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Barabanki News: बाढ़ का खतरा बरकरार, हेतमापुर में मॉक ड्रिल आज
Thu, 25 Jul 2024 02:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 25 Jul 2024 02:28 AM IST
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बाराबंकी। सरयू नदी खतरे के निशान के ऊपर पहुंचने के बाद हालांकि थम गई है। इसके बावजूद तटवर्तीय इलाकों के दो दर्जन गांवों में बाढ़ का खतरा बरकरार बना है। इससे निपटने के लिए ही शासन के निर्देश पर बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले हेतमापुर के पास बांध पर बृहस्पतिवार को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीम उपाध्यक्ष की अगुवाई में बाढ़ से बचाव व राहत के गुर सिखाने के लिए मॉक ड्रिल (पूर्वाभ्यास) करेगी।
इसमें क्षेत्र के ग्रामीणों को भी शामिल किया जाएगा ताकि अचानक बाढ़ या आपदा आने पर बचाव कार्यों को बेहतर तरह से अंजाम दिया जा सके। सरयू नदी का जलस्तर बीते 16 दिनों में तीन बार खतरे का निशान पार कर चुका है। मंगलवार को सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान 106.070 मीटर से तीन सेमी ऊपर पहुंचने के बाद से नदी का पानी गांवों की ओर बढ़ा था। हालांकि रात में जलस्तर थमने से क्षेत्रीय लोगों के साथ ही प्रशासन को भी थोड़ी राहत मिली।
उधर, बृहस्पतिवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र हेतमापुर तटबंध पर सुबह नौ बजे बाढ़ से बचाव संबंधी कार्यों का पूर्वाभ्यास होगा। इसमें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह मंत्रालय व भारत सरकार के अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके दृष्टिगत ही बुधवार को एडीएम अरुण कुमार ने राजस्व टीम के साथ बबुरी व उधिया गांव पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। ताकि आपदा कार्य से जुड़े सभी विभागों को रेस्क्यू अभियान की मॉक ड्रिल में शामिल कराया जा सके। आपदा विशेषज्ञ प्राची उमराव ने बताया कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वाइस चेयरमैन इसकी समीक्षा करेंगे। गर्मी के मौसम में ड्रेजिंग कर करोड़ों रूपये की सफेद सिल्ट को बाहर किया गया था। मगर उसकी नीलामी न हो पाने से सारी सिल्ट फिर से नदी में ही बह गयी। इससे राजस्व का भारी नुकसान हुआ है।
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इसमें क्षेत्र के ग्रामीणों को भी शामिल किया जाएगा ताकि अचानक बाढ़ या आपदा आने पर बचाव कार्यों को बेहतर तरह से अंजाम दिया जा सके। सरयू नदी का जलस्तर बीते 16 दिनों में तीन बार खतरे का निशान पार कर चुका है। मंगलवार को सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान 106.070 मीटर से तीन सेमी ऊपर पहुंचने के बाद से नदी का पानी गांवों की ओर बढ़ा था। हालांकि रात में जलस्तर थमने से क्षेत्रीय लोगों के साथ ही प्रशासन को भी थोड़ी राहत मिली।
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उधर, बृहस्पतिवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र हेतमापुर तटबंध पर सुबह नौ बजे बाढ़ से बचाव संबंधी कार्यों का पूर्वाभ्यास होगा। इसमें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह मंत्रालय व भारत सरकार के अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके दृष्टिगत ही बुधवार को एडीएम अरुण कुमार ने राजस्व टीम के साथ बबुरी व उधिया गांव पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। ताकि आपदा कार्य से जुड़े सभी विभागों को रेस्क्यू अभियान की मॉक ड्रिल में शामिल कराया जा सके। आपदा विशेषज्ञ प्राची उमराव ने बताया कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वाइस चेयरमैन इसकी समीक्षा करेंगे। गर्मी के मौसम में ड्रेजिंग कर करोड़ों रूपये की सफेद सिल्ट को बाहर किया गया था। मगर उसकी नीलामी न हो पाने से सारी सिल्ट फिर से नदी में ही बह गयी। इससे राजस्व का भारी नुकसान हुआ है।
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