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फॉलोअप: अवैध खनन में लगे ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आकर गई तीन जानें
Thu, 11 Jun 2026 02:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 11 Jun 2026 02:05 AM IST
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बाराबंकी। चिनहट-देवा मार्ग पर मंगलवार रात सड़क हादसे में मां-बेटे और छह वर्षीय मासूम बच्ची की मौत के बाद देवा क्षेत्र के मलकासांड गांव में मातम पसर गया। तीनों लोग लखनऊ में एक समारोह में शामिल होकर एक ही बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान अवैध खनन में लगे बालू लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से उनकी जान चली गई। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लेकर चालक संग बालू खनन करने वालों की तलाश शुरू कर दी है।
मलकासांड गांव निवासी निर्मल और विजेंद्र पड़ोसी होने के साथ घनिष्ठ मित्र भी थे। दोनों परिवार वर्षों से एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते रहे हैं। मंगलवार को निर्मल की बहन की शादी की सालगिरह का कार्यक्रम लखनऊ के हरिदासखेड़ा में आयोजित था, जिसमें निर्मल के परिवार के साथ विजेंद्र (28) और उनकी मां सुधा (50) भी शामिल होने गए थे।
रात करीब 10 बजे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी लोग घर लौट रहे थे। विजेंद्र अपनी बाइक पर मां सुधा और निर्मल की छह वर्षीय बेटी नैना को बैठाकर आगे चल रहे थे, जबकि निर्मल दूसरी बाइक से पीछे आ रहे थे। गुरगुज गांव मोड़ के पास बालू लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक ने अचानक वाहन दाहिने मोड़ दिया। इसी के चलते सामने से आ रही बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आ गई।
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टक्कर इतनी भीषण थी कि विजेंद्र, उनकी मां सुधा और मासूम नैना के सिर, सीने व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। विजेंद्र हेलमेट लगाए हुए थे लेकिन टक्कर के बाद वह दूर जा गिरे। तीनों को तत्काल सीएचसी देवा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
रात करीब 12 बजे जैसे ही हादसे की सूचना मलकासांड गांव पहुंची, पूरे गांव में कोहराम मच गया। परिजन और ग्रामीण रोते-बिलखते सीएचसी पहुंचे। देवा के एसएचओ यशकांत सिंह ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक की तलाश की जा रही है।
बेटी को देख बदहवास हो गए पिता
हादसे के समय बाइक से पीछे से आ रहे नैना के पिता निर्मल जब घटनास्थल पर पहुंचे तो सामने का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। सड़क पर खून से लथपथ बेटी व अन्य परिजनों को देखकर वह बदहवास हो गए। राहगीरों ने उन्हें संभाला।
दुलारी बहन नैना की मौत से टूट गए दोनों भाई
सड़क हादसे में जान गंवाने वाली छह वर्षीय नैना परिवार की सबसे छोटी और सबकी दुलारी थी। उसके दो भाई 14 वर्षीय रोहन और पांच वर्षीय ईशान हैं। बहन का शव देख दोनों बदहवास हो गए। मृतक विजेंद्र अपने दो भाइयों में छोटे थे और डंपर चालक थे। इनके पिता का निधन कोरोना काल में हो चुका है।
ठेकेदारों से सिल्ट खरीदकर जा रहा था ट्रैक्टर-ट्रॉली मालिक
पुलिस की जांच में सामने आया है कि दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर-ट्रॉली गढ़ी मजरे सिपहिया निवासी आशीष यादव की है। आशीष ही ट्रैक्टर चला रहा था। हादसे में जान गंवाने वाली बच्ची नैना के चाचा रिंकू रावत ने बताया कि जब वे मौके पर पहुंचे तो ट्रॉली में सिल्ट लदी थी। ट्रैक्टर लेकर चालक जा चुका था मगर थाने में खड़ी ट्रॉली में सिल्ट गायब थी। देवा के एसएचओ यशकांत सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है।
रात में चुपके से बेची जा रही सिल्ट
