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Barabanki News: 120 स्कूली वाहनों की फिटनेस खत्म, 102 स्कूल रेड लिस्ट में
Tue, 25 Aug 2026 11:44 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 25 Aug 2026 11:44 PM IST
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बाराबंकी। जिलाधिकारी के निर्देश पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए संचालित मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 अभियान के तहत लापरवाही बरतने वाले 102 स्कूलों को रेड लिस्ट में डाला गया है। इसके साथ ही अनफिट और 15 वर्ष पुरानी गाड़ियों को संचालन भी तत्काल बंद करने के निर्देशित किया गया है। एआरटीओ अमिताभ राय के अनुसार जिले में दर्ज 1264 पंजीकृत स्कूली वाहनों में से 75 वाहन 15 साल की अवधि पूरी कर चुके हैं, जिनका संचालन अब पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। वहीं 120 वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र समाप्त होने पर 102 विद्यालयों को रेड लिस्ट में शामिल कर रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है।
अभियान के तहत अनफिट वाहनों को बिना फिटनेस नवीनीकरण कराए किसी भी हाल में सड़क पर नहीं चलने दिया जाएगा। सभी स्कूलों को अपने चालकों का चरित्र सत्यापन कराने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण के लिए अनिवार्य शिविर लगाकर प्रमाण-पत्र जारी करने होंगे। इसके अलावा 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के वाहनों में एक परिचालक की तैनाती भी अनिवार्य होगी।
छात्राओं की स्थिति में महिला परिचालक को अंतिम बच्चे के घर पहुंचने तक मौजूद रहना होगा। डीआईओएस अमिता सिंह ने बताया कि डीएम के आदेश पर मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 के तहत सभी बोर्ड के स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अनफिट वाहनों का संचालन या बिना सत्यापन चालकों-परिचालकों की तैनाती मिलने पर संबंधित विद्यालय प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी।
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अभियान के तहत अनफिट वाहनों को बिना फिटनेस नवीनीकरण कराए किसी भी हाल में सड़क पर नहीं चलने दिया जाएगा। सभी स्कूलों को अपने चालकों का चरित्र सत्यापन कराने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण के लिए अनिवार्य शिविर लगाकर प्रमाण-पत्र जारी करने होंगे। इसके अलावा 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के वाहनों में एक परिचालक की तैनाती भी अनिवार्य होगी।
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छात्राओं की स्थिति में महिला परिचालक को अंतिम बच्चे के घर पहुंचने तक मौजूद रहना होगा। डीआईओएस अमिता सिंह ने बताया कि डीएम के आदेश पर मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 के तहत सभी बोर्ड के स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अनफिट वाहनों का संचालन या बिना सत्यापन चालकों-परिचालकों की तैनाती मिलने पर संबंधित विद्यालय प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी।
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