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महादेवा में उमड़ा आस्था का सैलाब
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2015 10:53 PM IST
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आशुतोष तुम औघड़ दानी, आरति हरहु दीन जन जानी... अर्थात इच्छाओं को बिना सोचे बिचारे पूर्ण कर देने वाले देवाधिदेव महादेव की आराधना के लिए सावन के अंतिम सोमवार को शिवभक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। लोधेश्वर महादेवा समेत जिले के सभी शिव मंदिरों में भोलेबाबा के जयकारों की गूंज रही। भोलेनाथ की पूजा अर्चना के लिए लोधेश्वर महादेवा मेें जहां भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। वहीं, जिले भर के शिवालयों में पूरे दिन पूजा अर्चना को लेकर भक्तों की भीड़ लगी रही।
सावन के आखिरी सोमवार को सुबह से ही हाथ में गंगा जल से भरा लोटा उसमें बिल्वपत्र, अक्षत, धतूरा और पुष्प से जलाभिषेक करने के लिए शिवभक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। चारों तरफ हर-हर बम-बम की गूंज के साथ शिवालयों में अव्यवस्था आस्था के आगे नतमस्तक दिखाई पड़ी।
बारिश के बाद भी कम नहीं हुआ उत्साह
उत्तर भारत का प्रमुख शैव तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेवा जन-जन की आस्था, विश्वास एवं भक्ति के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है।
सावन के अंतिम सोमवार को दूर दराज से आए हजारों शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। आलम यह था कि ओम नमो: शिवाय के उद्घोष व जयकारों के बीच यहां रविवार रात से ही शिवभक्तों की लंबी कतारें लग गई और रात बारह बजे कपाट खुलने के बाद दर्शन को शुरू हुआ तांता देर रात तक लगा रहा। रात व दोपहर हुई बारिश के बाद भी शिवभक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ।
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लोधेश्वर महादेवा में स्थानीय भक्तों के अलावा कानपुर, लखीमपुर, फतेहपुर, उन्नाव, उरई, झांसी, कन्नौज, रायबरेली, गोंडा, सीतापुर, जालौन, लखनऊ, बहराइच आदि जिलों से आए हजारों भक्तों ने जलाभिषेक किया।
शहर के कैलाश आश्रम में शाम को शिवलिंग का भव्य श्रृंगार किया गया। चंद्रेश्वर महादेव, नागेश्वर नाथ मंदिर, लखपेड़ाबाग स्थित शिव मंदिर, धनोखर मंदिर, जंगलेश्वरनाथ मंदिर सहित शहर के सभी शिवमंदिरों में श्रद्धालुओं पूजा अर्चना की।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी रही बाबा की धूम
सावन के अंतिम सोमवार पर ग्रामीण क्षेत्रों में पूजा अर्चना के लिए शिवालयों पर भीड़ जुटी रही। सिद्धौर के सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से शाम तक शिवभक्तों का तांता लगा रहा।
सिरौलीगौसपुर प्रतिनिधि के अनुसार कुंतेश्वर महादेव किंतूर में भूतभावन शंकर भगवान की उपासना के विशेष माह सावन के अंतिम सोमवार को पूजा अर्चना की। न प्राचीन मंदिर श्रीकुंतेश्वर महादेव मंदिर में सोमवार भोर से ही भक्तों का तांता लगा रहा।
उत्थान समिति द्वारा भंडारे का आयोजन किया। वहीं, जंगलेश्वर मंदिर, रमसहाय के मूर्ति माता मंदिर, भवानीपुर के शिवमंदिर में भक्तों ने जलाभिषेक कर पूजन अर्चन किया। फतेहपुर प्रतिनिधि के अनुसार शक्तिधाम महादेव तालाब पर सावन के अंतिम सोमवार को पूजा अर्चना कर सैकड़ों भक्त गंगाजल लेकर लोधेश्वर महादेवा में जलाभिषेक के लिए रवाना हुए।
आल्हा का हुआ आयोजन
हैदरगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार, गोमती नदी के तट पर स्थित अतिप्राचीन औसानेश्वर मंदिर में भक्तों नदी में स्नान कर जलाभिषेक किया। मंदिर के समीप ही पूर्व ब्लॉक प्रमुख की ओर से आल्हा गायन का आयोजन किया गया। राजकुमार ने आल्हा गायन किया।
