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कंपनी में हिस्सेदारी को लेकर 64 लाख की ठगी, दो पर मुकदमा
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बाराबंकी। कंपनी में हिस्सेदारी व निदेशक बनाने के नाम पर 64 लाख रुपये की ठगी का एक मामला सामने आया है। मंगलवार को अदालत के आदेश पर शहर कोतवाली में लखनऊ निवासी महिला समेत दो के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की है। महिला को दो कंपनियों का निदेशक बताया गया है।
शहर के सुभाषनगर निवासी संदीप कुमार ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां प्रार्थना पत्र देकर बताया कि, वह पैराइसो रियलिटी प्राइवेट लिमिटेड का निदेशक है। काम के सिलसिले में संदीप की मुलाकात लखनऊ के रेल विहार कॉलोनी निवासी हर्षिता शुक्ला से हुई थी। हर्षिता ने ज्ञानेंद्र कुमार से मिलवाया था।
हर्षिता ने खुद को दो कंपनियों पेसमेकर व ग्रीन ऐसेंस की निदेशक बताया था। दोनों ने बताया कि आर्थिक हालात ठीक न होने के कारण उनकी कंपनियों का संचालन ठीक से नहीं हो रहा है। दोनों ने वादा किया था कि अगर संदीप उनकी कंपनियों में पैसा लगा दे तो काफी आमदनी होगी और मुनाफे में 60 फीसदी का हिस्सा देते हुए कंपनी का निदेशक बना दिया जाएगा।
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संदीप का आरोप है कि वर्ष 2015 से 2020 तक उसने दोनों कंपनियों व हर्षिता के बैंक खाते में कई बार में 64 लाख रुपये का भुगतान किया। लेकिन कंपनियों में न हिस्सेदारी दी गई न ही निदेशक बनाया गया। इस दौरान उसके खिलाफ एक फर्जी मामला लखनऊ के गोमतीनगर थाने में दर्ज करा दिया गया। इसमें पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी।
अदालत ने पुलिस को इस मामले में केस दर्ज करने के आदेश दिए तो मंगलवार को शहर कोतवाली में हर्षिता व ज्ञानेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी व जान से मारने की धमकी का केस दर्ज किया गया है। कोतवाल संजय कुमार मौर्य ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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शहर के सुभाषनगर निवासी संदीप कुमार ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां प्रार्थना पत्र देकर बताया कि, वह पैराइसो रियलिटी प्राइवेट लिमिटेड का निदेशक है। काम के सिलसिले में संदीप की मुलाकात लखनऊ के रेल विहार कॉलोनी निवासी हर्षिता शुक्ला से हुई थी। हर्षिता ने ज्ञानेंद्र कुमार से मिलवाया था।
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हर्षिता ने खुद को दो कंपनियों पेसमेकर व ग्रीन ऐसेंस की निदेशक बताया था। दोनों ने बताया कि आर्थिक हालात ठीक न होने के कारण उनकी कंपनियों का संचालन ठीक से नहीं हो रहा है। दोनों ने वादा किया था कि अगर संदीप उनकी कंपनियों में पैसा लगा दे तो काफी आमदनी होगी और मुनाफे में 60 फीसदी का हिस्सा देते हुए कंपनी का निदेशक बना दिया जाएगा।
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संदीप का आरोप है कि वर्ष 2015 से 2020 तक उसने दोनों कंपनियों व हर्षिता के बैंक खाते में कई बार में 64 लाख रुपये का भुगतान किया। लेकिन कंपनियों में न हिस्सेदारी दी गई न ही निदेशक बनाया गया। इस दौरान उसके खिलाफ एक फर्जी मामला लखनऊ के गोमतीनगर थाने में दर्ज करा दिया गया। इसमें पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी।
अदालत ने पुलिस को इस मामले में केस दर्ज करने के आदेश दिए तो मंगलवार को शहर कोतवाली में हर्षिता व ज्ञानेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी व जान से मारने की धमकी का केस दर्ज किया गया है। कोतवाल संजय कुमार मौर्य ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।