{"_id":"5aeca7dc4f1c1b9c098b837c","slug":"hospital-in-problem","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेंच पर सूखते कपड़े, प्रसूताएं फर्श पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेंच पर सूखते कपड़े, प्रसूताएं फर्श पर
Amarujala Bureau
Updated Sat, 05 May 2018 12:05 AM IST
विज्ञापन
लोगों को परेशानी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं व प्रसूताओं को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। मैटरनिटी विंग में इनके बैठने तक की सुविधाएं नहीं है। प्रसव पीड़ा कराहती महिलाओं को मजबूरी में फर्श पर लेटना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि अल्ट्रासाउंड जांच के लिए महिलाओं को दो से तीन दिन का समय दिया जा रहा है।
विज्ञापन
जिला महिला अस्पताल में शुक्रवार को भारी अव्यवस्थाएं देखने को मिली।
मैटरनिटी विंग में शुरु हुई ओपीडी और अल्ट्रासाउंड जांच के लिए भारी संख्या में गर्भवती महिलाएं व प्रसूताएं पहुंची। अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर जांच के लिए काफी भीड़ लगी मिली। यहां पर तीन बेंच पड़ी थी जिसपर कुछ प्रसूताएं बैठी थी और आधे से ज्यादा फर्श पर बैठ अपनी बारी कर इंतजार कर रही थीं। प्रसूता नीतू निवासी रघई आशा बहू मीरा देवी के साथ अल्ट्रासाउंड कराने के लिए सुबह आठ बजे से बैठी थी।
विज्ञापन
प्रसूता का कहना है कि उसका नंबर डेढ़ बजे आने की बात कही है, बैठने की व्यवस्था न होने पर फर्श पर बैठ इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं बरौली मलिक निवासी गर्भवती महिला तरन्नुम का कहना है कि वह दो दिन पहले इलाज के लिए आई थी जिसे शुक्रवार का समय दिया गया था। आज भी चार घंटे से इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसी ही समस्या ब्लॅड जांच के लिए जाने वाली महिलाओं को झेलनी पड़ रही है।
विज्ञापन