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Barabanki News: विशेष सॉफ्टवेयर से पारदर्शी होगी खतौनी, शुरुआत सिरौलीगौसपुर से

Mon, 12 Dec 2022 07:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 12 Dec 2022 07:00 AM IST
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Khatauni will be transparent with special software, starting from Siroligauspur
बाराबंकी। खतौनी को और पारदर्शी बनाने के लिए अब एक नया सॉफ्टवेयर नेशनल इंफोर्मेटिक्स द्वारा तैयार किया गया है। खतौनी में 13 की बजाय 19 कॉलम होंगे। इतना ही नहीं छह साल की बजाय अब खतौनी रियल टाइम अपडेट होगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि जमीनी विवादों और अदालत में लगातार बढ़ रहे मुकदमों का भार कुछ कम हो सके।
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प्रदेश की जिन पांच तहसीलों को पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है उनमें जिले की सिरौलीगौसपुर तहसील प्रमुख रूप से शामिल है। तहसील के दो गांवों मीरापुर व मोहिद्दीनपुर की खतौनी का ब्योरा राजस्व परिषद को भेजा जा चुका है। जल्द ही इन दो गांवों की खतौनी खास तरह की होगी।
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अधिकारियों के अनुसार, अभी तक खतौनी में हुए कई आदेश गुम हो जाते थे या अंकित नहीं हो पाते थे। कई बार बंटवारे या अन्य किसी वजह से खेत के क्षेत्रफल या हालात में बदलाव होने के बाद भी खतौनी वही निकलती है जो पहले से फीड है। दरअसल इसी को लेकर पूरे प्रदेश में जमीनी विवाद के मामले तेजी से बढ़े हैं।
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इतना ही नहीं धोखाधड़ी के केस भी सामने आ रहे हैं। जमीन के स्वामी की मृत्यु होने, जमीन बेचने, स्थानांतरित करने समेत कई जरूरी तथ्य सात से 12 कालम तक भरे जाते हैं। किसी भी खतौनी की पूरी जानकारी करने के लिए आर-6 की जरूरत पड़ती थी। लेकिन नई व्यवस्था आने से आर-6 की जरूरत कम होगी। मूल आदेश खतौनी में हमेशा दर्ज रहेगा।
किसान बोले- भागदौड़ में आएगी कमी
नई व्यवस्था के बारे में बताने पर किसान काफी उत्साहित दिखे। मोहिद्दीनपुर के किसान सनेही ने बताया कि, जमीन के स्वामित्व को लेकर होने वाले विवाद पर अंकुश लगेगा। मीरापुर के राजू बताते हैं कि कई बार आर-6 के लिए बहुत भागदौड़ करनी पड़ती थी। शायद उससे छुटकारा मिल जाए।

नई प्रकार की खतौनी को लेकर पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत सिरौलीगौसपुर से हो गई है। हर एक बिंदु पर नजर रखी जा रही है। दो गांवों मीरापुर व मोहिद्दीनपुर का ब्योरा राजस्व परिषद को भेजा जा चुका है। प्रोजेक्ट सफल होने पर इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा-
- सुरेंद्र कुमार, तहसीलदार, सिरौलीगौसपुर
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