{"_id":"6344744a22237720b5756e21","slug":"hospital-barabanki-news-lko6522805179","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रसूता की मौत, परिवारीजनों ने काटा हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रसूता की मौत, परिवारीजनों ने काटा हंगामा
विज्ञापन
बाराबंकी। जिला महिला अस्पताल में प्रसव के बाद एक प्रसूता की हुई मौत पर परिजनों ने इलाज में लापरवाही और अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। सफदरगंज थाना क्षेत्र के बिकौली निवासी ममता वर्मा को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
पति आकाश कुमार का आरोप है कि सामान्य प्रसव होने के बाद भी पहले तो डॉक्टर ने नवजात की हालत गंभीर बताकर उसे एसएनसीयू वार्ड में शिफ्ट करा दिया फिर प्रसूता को ब्लड चढ़ाने के लिए कहा। ब्लड बैंक से रक्त लाकर वार्ड में मौजूद डॉ. पूजा को दे दिया गया।
पति का आरोप है कि नार्मल प्रसव कराने के नाम पर अस्पताल स्टॉफ ने पांच हजार रुपया की मांग की थी। इसमें से दो हजार रुपया दे भी दिया गया था। बकाया तीन हजार रुपया को लेकर हुई तकरार के कारण स्टॉफ ने प्रसूता को दो घंटे तक रक्त नहीं चढ़ाया गया।
विज्ञापन
इस कारण हालत बिगड़ने से प्रसूता की मौत हो गई। इससे आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भी उन्हें शांत कराने का प्रयास किया लेकिन परिजन चिकित्सक समेत वहां मौजूद स्टॉफ पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग पर अड़ गए।
शहर कोतवाल संजय मौर्य ने बताया कि इस मामले में मृतका के पति की तरफ से तहरीर मिली है। इसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। दूसरी तरफ सीएमएस डॉ. पीके श्रीवास्तव का कहना है कि प्रसूता के इलाज में न तो कोई लापरवाही बरती गई और न ही कोई पैसा मांगा गया। प्रसूता गंभीर एनीमिक थी। इसकी जानकारी भी प्रसूता के परिजनों को भर्ती करने के दौरान पहले ही दी गई थी।
विज्ञापन
पति आकाश कुमार का आरोप है कि सामान्य प्रसव होने के बाद भी पहले तो डॉक्टर ने नवजात की हालत गंभीर बताकर उसे एसएनसीयू वार्ड में शिफ्ट करा दिया फिर प्रसूता को ब्लड चढ़ाने के लिए कहा। ब्लड बैंक से रक्त लाकर वार्ड में मौजूद डॉ. पूजा को दे दिया गया।
विज्ञापन
पति का आरोप है कि नार्मल प्रसव कराने के नाम पर अस्पताल स्टॉफ ने पांच हजार रुपया की मांग की थी। इसमें से दो हजार रुपया दे भी दिया गया था। बकाया तीन हजार रुपया को लेकर हुई तकरार के कारण स्टॉफ ने प्रसूता को दो घंटे तक रक्त नहीं चढ़ाया गया।
विज्ञापन
इस कारण हालत बिगड़ने से प्रसूता की मौत हो गई। इससे आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भी उन्हें शांत कराने का प्रयास किया लेकिन परिजन चिकित्सक समेत वहां मौजूद स्टॉफ पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग पर अड़ गए।
शहर कोतवाल संजय मौर्य ने बताया कि इस मामले में मृतका के पति की तरफ से तहरीर मिली है। इसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। दूसरी तरफ सीएमएस डॉ. पीके श्रीवास्तव का कहना है कि प्रसूता के इलाज में न तो कोई लापरवाही बरती गई और न ही कोई पैसा मांगा गया। प्रसूता गंभीर एनीमिक थी। इसकी जानकारी भी प्रसूता के परिजनों को भर्ती करने के दौरान पहले ही दी गई थी।