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Barabanki News: एलडीए की करोड़ों की जमीन में धोखाधड़ी, तीन पर केस
Sun, 19 Nov 2023 01:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 19 Nov 2023 01:18 AM IST
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बाराबंकी। 35 साल पहले लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से आवंटित 27302 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के करोड़ों के भूखंड का आवंटन फर्जी हस्ताक्षर से होने के आरोप में बैंक मैनेजर की तहरीर पर रामनगर कोतवाली में तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व आपराधिक षडयंत्र रचने का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में जिन लोगों का जिक्र हुआ है, वह नामी लोग हैं।
रामनगर क्षेत्र के सुढ़ियामऊ निवासी आलोक कुमार रंजन के अनुसार वह वर्तमान में लखनऊ स्थित आईसीआईसीआई बैंक में मैनेजर हैं। पुलिस को दी तहरीर में उन्होंने बताया कि लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में करीब 27302 वर्ग मीटर भूखंड का सौदा अयोध्या के इनायतपुर निवासी विशाल कुमार सिंह से किया था। यह भूखंड कई लोगों के बीच खरीदा व बेचा गया। जुलाई 1988 में इसे रामनगर के गाजियाबाद निवासी सुप्रीति त्रिवेदी को लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से आवंटित किया गया था। लेकिन प्राधिकरण से दरख्वास्त कर इस भूखंड के तीन को-ऑनर सुप्रीति त्रिवेदी, उनके पति प्रजापति त्रिवेदी और ससुर धरनीधर त्रिवेदी हो गए।
धरनीधर ने वर्ष 2014 में की गई वसीयत में यह भूखंड प्रजापति त्रिवेदी को दिया था, मगर अपने जीवनकाल में ही वर्ष 2017 में यह भूखंड अपनी नातिन पौलोमी पावनी शुक्ला को लिखा-पढ़ी कर उपहार में दे दिया। आलोक कुमार रंजन ने रजिस्टर्ड राइटिंग एक्सपर्ट की जांच में फर्जी और भिन्न हस्ताक्षर पाए जाने की पुष्टि की रिपोर्ट भी पुलिस को सौंपी है। आलोक ने बताया कि यह भूखंड खरीदने के लिए विशाल कुमार सिंह को डेढ़ लाख रुपये देकर एग्रीमेंट कराया था। लेकिन अब एग्रीमेंट रद्द करना चाहता हूं तो पैसे वापस करने की बजाय किस्त भरने को कह रहे हैं।
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इस तहरीर पर पुलिस ने वर्तमान में लखनऊ में रहने वाले विशाल कुमार सिंह, सुप्रीती त्रिवेदी व प्रजापति त्रिवेदी के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, आपराधिक षडयंत्र रचने का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस हस्ताक्षर का परीक्षण करने की तैयारी में जुटी है। क्योंकि लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में इतने बड़े भूखंड के आवंटन का मामला पहली बार सामने आया है। अधिकारियों का कहना है कि यह मुकदमा एडीजी के आदेश पर दर्ज हुआ है। क्योंकि रुपयों का भुगतान रामनगर क्षेत्र में हुआ है। सीओ रामनगर हर्षित चौहान ने बताया कि उच्च अधिकारियों के आदेश पर केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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रामनगर क्षेत्र के सुढ़ियामऊ निवासी आलोक कुमार रंजन के अनुसार वह वर्तमान में लखनऊ स्थित आईसीआईसीआई बैंक में मैनेजर हैं। पुलिस को दी तहरीर में उन्होंने बताया कि लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में करीब 27302 वर्ग मीटर भूखंड का सौदा अयोध्या के इनायतपुर निवासी विशाल कुमार सिंह से किया था। यह भूखंड कई लोगों के बीच खरीदा व बेचा गया। जुलाई 1988 में इसे रामनगर के गाजियाबाद निवासी सुप्रीति त्रिवेदी को लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से आवंटित किया गया था। लेकिन प्राधिकरण से दरख्वास्त कर इस भूखंड के तीन को-ऑनर सुप्रीति त्रिवेदी, उनके पति प्रजापति त्रिवेदी और ससुर धरनीधर त्रिवेदी हो गए।
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धरनीधर ने वर्ष 2014 में की गई वसीयत में यह भूखंड प्रजापति त्रिवेदी को दिया था, मगर अपने जीवनकाल में ही वर्ष 2017 में यह भूखंड अपनी नातिन पौलोमी पावनी शुक्ला को लिखा-पढ़ी कर उपहार में दे दिया। आलोक कुमार रंजन ने रजिस्टर्ड राइटिंग एक्सपर्ट की जांच में फर्जी और भिन्न हस्ताक्षर पाए जाने की पुष्टि की रिपोर्ट भी पुलिस को सौंपी है। आलोक ने बताया कि यह भूखंड खरीदने के लिए विशाल कुमार सिंह को डेढ़ लाख रुपये देकर एग्रीमेंट कराया था। लेकिन अब एग्रीमेंट रद्द करना चाहता हूं तो पैसे वापस करने की बजाय किस्त भरने को कह रहे हैं।
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इस तहरीर पर पुलिस ने वर्तमान में लखनऊ में रहने वाले विशाल कुमार सिंह, सुप्रीती त्रिवेदी व प्रजापति त्रिवेदी के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, आपराधिक षडयंत्र रचने का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस हस्ताक्षर का परीक्षण करने की तैयारी में जुटी है। क्योंकि लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में इतने बड़े भूखंड के आवंटन का मामला पहली बार सामने आया है। अधिकारियों का कहना है कि यह मुकदमा एडीजी के आदेश पर दर्ज हुआ है। क्योंकि रुपयों का भुगतान रामनगर क्षेत्र में हुआ है। सीओ रामनगर हर्षित चौहान ने बताया कि उच्च अधिकारियों के आदेश पर केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।