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Barabanki News: डॉक्टरों के बजाय स्वास्थ्य कर्मी करते हैं इलाज

Sun, 13 Aug 2023 01:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Sun, 13 Aug 2023 01:02 AM IST
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Health workers treat instead of doctors
बाराबंकी। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में अव्यवस्थाओं की भरमार है। यहां पर उपचार के लिए आने वाले मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है जिसकी वजह से वार्ड फुल है। मरीजों का इलाज स्ट्रेचर पर किया जा रहा है और इन्हें बाहर से दवाएं मंगाई जा रही है। लापरवाही का आलम ये हैं कि इमरजेंसी में डॉक्टर तो मौजूद रहते हैं पर इलाज स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा किया जाता है। लेकिन जिम्मेदार इसको लेकर कतई गंभीर नहीं।
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बदले मौसम में संक्रामक रोग तेज से फैल रहा है। वायरल के साथ ही डायरिया, पेट दर्द, सांस के मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं। इसके अलावा सड़क हादसों में घायल मरीजों को ट्रामा की इमरजेंसी में लाया जा रहा है। ऐसे में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसके चलते वार्डाें में बेड भी फुल हो चुके हैं।
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शनिवार को इमरजेंसी पहुंचे मरीजों को बेड तक नसीब नहीं हो सका जिसके चलते उन्हें स्ट्रेचर पर लिटा का ग्लूकाेज की बोतल लगा दी गई। स्ट्रेचर पर इलाज करा रहे गुरूप्रसाद के साथ आए लोगों ने बताया कि उनके मरीज को सांस लेने में परेशानी हो रही है। लेकिन वार्ड में बेड फुल होने के कारण बाहर स्ट्रेचर पर ही उन्हें स्वास्थ्य कर्मी ने ऑक्सीजन लगा दी। पेट दर्द से परेशान एक किशोरी को स्ट्रेचर पर लिटाकर ग्लूकोज लगा दिया गया। ऐसे कई मरीज दिखाई दिए जिनका उपचार स्ट्रेचर पर किया जा रहा था।
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पीड़ितों के साथ आए तीमारदारों का आरोप है कि इमरजेंसी में चिकित्सक मौजूद रहते हैं पर मरीजों को देखने तक नहीं आते। फार्मासिस्ट व स्वास्थ्य कर्मी ही इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का इलाज करते हैं। यहां की अव्यवस्थाओं के चलते ही तीमारदार इमजरेंसी में आने से कतराने लगे हैं और वह निजी अस्पतालों में जाकर महंगे दामों पर इलाज कराने को मजबूर हैं।


ओपीडी में रही मरीजों की भीड़
शनिवार होने के चलते अस्पताल का समय 12 बजे तक था। लेकिन ओपीडी मरीजों से खचाखच भरी थी। यहां पर वायरल के अलावा सबसे ज्यादा मरीज आई फ्लू के आए। जिन्हें चिकित्सकों द्वारा देख दवाएं तो दी गई पर कई मरीजों को बाहर से भी दवाएं लिखी गईं। तमाम रोक के बाद भी चिकित्सक मरीजों को बाहर से दवाएं लिखने से बाज नहीं आ रहे हैं।

वार्डाें में कूलर चल रहे न पंखे
इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों ने बताया कि गर्मी और उमस से हाल बेहाल है। लेकिन वार्डों में लगे कूलर और पंखे चल नहीं रहे हैं। बतातें चले कि कुछ दिन पहले कमिश्नर अयोध्या मंडल ने इमरजेंसी का निरीक्षण किया था इस दौरान उन्हाेंने मरीजों का हाल देख कूलर और पंखे लगाए जाने के आदेश दिए थे। कमिश्नर के आदेश पर कूलर लगा औपचारिकता निभा दी गई।



इमरजेंसी में आने वाले मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाकर चिकित्सक अपनी देख रेख में प्राथमिक उपचार करते हैं और थोड़ी राहत मिलने पर ही वार्ड में शिफ्ट किया जाता है। बाहर से दवाएं मंगाने पर पूरी तरह से रोक है। यदि कोई लिखित शिकायत करता है तो उसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. बृजेश कुमार, सीएमएस जिला अस्पताल
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