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि नहर सफाई में निकल रही सिल्ट चुपके से बेची जा रही है। अवैध खनन में लगे वाहन रात होते ही सड़कों पर फर्राटा भरने लगते हैं। किसी बाइक, कार या पुलिस वाहन की आहट मिलते ही चालक वाहन को और तेज दौड़ाने लगते हैं। यही वजह है कि ऐसे वाहन सड़क पर चलने वाले आम लोगों के लिए खतरा बने रहते हैं।
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मलकासांड गांव निवासी निर्मल और विजेंद्र पड़ोसी होने के साथ घनिष्ठ मित्र भी थे। दोनों परिवार वर्षों से एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते रहे हैं। मंगलवार को निर्मल की बहन की शादी की सालगिरह का कार्यक्रम लखनऊ के हरिदासखेड़ा में आयोजित था, जिसमें निर्मल के परिवार के साथ विजेंद्र (28) और उनकी मां सुधा (50) भी शामिल होने गए थे।
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रात करीब 10 बजे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी लोग घर लौट रहे थे। विजेंद्र अपनी बाइक पर मां सुधा और निर्मल की छह वर्षीय बेटी नैना को बैठाकर आगे चल रहे थे, जबकि निर्मल दूसरी बाइक से पीछे आ रहे थे। गुरगुज गांव मोड़ के पास बालू लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक ने अचानक वाहन दाहिने मोड़ दिया। इसी के चलते सामने से आ रही बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आ गई।
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टक्कर इतनी भीषण थी कि विजेंद्र, उनकी मां सुधा और मासूम नैना के सिर, सीने व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। विजेंद्र हेलमेट लगाए हुए थे लेकिन टक्कर के बाद वह दूर जा गिरे। तीनों को तत्काल सीएचसी देवा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
रात करीब 12 बजे जैसे ही हादसे की सूचना मलकासांड गांव पहुंची, पूरे गांव में कोहराम मच गया। परिजन और ग्रामीण रोते-बिलखते सीएचसी पहुंचे। देवा के एसएचओ यशकांत सिंह ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक की तलाश की जा रही है।
बेटी को देख बदहवास हो गए पिता
हादसे के समय बाइक से पीछे से आ रहे नैना के पिता निर्मल जब घटनास्थल पर पहुंचे तो सामने का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। सड़क पर खून से लथपथ बेटी व अन्य परिजनों को देखकर वह बदहवास हो गए। राहगीरों ने उन्हें संभाला।
दुलारी बहन नैना की मौत से टूट गए दोनों भाई
सड़क हादसे में जान गंवाने वाली छह वर्षीय नैना परिवार की सबसे छोटी और सबकी दुलारी थी। उसके दो भाई 14 वर्षीय रोहन और पांच वर्षीय ईशान हैं। बहन का शव देख दोनों बदहवास हो गए। मृतक विजेंद्र अपने दो भाइयों में छोटे थे और डंपर चालक थे। इनके पिता का निधन कोरोना काल में हो चुका है।
ठेकेदारों से सिल्ट खरीदकर जा रहा था ट्रैक्टर-ट्रॉली मालिक
पुलिस की जांच में सामने आया है कि दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर-ट्रॉली गढ़ी मजरे सिपहिया निवासी आशीष यादव की है। आशीष ही ट्रैक्टर चला रहा था। हादसे में जान गंवाने वाली बच्ची नैना के चाचा रिंकू रावत ने बताया कि जब वे मौके पर पहुंचे तो ट्रॉली में सिल्ट लदी थी। ट्रैक्टर लेकर चालक जा चुका था मगर थाने में खड़ी ट्रॉली में सिल्ट गायब थी। देवा के एसएचओ यशकांत सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है।
रात में चुपके से बेची जा रही सिल्ट
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि नहर सफाई में निकल रही सिल्ट चुपके से बेची जा रही है। अवैध खनन में लगे वाहन रात होते ही सड़कों पर फर्राटा भरने लगते हैं। किसी बाइक, कार या पुलिस वाहन की आहट मिलते ही चालक वाहन को और तेज दौड़ाने लगते हैं। यही वजह है कि ऐसे वाहन सड़क पर चलने वाले आम लोगों के लिए खतरा बने रहते हैं।