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Barabanki News: 21 अस्पतालों में बनेगी कंगारू मदर केयर यूनिट
Sun, 22 Sep 2024 05:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 22 Sep 2024 05:04 AM IST
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बाराबंकी। जन्म के समय कम वजन और सांस लेने की तकलीफ से पीड़ित नवजात को अब ग्रामीण क्षेत्र में बनी सीएचसी पर भी बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके लिए जिले के 21 अस्पतालों में बने वार्डों को चिह्नित कर वहां पर कंगारू मदर केयर यूनिट बनाई जाएंगी। इसके लिए संचालित सर्वे का कार्य अब अंतिम चरण में है। इन यूनिटों को अस्पतालों में बने वार्डों में ही संचालित किया जाएगा। इससे परिजनों को ऐसे नवजात के इलाज के लिए जिला अस्पताल से लेकर लखनऊ तक की दौैैड़ लगाने की परेशानी से छुटकारा मिल सकेगा।
सीएचसी पर तैयार होने वाली इन मदर केयर यूनिट में जन्म के समय ढाई किलो ग्राम से कम वजन अथवा सांस लेने में दिक्कत होने या फिर अन्य किसी बीमारी से पीड़ित नवजात को आपातकालीन इलाज मुहैया कराने की सुविधा होगी। नाेडल अधिकारी डॉ. लवभूषण गुप्ता ने बताया कि कम वजन वाले नवजात कई बीमारियों से ग्रसित होते हैं। इस कारण जन्म लेने के बाद उन्हें जीने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे बच्चों का जीवन बचाने के लिए ही जिले के 21 अस्पतालों में कंगारू मदर केयर यूनिट की स्थापना कराई जा रही है।
बताया कि जिस तरह से कंगारू अपने बच्चे को शरीर की गर्मी से अपने बच्चों को पालते हैं उसी तरह से कम वजन वाले इन नवजातों की इनके माता पिता अपने शरीर की गर्मी देकर उनकी देखभाल करेगी। इससे उनकी सेहत में सुधार आने से वह धीरे-धीरे सामान्य बच्चों की श्रेणी में आ सकेंगे। इसके लिए चिह्नित सभी अस्पतालों में लेबर कक्ष के समीप में बने वार्डों में ही कंगारू मदर केयर यूनिट को संचालित कराए जाने की तैयारी है। इसके लिए चल रहा सर्वे का कार्य भी अब अंतिम चरण में है। (संवाद)
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इन सीएचसी में संचालित होंगी यूनिट
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवा, घुघंटेर, फतेहपुर, सूरतगंज, रामनगर, जहांगीराबाद, सिरौलीगौसपुर, टिकैतनगर, मथुरानगर, रामसनेहीघाट, जैदपुर, सआदतगंज, बड़ागांव, सिद्वौर, कोठी, हैदरगढ़, त्रिवेदीगंज, जाटाबरौली, सतरिख, सुबेहा, परीवां एट शुंभा में कंगारू मदर केयर यूनिट शुरू की जाएंगी।
जिले के 21 अस्पतालों में कंगारू मदर केयर यूनिट बनाई जानी है। जिलाधिकारी से मिले निर्देशों के बाद नोडल अधिकारी की टीम अस्पतालों में जाकर सर्वे कर रही है। सर्वे का कार्य अंतिम चरण में हैं। जल्दी इनका संचालन शुरू कराया जाएगा।
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सीएचसी पर तैयार होने वाली इन मदर केयर यूनिट में जन्म के समय ढाई किलो ग्राम से कम वजन अथवा सांस लेने में दिक्कत होने या फिर अन्य किसी बीमारी से पीड़ित नवजात को आपातकालीन इलाज मुहैया कराने की सुविधा होगी। नाेडल अधिकारी डॉ. लवभूषण गुप्ता ने बताया कि कम वजन वाले नवजात कई बीमारियों से ग्रसित होते हैं। इस कारण जन्म लेने के बाद उन्हें जीने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे बच्चों का जीवन बचाने के लिए ही जिले के 21 अस्पतालों में कंगारू मदर केयर यूनिट की स्थापना कराई जा रही है।
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बताया कि जिस तरह से कंगारू अपने बच्चे को शरीर की गर्मी से अपने बच्चों को पालते हैं उसी तरह से कम वजन वाले इन नवजातों की इनके माता पिता अपने शरीर की गर्मी देकर उनकी देखभाल करेगी। इससे उनकी सेहत में सुधार आने से वह धीरे-धीरे सामान्य बच्चों की श्रेणी में आ सकेंगे। इसके लिए चिह्नित सभी अस्पतालों में लेबर कक्ष के समीप में बने वार्डों में ही कंगारू मदर केयर यूनिट को संचालित कराए जाने की तैयारी है। इसके लिए चल रहा सर्वे का कार्य भी अब अंतिम चरण में है। (संवाद)
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इन सीएचसी में संचालित होंगी यूनिट
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवा, घुघंटेर, फतेहपुर, सूरतगंज, रामनगर, जहांगीराबाद, सिरौलीगौसपुर, टिकैतनगर, मथुरानगर, रामसनेहीघाट, जैदपुर, सआदतगंज, बड़ागांव, सिद्वौर, कोठी, हैदरगढ़, त्रिवेदीगंज, जाटाबरौली, सतरिख, सुबेहा, परीवां एट शुंभा में कंगारू मदर केयर यूनिट शुरू की जाएंगी।
जिले के 21 अस्पतालों में कंगारू मदर केयर यूनिट बनाई जानी है। जिलाधिकारी से मिले निर्देशों के बाद नोडल अधिकारी की टीम अस्पतालों में जाकर सर्वे कर रही है। सर्वे का कार्य अंतिम चरण में हैं। जल्दी इनका संचालन शुरू कराया जाएगा।