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निदेशालय ने मांगे 122 ग्राम पंचायतों के अभिलेख
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बाराबंकी। परफॉरमेंस ग्रांट योजना में ग्राम पंचायतों द्वारा किए गए आवेदनों की जांच के बाद जिला कमेटी ने किसी भी पंचायत को पात्र नहीं पाया था और इसकी रिपोर्ट पंचायती राज निदेशालय को भेज दी गई थी। इस योजना में किए गए 122 ग्राम पंचायतों के आवेदनों में एक भी ग्राम पंचायत मानक पर खरा न मिलने पर अब निदेशक पंचायती राज ने इन सभी गांवों के अभिलेखों को तलब किया है। निदेशालय स्तर अभिलेखों की जांच के बाद अगर इनमें से कोई पंचायत मानक पर खरा मिली तो उसे योजना के तहत पुरस्कृत भी किया जाएगा। वहीं जिला कमेटी पर भी सवालिया निशान लग जाएगा।
परफॉरमेंस ग्रांट 2016-17 के लिए पंचायती राज विभाग द्वारा ऑनलाइन आवेदन ग्राम पंचायतों से मांगे गए थे। तीन बार बढ़ाई गए तिथि के बाद 15 विकास खंडों से 122 ग्राम पंचायतों ने आवेदन कर दावा ठोंका था। आवेदन के बाद जिलास्तर पर गठित कमेठी ने इन सभी ग्राम पंचायतों के आवेदनों के साथ उनके अभिलेखों की जांच की थी। जांच के दौरान कमेटी ने पाया था कि परफॉरमेंस ग्रांट योजना का लाभ पाने के लिए निर्धारित मानकों को इनमेें से कोई भी ग्राम पंचायत पूरी नहीं कर रही है और सभी को अपात्र बताकर शून्य की रिपोर्ट पंचायती राज निदेशालय को भेज दी गई थी। 122 ग्राम पंचायतों के आवेदनों में एक भी ग्राम पंचायत का नाम शामिल न होने की दशा में अब निदेशक पंचायती राज ने इन सभी गांवों के अभिलेखों की दोबारा जांच कराने जा रही है। जांच के बाद अगर कोई ग्राम पंचायत मानक पर खरा उतरती मिली तो उसे योजना का लाभ दिया जाएगा। वहीं जिला कमेटी पर भी सवालिया निशान लग सकता है।
परफॉरमेंस ग्रांट योजना में मानक से हटकर किए गए फर्जी तरीके से चयन को लेकर नगर कोतवाली में पूर्व डीपीआरओ समेत संबंधित सचिव और एडीओ पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है। इसी डर को लेकर दोबारा मांगे गए आवेदनों के बाद कमेटी किसी प्रकार का रिस्क लेना नहीं चाहती थी। और बारिकी से अभिलेखों की जांच कर किसी भी पंचायत को पात्र नहीं पाया था। और इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी थी।
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परफॉरमेंस ग्रांट में जो आवेदन किए गए थे। उन सभी ग्राम पंचायतों के अभिलेख निदेशालय स्तर से पूरे प्रदेश से मांगे गए हैं। अभिलेखों को जांच के लिए भेजा जाएगा।
रणविजय सिंह, डीपीआरओ।
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परफॉरमेंस ग्रांट 2016-17 के लिए पंचायती राज विभाग द्वारा ऑनलाइन आवेदन ग्राम पंचायतों से मांगे गए थे। तीन बार बढ़ाई गए तिथि के बाद 15 विकास खंडों से 122 ग्राम पंचायतों ने आवेदन कर दावा ठोंका था। आवेदन के बाद जिलास्तर पर गठित कमेठी ने इन सभी ग्राम पंचायतों के आवेदनों के साथ उनके अभिलेखों की जांच की थी। जांच के दौरान कमेटी ने पाया था कि परफॉरमेंस ग्रांट योजना का लाभ पाने के लिए निर्धारित मानकों को इनमेें से कोई भी ग्राम पंचायत पूरी नहीं कर रही है और सभी को अपात्र बताकर शून्य की रिपोर्ट पंचायती राज निदेशालय को भेज दी गई थी। 122 ग्राम पंचायतों के आवेदनों में एक भी ग्राम पंचायत का नाम शामिल न होने की दशा में अब निदेशक पंचायती राज ने इन सभी गांवों के अभिलेखों की दोबारा जांच कराने जा रही है। जांच के बाद अगर कोई ग्राम पंचायत मानक पर खरा उतरती मिली तो उसे योजना का लाभ दिया जाएगा। वहीं जिला कमेटी पर भी सवालिया निशान लग सकता है।
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परफॉरमेंस ग्रांट योजना में मानक से हटकर किए गए फर्जी तरीके से चयन को लेकर नगर कोतवाली में पूर्व डीपीआरओ समेत संबंधित सचिव और एडीओ पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है। इसी डर को लेकर दोबारा मांगे गए आवेदनों के बाद कमेटी किसी प्रकार का रिस्क लेना नहीं चाहती थी। और बारिकी से अभिलेखों की जांच कर किसी भी पंचायत को पात्र नहीं पाया था। और इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी थी।
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परफॉरमेंस ग्रांट में जो आवेदन किए गए थे। उन सभी ग्राम पंचायतों के अभिलेख निदेशालय स्तर से पूरे प्रदेश से मांगे गए हैं। अभिलेखों को जांच के लिए भेजा जाएगा।
रणविजय सिंह, डीपीआरओ।