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दोषी के प्रति दया दिखाना उचित नहीं होगा : कोर्ट
Tue, 15 Sep 2026 01:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 15 Sep 2026 01:32 AM IST
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बाराबंकी। दो साल की मासूम से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो की विशेष अदालत ने दोषी अशोक को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए कहा कि पीड़िता की उम्र घटना के समय महज दो वर्ष थी और उसके साथ वीभत्स घटना की गई, जिसने समाज को झकझोर दिया। ऐसी स्थिति में दोषी के प्रति किसी तरह की रहम या दया दिखाना उचित नहीं होगा। हालांकि दोषी की उम्र करीब 64-65 वर्ष होने और बीमार रहने के कारण अदालत ने मृत्युदंड देना न्यायोचित नहीं माना और उम्रकैद की सजा सुनाई।
अदालत ने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई।
अदालत ने अपने फैसले में घटना की गंभीरता और पीड़िता की कम उम्र को विशेष रूप से रेखांकित किया। साथ ही दोषी की उम्र और स्वास्थ्य को मृत्युदंड के सवाल पर महत्वपूर्ण आधार माना।
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बच्ची कह रही थी... बाबा-बाबा
पीड़िता की मां ने घटना के बाद दर्ज कराई एफआईआर में बताया था कि घटना के दौरान बच्ची आरोपी की ओर इशारा करते हुए ‘बाबा-बाबा’ कह रही थी। बच्ची आरोपी अशोक को बाबा कहती थी। घटना के बाद दो वर्ष की बच्ची द्वारा आरोपी की ओर इशारा कर ‘बाबा’ कहना विवेचना में महत्वपूर्ण रहा।
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अदालत ने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई।
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अदालत ने अपने फैसले में घटना की गंभीरता और पीड़िता की कम उम्र को विशेष रूप से रेखांकित किया। साथ ही दोषी की उम्र और स्वास्थ्य को मृत्युदंड के सवाल पर महत्वपूर्ण आधार माना।
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बच्ची कह रही थी... बाबा-बाबा
पीड़िता की मां ने घटना के बाद दर्ज कराई एफआईआर में बताया था कि घटना के दौरान बच्ची आरोपी की ओर इशारा करते हुए ‘बाबा-बाबा’ कह रही थी। बच्ची आरोपी अशोक को बाबा कहती थी। घटना के बाद दो वर्ष की बच्ची द्वारा आरोपी की ओर इशारा कर ‘बाबा’ कहना विवेचना में महत्वपूर्ण रहा।