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Barabanki News: छत पर खेल रही मासूम की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से तड़पकर मौत
Sat, 13 Jun 2026 01:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 13 Jun 2026 01:45 AM IST
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बाराबंकी। जनपद में बिजली विभाग की घोर संवेदनहीनता और लचर कार्यप्रणाली अब मासूमों की जिंदगी पर भारी पड़ने लगी है। सफदरगंज क्षेत्र के अगेहरा गांव में शुक्रवार शाम छत पर खेल रही इसरार की सात वर्षीय बेटी आयत हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई। करंट का झटका इतना भीषण था कि बच्ची को संभलने तक का मौका नहीं मिला और उसने छत पर ही दम तोड़ दिया।
आक्रोश, बेबसी और खौफ के बीच परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया, लेकिन इस हृदयविदारक घटना ने पूरे जिले की विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अगेहरा गांव के निवासियों का आरोप है कि गांव के बीचों-बीच से गुजरी यह हाईटेंशन लाइन मकानों और छतों के इतने करीब है कि लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
कई बार लिखित और मौखिक रूप से गुहार लगाने के बाद भी बिजली विभाग ने समाधान नहीं किया। विभाग की इसी सुस्ती और टालमटोल की नीति ने आज एक मासूम का जीवन छीन लिया। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर आबादी वाले क्षेत्रों से इन जानलेवा लाइनों को हटाने या कवर करने के लिए विभाग को और कितनी मौतों का इंतजार है?
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हादसों की कड़ियों से भी सबक नहीं ले रहा विभाग
बाराबंकी में बिजली विभाग की लापरवाही से मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले महज एक साल का इतिहास खंगालें तो विभाग की लापरवाही के कारण मौतों का एक लंबा और खौफनाक सिलसिला दिखाई देता है।
जुलाई 2025: हैदरगढ़ के अवसानेश्वर महादेव मंदिर परिसर में करंट फैलने के बाद मची भगदड़ में दो श्रद्धालुओं की असमय मौत हुई।
अगस्त 2025 रामनगर के महादेवा मंदिर के पास सड़क किनारे बाजार में लोहे की सीढ़ी में करंट उतरने से दो युवकों ने दम तोड़ दिया।
मार्च 2026: असंद्रा के रतौली गांव में एक विद्युत पोल में करंट उतरने से रामकुमार और सहायक प्रसाद की जान चली गई, वहीं इसी महीने सफदरगंज के महमूदाबाद चौराहे पर टूटे तार की चपेट में आकर मुश्ताक अहमद की मौत हो गई।
जून 2026 : लोनीकटरा के मंजूपुर गांव में खेत में लटक रहे बिजली के तार की चपेट में आने से झुलसे किसान शिवा की पांच दिन चले इलाज के बाद मौत हो गई।
कागजी दावों के पीछे छिपी प्रशासनिक लापरवाही
शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि घनी आबादी और रिहायशी इलाकों में खुले तारों को हटाकर इंसुलेटेड केबल का उपयोग किया जाए, तो बाराबंकी में इन नियमों की धज्जियां क्यों उड़ाई जा रही हैं? हर महीने लाइन मेंटेनेंस और पेट्रोलिंग के नाम पर खर्च होने वाला लाखों रुपये का बजट आखिर किसकी जेब में जा रहा है?
हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती
सफदरगंज के थानाध्यक्ष अमर कुमार चौरसिया ने बताया कि बिना पोस्टमार्टम के परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। गांव के लोगों में इस घटना को लेकर दहशत है। गांव में कई स्थानों पर हाईटेंशन लाइन घरों और छतों के बेहद करीब से गुजरी हुई है, जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने आबादी क्षेत्र में गुजर रही हाईटेंशन लाइनों को सुरक्षित दूरी पर स्थानांतरित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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आक्रोश, बेबसी और खौफ के बीच परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया, लेकिन इस हृदयविदारक घटना ने पूरे जिले की विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अगेहरा गांव के निवासियों का आरोप है कि गांव के बीचों-बीच से गुजरी यह हाईटेंशन लाइन मकानों और छतों के इतने करीब है कि लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
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कई बार लिखित और मौखिक रूप से गुहार लगाने के बाद भी बिजली विभाग ने समाधान नहीं किया। विभाग की इसी सुस्ती और टालमटोल की नीति ने आज एक मासूम का जीवन छीन लिया। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर आबादी वाले क्षेत्रों से इन जानलेवा लाइनों को हटाने या कवर करने के लिए विभाग को और कितनी मौतों का इंतजार है?
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हादसों की कड़ियों से भी सबक नहीं ले रहा विभाग
बाराबंकी में बिजली विभाग की लापरवाही से मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले महज एक साल का इतिहास खंगालें तो विभाग की लापरवाही के कारण मौतों का एक लंबा और खौफनाक सिलसिला दिखाई देता है।
जुलाई 2025: हैदरगढ़ के अवसानेश्वर महादेव मंदिर परिसर में करंट फैलने के बाद मची भगदड़ में दो श्रद्धालुओं की असमय मौत हुई।
अगस्त 2025 रामनगर के महादेवा मंदिर के पास सड़क किनारे बाजार में लोहे की सीढ़ी में करंट उतरने से दो युवकों ने दम तोड़ दिया।
मार्च 2026: असंद्रा के रतौली गांव में एक विद्युत पोल में करंट उतरने से रामकुमार और सहायक प्रसाद की जान चली गई, वहीं इसी महीने सफदरगंज के महमूदाबाद चौराहे पर टूटे तार की चपेट में आकर मुश्ताक अहमद की मौत हो गई।
जून 2026 : लोनीकटरा के मंजूपुर गांव में खेत में लटक रहे बिजली के तार की चपेट में आने से झुलसे किसान शिवा की पांच दिन चले इलाज के बाद मौत हो गई।
कागजी दावों के पीछे छिपी प्रशासनिक लापरवाही
शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि घनी आबादी और रिहायशी इलाकों में खुले तारों को हटाकर इंसुलेटेड केबल का उपयोग किया जाए, तो बाराबंकी में इन नियमों की धज्जियां क्यों उड़ाई जा रही हैं? हर महीने लाइन मेंटेनेंस और पेट्रोलिंग के नाम पर खर्च होने वाला लाखों रुपये का बजट आखिर किसकी जेब में जा रहा है?
हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती
सफदरगंज के थानाध्यक्ष अमर कुमार चौरसिया ने बताया कि बिना पोस्टमार्टम के परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। गांव के लोगों में इस घटना को लेकर दहशत है। गांव में कई स्थानों पर हाईटेंशन लाइन घरों और छतों के बेहद करीब से गुजरी हुई है, जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने आबादी क्षेत्र में गुजर रही हाईटेंशन लाइनों को सुरक्षित दूरी पर स्थानांतरित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।