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भाकियू व प्रशासन के बीच पूरे दिन घमासान, शाम को माने किसान
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11 बाराबंकी। किसानों के विरोध प्रदर्शन को देेखते हुए तैनात पुलिस बल।
- फोटो : BARABANKI
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बाराबंकी। नवीन मंडी में धान की तौल कराने को लेकर भाकियू और प्रशासन के बीच पूरे दिन घमासान होता रहा। इस दौरान लखनऊ कूच कर रहे किसान रोके जाने से भड़क गए और किसान नेताओं ने केरोसिन डाल आत्मदाह का प्रयास किया। लेकिन, पुलिस और प्रशासन की सक्रियता की वजह से किसान ऐसा नहीं कर पाए। प्रशासनिक अमला पूरे दिन किसानों को मनाने में लगा रहा। शाम को लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद जाकर किसान माने और मंडी में दिया रहा धरना समाप्त किया। मुख्यमंत्री के आदेश पर ही जिलाधिकारी ने पूरे जिले में नए सिरे से टोकन जारी कर धान की तौल शुरू कराई थी। जबकि किसान दोबारा टोकन जारी करने का विरोध कर रहे थे।
धान की तौल कराने को लेकर भाकियू भानु गुट द्वारा दिए गए धरने के बाद किसानों को टोकन जारी किए गए थे। लेकिन, दो दिन पूर्व जिलाधिकारी के निर्देश पर नवीन मंडी में धान लदी खड़ी ट्रॉलियों को नए सिरे से टोकन जारी कर दिए गए। इससे किसान भड़क गए और कहा कि पहले से जो किसान खड़े हैं उन्हें नए सिरे से टोकन जारी करना पूरी तरह से गलत है। भाकियू भानु गुट के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान सोमवार को नवीन मंडी में एकत्र हो धरना देने लगे। सूचना मिलते ही भाकियू के प्रदेश प्रभारी आशू चौधरी भी पहुंच गए और किसान धान लदी ट्रॉलियों लेकर लखनऊ कूच करने लगे।
सूचना मिलते ही प्रशासन के हाथ पांव फूल गए और एडीएम संदीप गुप्ता, एएसपी आरएस गौतम मौके पर पहुंचे गए। किसान को लखनऊ जाने से रोकने के लिए मंडी के सभी गेट बंद कर दिए गए। इससे नाराज किसानों नेता आशू चौधरी, रोहित द्विवेदी ने अपने ऊपर केरोसिन डाल आत्मदाह का प्रयास किया। लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन की सक्रियता के चलते किसान नेता ऐसा नहीं कर सके। आशू ने बताया कि पहले से खड़े किसानों को दोबारा टोकन जारी कर दिया गया जिससे उन्हें अब फिर कई दिनों तक धान की तौल कराने के लिए इंतजार करना होगा। सिर्फ 35 प्रतिशत हाईब्रिड धान की तौल करना कहां का न्याय है। इसलिए सभी किसानों का धान प्राथमिकता पर तौला जाए और जो पहले आए हैं उन किसानों का धान पहले तौला जाए। एसडीएम सदर और किसान नेताओं के बीच पूरे दिन वार्ता का दौर चला। शाम को प्रशासन के लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद जाकर किसान माने और मंडी में दिया जा रहा धरना समाप्त किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष राधेरमन, अपुल वर्मा, रोहित द्विवेदी, बंशीलाल, रवि वर्मा आदि मौजूद रहे।
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किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि सफदरगंज मंडी में तैनात केंद्र प्रभारी ने सोनू नामक एक निजी कर्मी को रख रखा है जो पूरी तरह से मनमानी कर रहा है और सिर्फ 35 क्विंटल धान की तौल करने के बाद किसानों को लौटा रहा है। नवीन मंडी के कांटा नबंर दो पर भी निजी कर्मी पूरी तरह से हावी है और जिनके खिलाफ बिचौलिए का मुकदमा दर्ज किया गया है उनसे केंद्र का संचालन कराया जा रहा है। क्रय केंद्र प्रभारी पूरी तरह से मनमानी कर रहे हैं और प्रशासन की सख्ती के बाद भी सिर्फ और सिर्फ बिचौलियों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिससे किसान परेशान इन सभी के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की जाए।
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धान की तौल कराने को लेकर भाकियू भानु गुट द्वारा दिए गए धरने के बाद किसानों को टोकन जारी किए गए थे। लेकिन, दो दिन पूर्व जिलाधिकारी के निर्देश पर नवीन मंडी में धान लदी खड़ी ट्रॉलियों को नए सिरे से टोकन जारी कर दिए गए। इससे किसान भड़क गए और कहा कि पहले से जो किसान खड़े हैं उन्हें नए सिरे से टोकन जारी करना पूरी तरह से गलत है। भाकियू भानु गुट के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान सोमवार को नवीन मंडी में एकत्र हो धरना देने लगे। सूचना मिलते ही भाकियू के प्रदेश प्रभारी आशू चौधरी भी पहुंच गए और किसान धान लदी ट्रॉलियों लेकर लखनऊ कूच करने लगे।
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सूचना मिलते ही प्रशासन के हाथ पांव फूल गए और एडीएम संदीप गुप्ता, एएसपी आरएस गौतम मौके पर पहुंचे गए। किसान को लखनऊ जाने से रोकने के लिए मंडी के सभी गेट बंद कर दिए गए। इससे नाराज किसानों नेता आशू चौधरी, रोहित द्विवेदी ने अपने ऊपर केरोसिन डाल आत्मदाह का प्रयास किया। लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन की सक्रियता के चलते किसान नेता ऐसा नहीं कर सके। आशू ने बताया कि पहले से खड़े किसानों को दोबारा टोकन जारी कर दिया गया जिससे उन्हें अब फिर कई दिनों तक धान की तौल कराने के लिए इंतजार करना होगा। सिर्फ 35 प्रतिशत हाईब्रिड धान की तौल करना कहां का न्याय है। इसलिए सभी किसानों का धान प्राथमिकता पर तौला जाए और जो पहले आए हैं उन किसानों का धान पहले तौला जाए। एसडीएम सदर और किसान नेताओं के बीच पूरे दिन वार्ता का दौर चला। शाम को प्रशासन के लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद जाकर किसान माने और मंडी में दिया जा रहा धरना समाप्त किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष राधेरमन, अपुल वर्मा, रोहित द्विवेदी, बंशीलाल, रवि वर्मा आदि मौजूद रहे।
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किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि सफदरगंज मंडी में तैनात केंद्र प्रभारी ने सोनू नामक एक निजी कर्मी को रख रखा है जो पूरी तरह से मनमानी कर रहा है और सिर्फ 35 क्विंटल धान की तौल करने के बाद किसानों को लौटा रहा है। नवीन मंडी के कांटा नबंर दो पर भी निजी कर्मी पूरी तरह से हावी है और जिनके खिलाफ बिचौलिए का मुकदमा दर्ज किया गया है उनसे केंद्र का संचालन कराया जा रहा है। क्रय केंद्र प्रभारी पूरी तरह से मनमानी कर रहे हैं और प्रशासन की सख्ती के बाद भी सिर्फ और सिर्फ बिचौलियों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिससे किसान परेशान इन सभी के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की जाए।