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घाघरा फिर लाल निशान के पार
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2015 10:59 PM IST
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घाघरा नदी का जलस्तर एक बार फिर लाल निशान को पार कर गया है। नदी का पानी एक सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। नदी का बढ़ता जलस्तर देख तराई में एक बार फिर हड़कंप मच गया है।
नदी के तेवर देख यहां के लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देख प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है और बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों केे अलर्ट कर दिया गया है।
घाघरा नदी का पानी खतरे के निशान से 106.070 से बढ़कर 106.106 पर पहुंच गया है। नदी का पानी नदी का पानी एक सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। जिससे तराई में हलचल मच गई।
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ग्रामीणों का कहना पिछले दो माह के अंदर नदी का पानी तीन बार खतरे के निशान को पार कर चुका है। सोमवार की देररात से ही नदी का पानी बढ़ने लगा था। लेकिन मंगलवार को जलस्तर बढ़ने में और तेजी आई है।
नदी का पानी जिस रफ्तार से बढ़ रहा है उससे तो यही लगा रहा है कि नदी का पानी खतरे के निशान से काफी ऊपर जा सकता है। यदि नदी का पानी इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो वह तराई के कई गांवों के पास तक पहुंच सकता है। नदी का पानी बार-बार लाल निशान पार कर जाने की वजह तराई के लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
तराई वासी इसको लेकर अभी से ही सतर्क हो गए हैं। नदी के बढ़ते पानी को देख बाढ़ खंड के अधिकारी पूरी तरह से सतर्क हो गए हैं और एल्गिन-चरसडी बांध पर बराबर नजर रखे हुए हैं।
अपर जिलाधिकारी हरिकेश चौरसिया ने बताया कि घाघरा नदी का पानी बढ़ रहा है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गए हैं। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों का अलर्ट कर दिया गया है। इसके अलावा चार तहसीलों फतेहपुर, रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट के एसडीएम को जलस्तर पर बराबर नजर रखने के लिए कहा गया है।
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नदी के तेवर देख यहां के लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देख प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है और बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों केे अलर्ट कर दिया गया है।
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घाघरा नदी का पानी खतरे के निशान से 106.070 से बढ़कर 106.106 पर पहुंच गया है। नदी का पानी नदी का पानी एक सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। जिससे तराई में हलचल मच गई।
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ग्रामीणों का कहना पिछले दो माह के अंदर नदी का पानी तीन बार खतरे के निशान को पार कर चुका है। सोमवार की देररात से ही नदी का पानी बढ़ने लगा था। लेकिन मंगलवार को जलस्तर बढ़ने में और तेजी आई है।
नदी का पानी जिस रफ्तार से बढ़ रहा है उससे तो यही लगा रहा है कि नदी का पानी खतरे के निशान से काफी ऊपर जा सकता है। यदि नदी का पानी इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो वह तराई के कई गांवों के पास तक पहुंच सकता है। नदी का पानी बार-बार लाल निशान पार कर जाने की वजह तराई के लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
तराई वासी इसको लेकर अभी से ही सतर्क हो गए हैं। नदी के बढ़ते पानी को देख बाढ़ खंड के अधिकारी पूरी तरह से सतर्क हो गए हैं और एल्गिन-चरसडी बांध पर बराबर नजर रखे हुए हैं।
अपर जिलाधिकारी हरिकेश चौरसिया ने बताया कि घाघरा नदी का पानी बढ़ रहा है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गए हैं। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों का अलर्ट कर दिया गया है। इसके अलावा चार तहसीलों फतेहपुर, रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट के एसडीएम को जलस्तर पर बराबर नजर रखने के लिए कहा गया है।