सांसद प्रियंका सिंह रावत ने मंदिर पहुंच कर जलाभिषेक किया। त्रिवेदीगंज के शिवनाम में पौराणिक मंदिर सोनेश्वर महादेव में शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। यहां पर महेंद्र यादव द्वारा रुद्राभिषेक व भंडारे का आयोजन किया गया। मंदिर में जलाभिषेक करने वालों में शिवभक्तों की भीड़ सुबह से शाम तक बनी रही।
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सावन के आखिरी सोमवार को सुबह से ही हाथ में गंगा जल से भरा लोटा उसमें बिल्वपत्र, अक्षत, धतूरा और पुष्प से जलाभिषेक करने के लिए शिवभक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। चारों तरफ हर-हर बम-बम की गूंज के साथ शिवालयों में अव्यवस्था आस्था के आगे नतमस्तक दिखाई पड़ी।
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बारिश के बाद भी कम नहीं हुआ उत्साह
उत्तर भारत का प्रमुख शैव तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेवा जन-जन की आस्था, विश्वास एवं भक्ति के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है।
सावन के अंतिम सोमवार को दूर दराज से आए हजारों शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। आलम यह था कि ओम नमो: शिवाय के उद्घोष व जयकारों के बीच यहां रविवार रात से ही शिवभक्तों की लंबी कतारें लग गई और रात बारह बजे कपाट खुलने के बाद दर्शन को शुरू हुआ तांता देर रात तक लगा रहा। रात व दोपहर हुई बारिश के बाद भी शिवभक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ।
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लोधेश्वर महादेवा में स्थानीय भक्तों के अलावा कानपुर, लखीमपुर, फतेहपुर, उन्नाव, उरई, झांसी, कन्नौज, रायबरेली, गोंडा, सीतापुर, जालौन, लखनऊ, बहराइच आदि जिलों से आए हजारों भक्तों ने जलाभिषेक किया।
शहर के कैलाश आश्रम में शाम को शिवलिंग का भव्य श्रृंगार किया गया। चंद्रेश्वर महादेव, नागेश्वर नाथ मंदिर, लखपेड़ाबाग स्थित शिव मंदिर, धनोखर मंदिर, जंगलेश्वरनाथ मंदिर सहित शहर के सभी शिवमंदिरों में श्रद्धालुओं पूजा अर्चना की।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी रही बाबा की धूम
सावन के अंतिम सोमवार पर ग्रामीण क्षेत्रों में पूजा अर्चना के लिए शिवालयों पर भीड़ जुटी रही। सिद्धौर के सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से शाम तक शिवभक्तों का तांता लगा रहा।
सिरौलीगौसपुर प्रतिनिधि के अनुसार कुंतेश्वर महादेव किंतूर में भूतभावन शंकर भगवान की उपासना के विशेष माह सावन के अंतिम सोमवार को पूजा अर्चना की। न प्राचीन मंदिर श्रीकुंतेश्वर महादेव मंदिर में सोमवार भोर से ही भक्तों का तांता लगा रहा।
उत्थान समिति द्वारा भंडारे का आयोजन किया। वहीं, जंगलेश्वर मंदिर, रमसहाय के मूर्ति माता मंदिर, भवानीपुर के शिवमंदिर में भक्तों ने जलाभिषेक कर पूजन अर्चन किया। फतेहपुर प्रतिनिधि के अनुसार शक्तिधाम महादेव तालाब पर सावन के अंतिम सोमवार को पूजा अर्चना कर सैकड़ों भक्त गंगाजल लेकर लोधेश्वर महादेवा में जलाभिषेक के लिए रवाना हुए।
आल्हा का हुआ आयोजन
हैदरगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार, गोमती नदी के तट पर स्थित अतिप्राचीन औसानेश्वर मंदिर में भक्तों नदी में स्नान कर जलाभिषेक किया। मंदिर के समीप ही पूर्व ब्लॉक प्रमुख की ओर से आल्हा गायन का आयोजन किया गया। राजकुमार ने आल्हा गायन किया।
सांसद प्रियंका सिंह रावत ने मंदिर पहुंच कर जलाभिषेक किया। त्रिवेदीगंज के शिवनाम में पौराणिक मंदिर सोनेश्वर महादेव में शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। यहां पर महेंद्र यादव द्वारा रुद्राभिषेक व भंडारे का आयोजन किया गया। मंदिर में जलाभिषेक करने वालों में शिवभक्तों की भीड़ सुबह से शाम तक बनी रही।