{"_id":"67d86bbb43c4f8d97e01afd3","slug":"hail-fell-mercury-dropped-farmers-worries-remain-barabanki-news-c-315-1-slko1014-135332-2025-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: गिरे ओले, लुढका पारा, किसानाें की चिंता बरकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: गिरे ओले, लुढका पारा, किसानाें की चिंता बरकरार
Tue, 18 Mar 2025 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 18 Mar 2025 12:06 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। मौसम में आए बदलाव के बीच हुई बारिश और छिटपुट ओलावृष्टि से तापमान में आई गिरावट से लोगों को बढ़ती तपिश से राहत मिली है। सोमवार भोर में हुई हल्की बारिश से गेहूं के साथ ही अन्य फसलों को भी नमी मिलने से फिलहाल नुकसान जैसी कोई बात नहीं है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार तेज बारिश न होने के कारण गेहूं व सरसों की फसल को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। यदि तेज बारिश होती है तभी फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। मौसम विभाग द्वारा 21 और 22 मार्च को बारिश होने की संभावना ने किसानों की परेशानी भी बढ़ा दी है।
जिले में इस बार 1.31 लाख हेक्टेयर में गेहूं, 55387 हेक्टेयर में सरसों के अलावा 16,918 हेक्टेयर में मसूर, 825 हेक्टेयर में चना, छह हेक्टेयर 110 हेक्टेयर में जौ और 22000 हेक्टेयर में आलू की बोआई किसानों ने की है। प्रगतिशील किसान विमलेश कुमार, हरपाल आदि के साथ ही जिला कृषि अधिकारी राजित राम का भी कहना है कि हल्की बारिश से गेहूं, आलू, सरसाें के साथ ही सब्जियों की फसलों को कोई नुकसान नहीं हुआ है बल्कि मौसम में नमी आने का फायदा जरूर फसलों को मिलेगा। भविष्य में तेज बारिश हुई तो फसलों को जरूर नुकसान होगा।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार होली के बाद दिन व रात के तापमान में अचानक हुई बढ़ोत्तरी के कारण ही बारिश के साथ कुछ जगह ओलावृष्टि हुई। इससे दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री से गिरकर 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। सतरिख और कोटवाधाम में जहां ओले गिरे वहीं हैदरगढ, रामसनेहीघाट, मसौली, सिद्धौर, निंदूरा, फतेहपुर, सिरौलीगौसपुर में बूंदाबांदी और गरज चमक के साथ हल्की बारिश हुई।
विज्ञापन
आलू को नुकसान नहीं, गन्ने को भी फायदा
जिला उद्यान अधिकारी धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि किसान ज्यादातर आलू की खोदाई कर चुके हैं। इससे सोमवार को जाे बूंदाबांदी हुई है उससे आलू की फसल को कोई नुकसान नहीं है। उधर जिला गन्ना अधिकारी दुष्यंत कुमार ने बताया कि बूंदाबांदी से गन्ने की फसल को लाभ ही हुआ है।
विज्ञापन
जिले में इस बार 1.31 लाख हेक्टेयर में गेहूं, 55387 हेक्टेयर में सरसों के अलावा 16,918 हेक्टेयर में मसूर, 825 हेक्टेयर में चना, छह हेक्टेयर 110 हेक्टेयर में जौ और 22000 हेक्टेयर में आलू की बोआई किसानों ने की है। प्रगतिशील किसान विमलेश कुमार, हरपाल आदि के साथ ही जिला कृषि अधिकारी राजित राम का भी कहना है कि हल्की बारिश से गेहूं, आलू, सरसाें के साथ ही सब्जियों की फसलों को कोई नुकसान नहीं हुआ है बल्कि मौसम में नमी आने का फायदा जरूर फसलों को मिलेगा। भविष्य में तेज बारिश हुई तो फसलों को जरूर नुकसान होगा।
विज्ञापन
मौसम विज्ञानियों के अनुसार होली के बाद दिन व रात के तापमान में अचानक हुई बढ़ोत्तरी के कारण ही बारिश के साथ कुछ जगह ओलावृष्टि हुई। इससे दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री से गिरकर 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। सतरिख और कोटवाधाम में जहां ओले गिरे वहीं हैदरगढ, रामसनेहीघाट, मसौली, सिद्धौर, निंदूरा, फतेहपुर, सिरौलीगौसपुर में बूंदाबांदी और गरज चमक के साथ हल्की बारिश हुई।
विज्ञापन
आलू को नुकसान नहीं, गन्ने को भी फायदा
जिला उद्यान अधिकारी धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि किसान ज्यादातर आलू की खोदाई कर चुके हैं। इससे सोमवार को जाे बूंदाबांदी हुई है उससे आलू की फसल को कोई नुकसान नहीं है। उधर जिला गन्ना अधिकारी दुष्यंत कुमार ने बताया कि बूंदाबांदी से गन्ने की फसल को लाभ ही हुआ है।