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बिना लाइसेंस चल रहे थे अस्पताल, नोटिस जारी
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बाराबंकी। बिना पंजीकरण के अस्पताल और क्लीनिक चलाने वालों पर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सीएमओ के आदेश पर नोडल अधिकारी ने शुक्रवार को करीब एक दर्जन अस्पतालों पर छापा मारा और बिना पंजीकरण के अस्पताल और क्लीनिक संचालित होने पर नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। नोडल अधिकारी की टीम को देख कई झोलाछाप अपना क्लीनिक बंद कर भाग खड़ेे हुए।
चिकित्सा एवं पंजीयन के नोडल अधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित ने नई सड़क स्थित सहाय अस्पताल पर छापा मारा। इस दौरान पाया गया कि अस्पताल का संचालन बिना पंजीकरण के किया जा रहा है। मौके पर मौजूद संचालक से नोडल अधिकारी ने जब प्रपत्र दिखाने को कहा तो वह बगले झांकने लगा और कोई प्रपत्र नहीं दिखा पाया। इसके अलावा नोडल अधिकारी ने यहीं पर संचालित रजा पॉलीक्लीनिक पर छापा मारा। जांच पाया गया कि अस्पताल का संचालन बिना पंजीकरण के किया जा रहा है। जिस पर दोनों संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
इसके अलावा टीम ने बरैया चौराहा स्थित रमेश क्लीनिक, जैदपुर स्थित श्रीपाल क्लीनिक, डीहा स्थित अशोक कुमार के क्लीनिक, सिद्धौर में राजेंद्र और परमात्मानंद, देवीगंज में परमल बाइन के क्लीनिक की जांच की गई तो संचालक पंजीकरण प्रमाणपत्र नहीं दिखा पाए। जिस पर सभी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया। इस दौरान कई क्लीनिक संचालक टीम को देख अपनी क्लीनिक बंद कर भाग गए। नोडल अधिकारी ने बताया कि एक दर्जन अस्पतालों और क्लीनिक की जांच की गई लेकिन इनमें से कोई भी लाइसेंस नहीं दिखा पाया। जिस पर इन सभी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
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मेडिकल स्टोर संचालक चला रहा था क्लीनिक
जैदपुर से पहले बरैया चौराहे के पास देव फार्मेसी नाम से मेडिकल स्टोर का संचालन किया जा रहा था। इसके साथ ही यहां पर क्लीनिक भी चलाया जा रहा था। नोडल अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान जब मेडिकल स्टोर संचालक चंदन कुमार से बात की गई तो वह कोई जवाब नहीं दे पाया। जिस पर नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
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चिकित्सा एवं पंजीयन के नोडल अधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित ने नई सड़क स्थित सहाय अस्पताल पर छापा मारा। इस दौरान पाया गया कि अस्पताल का संचालन बिना पंजीकरण के किया जा रहा है। मौके पर मौजूद संचालक से नोडल अधिकारी ने जब प्रपत्र दिखाने को कहा तो वह बगले झांकने लगा और कोई प्रपत्र नहीं दिखा पाया। इसके अलावा नोडल अधिकारी ने यहीं पर संचालित रजा पॉलीक्लीनिक पर छापा मारा। जांच पाया गया कि अस्पताल का संचालन बिना पंजीकरण के किया जा रहा है। जिस पर दोनों संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
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इसके अलावा टीम ने बरैया चौराहा स्थित रमेश क्लीनिक, जैदपुर स्थित श्रीपाल क्लीनिक, डीहा स्थित अशोक कुमार के क्लीनिक, सिद्धौर में राजेंद्र और परमात्मानंद, देवीगंज में परमल बाइन के क्लीनिक की जांच की गई तो संचालक पंजीकरण प्रमाणपत्र नहीं दिखा पाए। जिस पर सभी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया। इस दौरान कई क्लीनिक संचालक टीम को देख अपनी क्लीनिक बंद कर भाग गए। नोडल अधिकारी ने बताया कि एक दर्जन अस्पतालों और क्लीनिक की जांच की गई लेकिन इनमें से कोई भी लाइसेंस नहीं दिखा पाया। जिस पर इन सभी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
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मेडिकल स्टोर संचालक चला रहा था क्लीनिक
जैदपुर से पहले बरैया चौराहे के पास देव फार्मेसी नाम से मेडिकल स्टोर का संचालन किया जा रहा था। इसके साथ ही यहां पर क्लीनिक भी चलाया जा रहा था। नोडल अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान जब मेडिकल स्टोर संचालक चंदन कुमार से बात की गई तो वह कोई जवाब नहीं दे पाया। जिस पर नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।