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कार्यो में घालमेल के लिए कार्ययोजना अपलोड करने में खेल
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बाराबंकी। पंचायतों के विकास कार्यों को मिलने वाले लाखों के बजट में लंबे समय से की जा रही सेंधमारी को प्रधानमंत्री मोदी का पारदर्शी पोर्टल भी नहीं रोक पा रहा है। यह बात हम नहीं कह रहे हैं स्वयं ई-ग्राम स्वरोजगार पोर्टल पर अपलोड की गई कार्ययोजना की पीडीएफ फाइलें बयां कर रही हैं। जिम्मेदार वास्तविक कार्ययोजना की बजाय ब्लैंक पेपर व दूसरे ब्लॉक की पंचायतों की कार्ययोजना अपलोड कर घोटाले की तैयारी में हैं।
जिले में 15 ब्लॉक की 1161 ग्राम पंचायतें हैं। इनके विकास को लेकर प्रतिवर्ष केंद्र व प्रदेश की सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत करोड़ों की राशि उपलब्ध कराती हैं। व्यवस्था की पारदर्शिता को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल 2020 को दो मोबाइल पोर्टल ई-ग्राम स्वराज व स्वामित्व योजना लांच की थी।
इसकी मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, तकनीकी सहायक और सचिव को सौंपी गई। ऐसे में पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था में सेंधमारी को लेकर कर्मियों ने नया तरीका इजाद किया। वित्तीय वर्ष 2020-21 में ई-ग्राम स्वरोजगार पोर्टल पर वित्तीय कार्यों की अपलोड की गई कार्ययोजना में अजब गजब दृश्य देखने को मिल रहे हैं। ब्लैंक पेपर, आईजीआरएस तो कहीं दूसरे ब्लॉक की कार्ययोजना अपलोड कर घोटाले की फड़ तैयार की गई है।
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मामला संज्ञान में आया है। इस संबंध में डीपीआरओ से पूरी जानकारी ली जाएगी। पोर्टल की पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए अपलोड कार्ययोजना की फाइलों में सुधार के साथ दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति सामने न आए।
-एकता सिंह, सीडीओ
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जिले में 15 ब्लॉक की 1161 ग्राम पंचायतें हैं। इनके विकास को लेकर प्रतिवर्ष केंद्र व प्रदेश की सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत करोड़ों की राशि उपलब्ध कराती हैं। व्यवस्था की पारदर्शिता को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल 2020 को दो मोबाइल पोर्टल ई-ग्राम स्वराज व स्वामित्व योजना लांच की थी।
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इसकी मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, तकनीकी सहायक और सचिव को सौंपी गई। ऐसे में पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था में सेंधमारी को लेकर कर्मियों ने नया तरीका इजाद किया। वित्तीय वर्ष 2020-21 में ई-ग्राम स्वरोजगार पोर्टल पर वित्तीय कार्यों की अपलोड की गई कार्ययोजना में अजब गजब दृश्य देखने को मिल रहे हैं। ब्लैंक पेपर, आईजीआरएस तो कहीं दूसरे ब्लॉक की कार्ययोजना अपलोड कर घोटाले की फड़ तैयार की गई है।
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मामला संज्ञान में आया है। इस संबंध में डीपीआरओ से पूरी जानकारी ली जाएगी। पोर्टल की पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए अपलोड कार्ययोजना की फाइलों में सुधार के साथ दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति सामने न आए।
-एकता सिंह, सीडीओ