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Barabanki News: गेहूं बेचना है तो नए सिरे से कराना होगा सत्यापन
Thu, 23 Apr 2026 02:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 23 Apr 2026 02:01 AM IST
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बाराबंकी। बेमौसम बारिश की मार झेल रहे किसानों को कागजी प्रक्रिया ने पूरी तरह उलझा कर रखा दिया है। किसानों को आगे की फसल के लिए पैसों की जरूरत है, लेकिन वह गेहूं बेचने के लिए लेखपाल से लेकर तहसील के चक्कर काट रहे हैं। उनके कागजों का सत्यापन नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि जिले में तमाम प्रयासों के बावजूद गेहूं खरीद को रफ्तार नहीं मिल पा रही है। शासन का आदेश है कि अब गेहूं बेचने वाले किसानों को अपना पंजीकरण नए सिरे से कराना होगा।
जिले में यूं तो किसानों की संख्या 4 लाख 53 हजार से ज्यादा है लेकिन इनमें से प्रतिवर्ष करीब 1 लाख 75 हजार से ज्यादा किसान धान सरकारी केंद्रों पर बेचते हैं। सभी किसानों के पंजीकरण अनिवार्य होता है। इस वर्ष भी गेहूं बेचने के लिए करीब 5314 किसानों ने पंजीकरण कराया है।
इनमें से महज 461 किसानों के अभिलेखों का ही सत्यापन हो सका है, 4377 किसानों का सत्यापन लेखपाल स्तर पर लंबित है। इनमें से अभी तक सिर्फ 243 किसानों से ही गेहूं की खरीद की जा सकी है, बाकी किसान अपने अभिलेखों का सत्यापन कराने के लिए लेखपाल से लेकर तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं। यही वजह है कि गेहूं की खरीद को वह रफ्तार नहीं मिल पा रही है जिसकी आवश्यकता है।
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आईडी न बदलने से दिक्कत
दो तहसीलों के एसडीएम बदल गए हैं। इनमें सदर तहसील नवाबगंज और रामनगर के एसडीएम को इधर से उधर किया गया है। किसानों का सत्यापन इन अधिकारियों को आईडी पासवर्ड न बदलने से दिक्कत आ रही है क्योंकि इनके तबादले के बाद आईडी पासवर्ड भी बदल गया है।
नए सिरे से कराएं पंजीकरण
जिला खाद्य विपणन अधिकारी राजीव कुलश्रेष्ठ ने कहा कि जिले में अभी तक 5314 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें से 461 किसानों के अभिलेखों का सत्यापन हो चुका है। करीब 243 किसानों से गेहूं की खरीद की जा चुकी है, सिर्फ सत्यापन वाले किसानों से ही गेहूं खरीद करने का आदेश है। धान खरीद में जिन किसानों ने पंजीकरण कराया था, उन्हें नए सिरे से पंजीकरण कराना होगा।
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जिले में यूं तो किसानों की संख्या 4 लाख 53 हजार से ज्यादा है लेकिन इनमें से प्रतिवर्ष करीब 1 लाख 75 हजार से ज्यादा किसान धान सरकारी केंद्रों पर बेचते हैं। सभी किसानों के पंजीकरण अनिवार्य होता है। इस वर्ष भी गेहूं बेचने के लिए करीब 5314 किसानों ने पंजीकरण कराया है।
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इनमें से महज 461 किसानों के अभिलेखों का ही सत्यापन हो सका है, 4377 किसानों का सत्यापन लेखपाल स्तर पर लंबित है। इनमें से अभी तक सिर्फ 243 किसानों से ही गेहूं की खरीद की जा सकी है, बाकी किसान अपने अभिलेखों का सत्यापन कराने के लिए लेखपाल से लेकर तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं। यही वजह है कि गेहूं की खरीद को वह रफ्तार नहीं मिल पा रही है जिसकी आवश्यकता है।
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आईडी न बदलने से दिक्कत
दो तहसीलों के एसडीएम बदल गए हैं। इनमें सदर तहसील नवाबगंज और रामनगर के एसडीएम को इधर से उधर किया गया है। किसानों का सत्यापन इन अधिकारियों को आईडी पासवर्ड न बदलने से दिक्कत आ रही है क्योंकि इनके तबादले के बाद आईडी पासवर्ड भी बदल गया है।
नए सिरे से कराएं पंजीकरण
जिला खाद्य विपणन अधिकारी राजीव कुलश्रेष्ठ ने कहा कि जिले में अभी तक 5314 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें से 461 किसानों के अभिलेखों का सत्यापन हो चुका है। करीब 243 किसानों से गेहूं की खरीद की जा चुकी है, सिर्फ सत्यापन वाले किसानों से ही गेहूं खरीद करने का आदेश है। धान खरीद में जिन किसानों ने पंजीकरण कराया था, उन्हें नए सिरे से पंजीकरण कराना होगा।