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Barabanki News: इसरो-डीआरडीओ के वैज्ञानिक छात्रों को पढ़ाएंगे अंतरिक्ष विज्ञान
Wed, 12 Jul 2023 12:58 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 12 Jul 2023 12:58 AM IST
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बाराबंकी। जूनियर से लेकर माध्यमिक व डिग्री कॉलेजों के छात्र अंतरिक्ष विज्ञान की पढ़ाई कर सकेंगे। इसरो और डीआरडीओ के वैज्ञानिक अंतरिक्ष में होने वाली गतिविधियों एवं विज्ञान से रूबरू कराएंगे। इसके लिए सभी स्कूलों और कॉलेजों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कराई जाएंगी। अधिक से अधिक स्कूल व कॉलेजों को संबद्ध कराने के लिए भारत अंतरिक्ष सप्ताह की ओर से सभी को पत्र लिखा गया है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्था (इसरो) की ओर से संचालित भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (आईआईआरएस) के भारत अंतरिक्ष सप्ताह कार्यक्रम के तहत बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि बढ़े, इसके लिए ऑनलाइन कोर्स शुरू किए जाने की तैयारी है। इसमें इसरो व डीआरडीओ (डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गनाईजेशन) के विशेषज्ञ विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रम शुरू करेंगे जो छह माह से लेकर दो साल की अवधि के लिए होंगे।
संबद्ध होने वाले स्कूल व कॉलेजों में ऑनलाइन कक्षाएं चलेंगी। आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञों की टीम पहुंचेगी और बच्चों को भौतिक जानकारियां देगी। भारत अंतरिक्ष सप्ताह के सचिव डॉ. आदेश कुमार, डॉ. सत्यबिंदु व क्षेत्रीय निदेशक डॉ. प्रभांशु कुमार की देखरेख में डीआईओएस, डायट प्राचार्य व विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के जरिए संबद्धीकरण की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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इन पाठ्यक्रमों पर होगी पढ़ाई
अंतरिक्ष पाठ्यक्रम के तहत पाइथन विद स्पेस साइंस, ओवरव्यू ऑफ स्पेस साइंस टेक्नाेलॉजी एंड एप्लीकेशंस, रिमोट सेंसिंग टेक्नाेलॉजी, प्लानेट्री विज्ञान समेत छह कोर्स संचालित किए जाएंगे। इसी तरह खगोल विज्ञान पर भी छह प्रकार के कोर्स संचालित होंगेे। कोर्स पूरा होने पर सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
सभी प्रकार के स्कूलों, कॉलेजों व महाविद्यालयों में अंतरिक्ष विज्ञान की पढ़ाई शुरू करने के लिए संबद्धीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसरो और डीआरडीओ के विशेषज्ञ ऑनलाइन छात्र-छात्राओं को अंतरिक्ष की बारीकियां सिखाएंगे।
-डॉ. प्रभांशु कुमार, क्षेत्रीय निदेशक भारत अंतरिक्ष सप्ताह
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्था (इसरो) की ओर से संचालित भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (आईआईआरएस) के भारत अंतरिक्ष सप्ताह कार्यक्रम के तहत बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि बढ़े, इसके लिए ऑनलाइन कोर्स शुरू किए जाने की तैयारी है। इसमें इसरो व डीआरडीओ (डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गनाईजेशन) के विशेषज्ञ विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रम शुरू करेंगे जो छह माह से लेकर दो साल की अवधि के लिए होंगे।
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संबद्ध होने वाले स्कूल व कॉलेजों में ऑनलाइन कक्षाएं चलेंगी। आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञों की टीम पहुंचेगी और बच्चों को भौतिक जानकारियां देगी। भारत अंतरिक्ष सप्ताह के सचिव डॉ. आदेश कुमार, डॉ. सत्यबिंदु व क्षेत्रीय निदेशक डॉ. प्रभांशु कुमार की देखरेख में डीआईओएस, डायट प्राचार्य व विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के जरिए संबद्धीकरण की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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इन पाठ्यक्रमों पर होगी पढ़ाई
अंतरिक्ष पाठ्यक्रम के तहत पाइथन विद स्पेस साइंस, ओवरव्यू ऑफ स्पेस साइंस टेक्नाेलॉजी एंड एप्लीकेशंस, रिमोट सेंसिंग टेक्नाेलॉजी, प्लानेट्री विज्ञान समेत छह कोर्स संचालित किए जाएंगे। इसी तरह खगोल विज्ञान पर भी छह प्रकार के कोर्स संचालित होंगेे। कोर्स पूरा होने पर सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
सभी प्रकार के स्कूलों, कॉलेजों व महाविद्यालयों में अंतरिक्ष विज्ञान की पढ़ाई शुरू करने के लिए संबद्धीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसरो और डीआरडीओ के विशेषज्ञ ऑनलाइन छात्र-छात्राओं को अंतरिक्ष की बारीकियां सिखाएंगे।
-डॉ. प्रभांशु कुमार, क्षेत्रीय निदेशक भारत अंतरिक्ष सप्ताह