{"_id":"6824ed053dd4acca5d0345db","slug":"hundred-transformers-blew-up-in-a-month-due-to-increased-load-barabanki-news-c-315-1-brp1005-139331-2025-05-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: लोड बढ़ने से महीने भर में फुंके सौ ट्रांसफॉर्मर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: लोड बढ़ने से महीने भर में फुंके सौ ट्रांसफॉर्मर
Thu, 15 May 2025 12:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 15 May 2025 12:50 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। तमाम दावों के बाद भी ग्रामीण इलाकों में बिजली की बदहाल सप्लाई व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही। गर्मी में बढ़ी बिजली की मांग से बढ़े लोड के कारण बीते एक माह के दौरान करीब सौ ट्रांसफॉर्मर फुंक चुके हैं। इसके बावजूद पॉवर कार्पोरेशन के जिम्मेदारों की ढुलमुल कार्य प्रणाली के चलते इन्हें बदलने में सप्ताह भर से अधिक का समय लगाया जा रहा है। जबकि मानक के तहत ऐसे ट्रांसफार्मर को 72 घंटे बदलना होता है। विभाग के लोगों की यह लापरवाही इस भीषण गर्मी में बिजली उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है।
कुर्सी क्षेत्र के अब्बास नगर में ट्रांसफॉर्मर को फुंके चार दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक पॉवर कार्पोरेशन का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। लोनीकटरा गांव में भी ग्रामीणों को ट्रांसफार्मर फुंकने के कारण पांच दिन तक अंधेरे में रहना पड़ा। जैदपुर के देवगहना गांव में तो जब सात दिन तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया तो आक्रोशित ग्रामीणों को प्रदर्शन करना पड़ा। इसके बाद जाकर दूसरा ट्रांसफॉर्मर लगा।
गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ने से ट्रांसफार्मरों पर लोड भी बढ़ गया है। ऐसे में ट्रांसफार्मर के फुंकने के कारण ठप होने वाले बिजली की सप्लाई के कारण लोगों को पेयजल संकट की परेशानी से भी जूझना पड़ता है। इसके साथ ही बच्चों की पढ़ाई के साथ ही किसानों को भी खेती किसानी से जुड़े काम करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हालांकि पॉवर कार्पोरेशन के अधिकारी फुंके ट्रांसफॉर्मर को अधिकतम 72 घंटे में बदलने का दावा करते हैं।
विज्ञापन
मरम्मत के लिए हर दिन पहुंच रहे चार ट्रांसफॉर्मर
ओबरी स्थित ट्रांसफॉर्मर कार्यशाला में हर दिन मरम्मत के लिए तीन से चार ट्रांसफॉर्मर पहुंच रहे हैं। कार्यशाला के जेई शम्सुल लका का कहना है कि कार्यशाला में क्षमतानुसार ट्रांसफार्मर रहता है फुंका ट्रांसफार्मर आने पर तुरंत ही उतनी क्षमता का दूसरा ट्रांसफार्मर भेज दिया जाता है। ताकि संबंधित इलाके में ट्रांसफार्मर की कमी से बिजली संकट न हो सके।
विज्ञापन
कुर्सी क्षेत्र के अब्बास नगर में ट्रांसफॉर्मर को फुंके चार दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक पॉवर कार्पोरेशन का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। लोनीकटरा गांव में भी ग्रामीणों को ट्रांसफार्मर फुंकने के कारण पांच दिन तक अंधेरे में रहना पड़ा। जैदपुर के देवगहना गांव में तो जब सात दिन तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया तो आक्रोशित ग्रामीणों को प्रदर्शन करना पड़ा। इसके बाद जाकर दूसरा ट्रांसफॉर्मर लगा।
विज्ञापन
गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ने से ट्रांसफार्मरों पर लोड भी बढ़ गया है। ऐसे में ट्रांसफार्मर के फुंकने के कारण ठप होने वाले बिजली की सप्लाई के कारण लोगों को पेयजल संकट की परेशानी से भी जूझना पड़ता है। इसके साथ ही बच्चों की पढ़ाई के साथ ही किसानों को भी खेती किसानी से जुड़े काम करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हालांकि पॉवर कार्पोरेशन के अधिकारी फुंके ट्रांसफॉर्मर को अधिकतम 72 घंटे में बदलने का दावा करते हैं।
विज्ञापन
मरम्मत के लिए हर दिन पहुंच रहे चार ट्रांसफॉर्मर
ओबरी स्थित ट्रांसफॉर्मर कार्यशाला में हर दिन मरम्मत के लिए तीन से चार ट्रांसफॉर्मर पहुंच रहे हैं। कार्यशाला के जेई शम्सुल लका का कहना है कि कार्यशाला में क्षमतानुसार ट्रांसफार्मर रहता है फुंका ट्रांसफार्मर आने पर तुरंत ही उतनी क्षमता का दूसरा ट्रांसफार्मर भेज दिया जाता है। ताकि संबंधित इलाके में ट्रांसफार्मर की कमी से बिजली संकट न हो सके।