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नहीं पहुंचे बैंक व राजस्व कर्मी, भटकते रहे किसान
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बाराबंकी। त्रिवेदीगंज ब्लॉक में आयोजित किसान समाधान दिवस में नही पहुंचे अधिकारी भटकते रहे किसा?
- फोटो : BARABANKI
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बाराबंकी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ पाने के लिए लंबे समय से दौड़ रहे किसानों की समस्या का समाधान एक छत के नीचे हो, इसके लिए ब्लॉक स्तर पर तीन दिवसीय किसान समाधान दिवस का आयोजन किया गया। मगर, पहले दिन ही जिम्मेदार अन्य विभागों के कर्मचारियों की अनुपस्थित से सरकार की यह मंशा पूरी होती नहीं दिखी। फरियादी भले ठंड में पहुंच गए। मगर, जिम्मेदारों ने किसानों को तहसील से सत्यापन और बैंक से खाते की केवाईसी कराने के नाम पर टरका दिया। हालांकि किसान समाधान दिवस में पहुंची 2670 फरियादों में से 737 का निराकरण करा दिया गया।
शासन के निर्देश पर किसानों की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की समस्या का समाधान एक स्थान पर हो सके, इसको लेकर ब्लॉक मुख्यालय पर स्थित राजकीय बीज भंडार पर तीन दिवसीय किसान समाधान दिवस का आयोजन सोमवार से किया गया। जिले के सभी 15 ब्लॉको में इसका आयोजन किया गया। इसमें राजकीय बीज भंडार के प्रभारी, प्राविधिक सहायक, बीटीएम व एटीएम के अलावा लेखपाल व बैंकों के प्रतिनिधि को मौजूद रहना था।
जिला मुख्यालय पर पल्हरी स्थित कृषि कल्याण केंद्र पर लगे शिविर में इंचार्ज अवधेश वर्मा व रामसुंदर गायब रहे। आने वाले किसानों की समस्याएं बीटीएम आशीष अग्निहोत्री व एटीएम देख रहे थे। मगर, बैंककर्मियों व लेखपालों के न आने से किसानों को सत्यापन व खाते की केवाईसी कराने को लेकर बैंक व तहसील जाने की सलाह दी गई। सिरौलीगौसपुर ब्लॉक में 167 किसान अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। जिसमें से 37 की समस्याओं का समाधान हो सका। ग्रामीण बैंक का कर्मचारी तो पहुंचा। मगर, बैंक का सर्वर यहां न खुलने के कारण कुछ देर बाद लौट गया।
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सूरतगंज ब्लाक के मुकौली स्थित कृषि कल्याण केंद्र पर करीब पांच सौ किसान पहुंचे। जिसमें से 140 किसानों की समस्या का समाधान हुआ। मगर, अधिकांश किसानों की समस्या का बैंक की केवाईसी की दिक्कत होने के कारण निस्तारण नहीं हुआ। हैदरगढ़ में किसान सम्मान दिवस में भी राजस्व कर्मियों व बैंक प्रतिनिधि न होने की दिक्कत सामने आई। ऐसे में किसानों के फॉर्म तो कृषि विभाग के कर्मचारियों ने पूरे करा दिए।
मगर, सत्यापन को लेकर लेखपाल की तलाश में किसान भटकते रहे। त्रिवेदीगंज ब्लॉक में भी कुछ ऐसा ही हाल रहा। सिद्धौर ब्लॉक के किसान समाधान दिवस में कृषि विभाग के कर्मचारी मौजूद रहकर किसानों की समस्या सुन रहे थे। अधिकांश दिक्कतें बैंक व लेखपाल के सत्यापन से जुड़ी थी। मगर, दोपहर 12 बजे तक कोई लेखपाल नहीं पहुंचा। इस पर एसडीएम से शिकायत हुई तो कई लेखपाल पहुंचे मगर कुछ देर बाद फिर गायब हो गए।
वहीं बैंक का कोई कर्मचारी भी मौजूद नहीं था। ऐसे में किसानों की समस्या का समाधान नहीं हो सका। रामनगर ब्लॉक में 342 किसानों ने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। मगर, इसमें से 84 किसानों की समस्या का समाधान कृषि विभाग के रजत वर्मा आदि कर्मचारियों ने किया। यहां पर लेखपाल मौजूद थे। पर्यवेक्षण अधिकारियों ने निरीक्षण कर समाधान दिवस की हकीकत जानी।
बाबू जी कमपूटर में देख लेव अबहीं नाही मिला सम्मान निधि वाला पइसा
बाबू जी, कमपूटर मा देख लेव अबहीं सम्मान निधि वाला पइसा हमका नाहीं मिला। बैंक से लइके अधिकारिन के हियां दौरी के थकि गऐन। मुला अबही रुपया नहीं मिला। कुछ ऐसे ही सवाल किसान समाधान दिवस में पहुंचे किसान कर रहे थे। मंजीठा की सावित्री हों या जसमंडा के सगीर, चाहे सिरालीगौसपुर के डूड़ी किसान रामकुमार सबका एक ही दर्द था। मगर बैंक के प्रतिनिधि व लेखपाल की गैर मौजूदगी के कारण इनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
