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जिला अस्पताल में जरूरी जांचें ठप
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 15 Oct 2015 11:09 PM IST
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15 दिन से जिला अस्पताल पैथोलॉजी में अधिकतर जांच का कार्य ठप हैं। इतना ही नहीं बहुत से मरीजों के लिए जरूरी जीवन रक्षक दवाओं का स्टॉक भी खत्म हो गया। 16 जीवन रक्षक दवाएं जिला अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं।
जांचें बाहर से कराने में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में मुफ्त में होने वाली जांच के लिए मरीजों को बाहर एक हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
गुरुवार को जिला अस्पताल की पैथालॉजी में कई मरीज जांच के लिए पहुंचे तो उन्हें बाहर से जांच कराने के लिए भेज दिया गया। मरीजों का कहना था कि डॉक्टर ने पित्त की थैली में पथरी होने पर आपरेशन कराने को लिखा था।
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इसके लिए कई प्रकार की जांच कराने पैथालॉजी भेजा। वहां पहुंचने पर पता चला कि जांच अस्पताल में नहीं हो सकती। जांच बाहर से कराने की बात कही।
इस बारे में जानकारी करने पर पैथालॉजी प्रभारी डॉ. एसके शुक्ला ने सीएमएस से संपर्क करने की बात कही। उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। इतना ही नहीं जिला अस्पताल में कई प्रकार की जीवन रक्षक दवाएं तक नहीं है।
मरीजों को एंटीबॉयोटिक दवा के नाम पर महज सेप्ट्रान टेबलेट का वितरण किया जा रहा है। इसके चलते मरीजों को कई प्रकार की दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं।
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जांचें बाहर से कराने में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में मुफ्त में होने वाली जांच के लिए मरीजों को बाहर एक हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
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गुरुवार को जिला अस्पताल की पैथालॉजी में कई मरीज जांच के लिए पहुंचे तो उन्हें बाहर से जांच कराने के लिए भेज दिया गया। मरीजों का कहना था कि डॉक्टर ने पित्त की थैली में पथरी होने पर आपरेशन कराने को लिखा था।
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इसके लिए कई प्रकार की जांच कराने पैथालॉजी भेजा। वहां पहुंचने पर पता चला कि जांच अस्पताल में नहीं हो सकती। जांच बाहर से कराने की बात कही।
इस बारे में जानकारी करने पर पैथालॉजी प्रभारी डॉ. एसके शुक्ला ने सीएमएस से संपर्क करने की बात कही। उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। इतना ही नहीं जिला अस्पताल में कई प्रकार की जीवन रक्षक दवाएं तक नहीं है।
मरीजों को एंटीबॉयोटिक दवा के नाम पर महज सेप्ट्रान टेबलेट का वितरण किया जा रहा है। इसके चलते मरीजों को कई प्रकार की दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं।