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Barabanki News: कार्रवाई के बावजूद बेसमेंट में अस्पतालों का संचालन
Fri, 03 Jul 2026 01:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 03 Jul 2026 01:41 AM IST
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बाराबंकी। मानकों को दरकिनार कर संचालित हो रहेे अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। दो दिन के अंदर चार अस्पतालों को सील किया गया है। 17 अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद भी अस्पताल संचालकों की मनमानी चरम पर है। इतना सब कुछ होने के बाद भी नियमों को दरकिनार कर बेसमेंट में अस्पतालों का संचालन करते हुए मरीजों को भर्ती कर उनके जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है।
सीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने अवैध रुप से संचालित अस्पतालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। सीएमओ की ओर से गठित तीन सदस्यीय टॉस्क फोर्स ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है। इनमें बेसमेंट में संचालित अंश अस्पताल, हरिकृष्णा और शेखर अस्पताल को सील करा दिया गया है। 17 अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी करते हुए जवाब-तलब किया गया है।
इसके बावजूद शहर में सुनीता अस्पताल रामनगर तिराहा, चौहान नर्सिंग होम मंडी के पास, आरके ट्राॅमा हाईवे, ऊषा वेलनेस अस्पताल बड़ेल, ऊषा अस्पताल कृष्णानगर का संचालन बेसमेंट में किया जा रहा है। यहीं नहीं बड़ेल में अंकुर अस्पताल का संचालन मानक के विपरीत हो रहा है। बड़ेल नहर के पास संचालित एक मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
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बेसमेंट में खुलेआम चल रहे अस्पताल
रामसनेहीघाट। दिलौना बाइपास भिटरिया स्थित सुशीला हॉस्पिटल एवं जच्चा-बच्चा केंद्र बेसमेंट में संचालित हो रहा है। कोटवा सड़क से कोटवाधाम मार्ग पर सैदखानपुर रेलवे स्टेशन के निकट एसएन हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर बेसमेंट में संचालित है। यहां कोई स्थायी चिकित्सक तैनात नहीं है। मरीजों का उपचार अप्रशिक्षित कर्मियों से कराया जाता है। इसी प्रकार भिटरिया दरियाबाद रोड पर न्यू जीवन धारा हॉस्पिटल भी बेसमेंट में है। मुरारपुर मोड़ के पास स्थित मंत हॉस्पिटल भी बेसमेंट में संचालित है।
शहर के अंदर बेसमेंट और मानक के विपरीत चल रहे अस्पतालों की जांच टॉस्क फोर्स कर रही है। इसके अलावा सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वह टीमें बनाकर अपने-अपने क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों की जांच उन्हें बंद करा दें। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- डॉ. रंजन गौतम, सीएमओ
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सीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने अवैध रुप से संचालित अस्पतालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। सीएमओ की ओर से गठित तीन सदस्यीय टॉस्क फोर्स ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है। इनमें बेसमेंट में संचालित अंश अस्पताल, हरिकृष्णा और शेखर अस्पताल को सील करा दिया गया है। 17 अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी करते हुए जवाब-तलब किया गया है।
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इसके बावजूद शहर में सुनीता अस्पताल रामनगर तिराहा, चौहान नर्सिंग होम मंडी के पास, आरके ट्राॅमा हाईवे, ऊषा वेलनेस अस्पताल बड़ेल, ऊषा अस्पताल कृष्णानगर का संचालन बेसमेंट में किया जा रहा है। यहीं नहीं बड़ेल में अंकुर अस्पताल का संचालन मानक के विपरीत हो रहा है। बड़ेल नहर के पास संचालित एक मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
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बेसमेंट में खुलेआम चल रहे अस्पताल
रामसनेहीघाट। दिलौना बाइपास भिटरिया स्थित सुशीला हॉस्पिटल एवं जच्चा-बच्चा केंद्र बेसमेंट में संचालित हो रहा है। कोटवा सड़क से कोटवाधाम मार्ग पर सैदखानपुर रेलवे स्टेशन के निकट एसएन हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर बेसमेंट में संचालित है। यहां कोई स्थायी चिकित्सक तैनात नहीं है। मरीजों का उपचार अप्रशिक्षित कर्मियों से कराया जाता है। इसी प्रकार भिटरिया दरियाबाद रोड पर न्यू जीवन धारा हॉस्पिटल भी बेसमेंट में है। मुरारपुर मोड़ के पास स्थित मंत हॉस्पिटल भी बेसमेंट में संचालित है।
शहर के अंदर बेसमेंट और मानक के विपरीत चल रहे अस्पतालों की जांच टॉस्क फोर्स कर रही है। इसके अलावा सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वह टीमें बनाकर अपने-अपने क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों की जांच उन्हें बंद करा दें। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- डॉ. रंजन गौतम, सीएमओ