वर्जन
पहले दिन 2670 शिकायतें आई थीं। इसमें से 737 का निस्तारण कर दिया गया है। सर्वर बैंक से बाहर न खुलने को लेकर दिक्कत आई है। इस बारे में एलडीएम से बात की गई है। अगले दिन से इस समस्या के निराकरण का कोई रास्ता निकाला जाएगा।
-अनिल कुमार सागर, उप कृषि निदेशक
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शासन के निर्देश पर किसानों की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की समस्या का समाधान एक स्थान पर हो सके, इसको लेकर ब्लॉक मुख्यालय पर स्थित राजकीय बीज भंडार पर तीन दिवसीय किसान समाधान दिवस का आयोजन सोमवार से किया गया। जिले के सभी 15 ब्लॉको में इसका आयोजन किया गया। इसमें राजकीय बीज भंडार के प्रभारी, प्राविधिक सहायक, बीटीएम व एटीएम के अलावा लेखपाल व बैंकों के प्रतिनिधि को मौजूद रहना था।
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जिला मुख्यालय पर पल्हरी स्थित कृषि कल्याण केंद्र पर लगे शिविर में इंचार्ज अवधेश वर्मा व रामसुंदर गायब रहे। आने वाले किसानों की समस्याएं बीटीएम आशीष अग्निहोत्री व एटीएम देख रहे थे। मगर, बैंककर्मियों व लेखपालों के न आने से किसानों को सत्यापन व खाते की केवाईसी कराने को लेकर बैंक व तहसील जाने की सलाह दी गई। सिरौलीगौसपुर ब्लॉक में 167 किसान अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। जिसमें से 37 की समस्याओं का समाधान हो सका। ग्रामीण बैंक का कर्मचारी तो पहुंचा। मगर, बैंक का सर्वर यहां न खुलने के कारण कुछ देर बाद लौट गया।
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सूरतगंज ब्लाक के मुकौली स्थित कृषि कल्याण केंद्र पर करीब पांच सौ किसान पहुंचे। जिसमें से 140 किसानों की समस्या का समाधान हुआ। मगर, अधिकांश किसानों की समस्या का बैंक की केवाईसी की दिक्कत होने के कारण निस्तारण नहीं हुआ। हैदरगढ़ में किसान सम्मान दिवस में भी राजस्व कर्मियों व बैंक प्रतिनिधि न होने की दिक्कत सामने आई। ऐसे में किसानों के फॉर्म तो कृषि विभाग के कर्मचारियों ने पूरे करा दिए।
मगर, सत्यापन को लेकर लेखपाल की तलाश में किसान भटकते रहे। त्रिवेदीगंज ब्लॉक में भी कुछ ऐसा ही हाल रहा। सिद्धौर ब्लॉक के किसान समाधान दिवस में कृषि विभाग के कर्मचारी मौजूद रहकर किसानों की समस्या सुन रहे थे। अधिकांश दिक्कतें बैंक व लेखपाल के सत्यापन से जुड़ी थी। मगर, दोपहर 12 बजे तक कोई लेखपाल नहीं पहुंचा। इस पर एसडीएम से शिकायत हुई तो कई लेखपाल पहुंचे मगर कुछ देर बाद फिर गायब हो गए।
वहीं बैंक का कोई कर्मचारी भी मौजूद नहीं था। ऐसे में किसानों की समस्या का समाधान नहीं हो सका। रामनगर ब्लॉक में 342 किसानों ने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। मगर, इसमें से 84 किसानों की समस्या का समाधान कृषि विभाग के रजत वर्मा आदि कर्मचारियों ने किया। यहां पर लेखपाल मौजूद थे। पर्यवेक्षण अधिकारियों ने निरीक्षण कर समाधान दिवस की हकीकत जानी।
बाबू जी कमपूटर में देख लेव अबहीं नाही मिला सम्मान निधि वाला पइसा
बाबू जी, कमपूटर मा देख लेव अबहीं सम्मान निधि वाला पइसा हमका नाहीं मिला। बैंक से लइके अधिकारिन के हियां दौरी के थकि गऐन। मुला अबही रुपया नहीं मिला। कुछ ऐसे ही सवाल किसान समाधान दिवस में पहुंचे किसान कर रहे थे। मंजीठा की सावित्री हों या जसमंडा के सगीर, चाहे सिरालीगौसपुर के डूड़ी किसान रामकुमार सबका एक ही दर्द था। मगर बैंक के प्रतिनिधि व लेखपाल की गैर मौजूदगी के कारण इनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
वर्जन
पहले दिन 2670 शिकायतें आई थीं। इसमें से 737 का निस्तारण कर दिया गया है। सर्वर बैंक से बाहर न खुलने को लेकर दिक्कत आई है। इस बारे में एलडीएम से बात की गई है। अगले दिन से इस समस्या के निराकरण का कोई रास्ता निकाला जाएगा।
-अनिल कुमार सागर, उप कृषि निदेशक