरी न करने वाले करीब छह हजार भूमिहीन, आयकर दाता, नौकरीपेशा, पेंशनर, पति-पत्नी व मृतक भी सम्मान निधि की कई किस्तों का लाभ ले रहे थे।
मामला पकड़ में आने के बाद सरकार ने ऐसे अपात्र किसानों की सम्मान निधि रोकने के साथ उनका चिन्हीकरण कराकर राजस्व की भांति वसूली का आदेश जारी किया। इसके बाद कृषि विभाग के कर्मचारी व राजस्व कर्मियों ने टीम बनाकर उनका चिन्हीकरण कराया। इसमें से अब तक पौने चार सौ किसानों ने 29 लाख रुपये की राशि केंद्र सरकार के खजाने में लौटा दी है।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की पात्रता का ज्ञान न होने के कारण जो किसान सम्मान निधि पा रहे थे। उनको जब जानकारी हुई तो वह केंद्र सरकार के खाते में राशि लौटा रहे है। अब तक करीब पौने चार सौ किसानों ने करीब 29 लाख की राशि जमा कर दी है। वहीं अपात्रों का चिन्हीकरण करने का काम किया जा रहा है।
-अनिल कुमार सागर, उप कृषि निदेशक
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जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए पांच लाख 47 हजार 570 किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है। इसमें पांच लाख छह हजार 799 किसानों को सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है। अभी तक 79 हजार अपात्र पाए गए हैं। वहीं इसमें पात्रता सूची की शर्तें पूरी न करने वाले करीब छह हजार भूमिहीन, आयकर दाता, नौकरीपेशा, पेंशनर, पति-पत्नी व मृतक भी सम्मान निधि की कई किस्तों का लाभ ले रहे थे।
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मामला पकड़ में आने के बाद सरकार ने ऐसे अपात्र किसानों की सम्मान निधि रोकने के साथ उनका चिन्हीकरण कराकर राजस्व की भांति वसूली का आदेश जारी किया। इसके बाद कृषि विभाग के कर्मचारी व राजस्व कर्मियों ने टीम बनाकर उनका चिन्हीकरण कराया। इसमें से अब तक पौने चार सौ किसानों ने 29 लाख रुपये की राशि केंद्र सरकार के खजाने में लौटा दी है।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की पात्रता का ज्ञान न होने के कारण जो किसान सम्मान निधि पा रहे थे। उनको जब जानकारी हुई तो वह केंद्र सरकार के खाते में राशि लौटा रहे है। अब तक करीब पौने चार सौ किसानों ने करीब 29 लाख की राशि जमा कर दी है। वहीं अपात्रों का चिन्हीकरण करने का काम किया जा रहा है।
-अनिल कुमार सागर, उप कृषि निदेशक