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तीन साल में सात लाख फीस घोटाला, डीआईओएस ने दिया मुकदमा दर्ज कराने आदेश
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फीस का सात लाख हड़प गए प्रिंसिपल और बाबू
क्रासर
तीन साल से खाते में नहीं जमा की बच्चों से ली फीस
डीआईओएस ने दिया मुकदमा दर्ज कराने आदेश
- अमर उजाला ने किया था राजकीय इंटर कॉलेज में घपले का खुलासा
माई सिटी रिपोर्टर
बाराबंकी। विगत तीन वर्षों में सरकारी फीस की सात लाख की रकम बॉयज फंड व ट्रेजरी खाते में जमा करने की बजाय बाबू व प्रधानाचार्य ने हड़प ली। जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने तत्कालीन प्रधानाचार्या व लिपिक पर मुकदमा दर्ज कराने का आदेश प्रधानाचार्य को दिया है।
मामला शहर कोतवाली के राजकीय इंटर कॉलेज का है। यहां पर छात्रों से वसूल की जाने वाला क्रीड़ा शुल्क, विज्ञान शुल्क आदि फीस में काफी समय से घोटाला किया जा रहा था। तीन जुलाई को कॉलेज में स्थाई प्रधानाचार्य जयकरन यादव की तैनाती के बाद मामला पकड़ में आया। इसका खुलासा 17 अगस्त के अंक में अमर उजाला ने किया था। इस पर लिपिक के वेतन रोकने के साथ मामले की जांच डीआईओएस ने जीआईसी के प्रधानाचार्य के नेतृत्व वाली तीन सदस्सीय टीम को सौंपी थी। जांच शुरू हुई तो अभिलेखों में शैक्षिक सत्र 2016-2017 से लगातार फीस बॉयज फंड व ट्रेजरी के खाते में जमा करने की बजाय गबन पता चला। जांच रिपोर्ट के मुताबिक शैक्षिक सत्र 2016-17 में चार लाख 30 हजार 482 रुपये, शैक्षिक सत्र 2017-18 में चार लाख 27 हजार 803 रुपये, शैक्षिक सत्र 2018-19 में चार लाख 21 हजार 50 हजार रुपये की फीस शिक्षकों ने बच्चों से वसूल कर वरिष्ठ सहायक पंकज श्रीवास्तव के पास जमा की थी। इसमें से बाबू ने कुछ ही रकम्र ट्रेजरी व ब्यायज फंड के खाते में जमा की। तीन शैक्षिक सत्र में कुल छह लाख 90 हजार 66 रुपये का गबन पाया गया। जांच समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में लेखा संबंधी पटल देख रहे वरिष्ठ सहायक पंकज श्रीवास्तव को फीस न जमा करने तथा तत्कालीन प्रधानाचार्या साधना कुमार को दायित्व का निर्वाहन न करने- का दोषी पाने कर रिपोर्ट डीआईओएस को दी थी। इस जिला विद्यालय निरीक्षक ने राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य जयकरन यादव को वरिष्ठ लिपिक पंकज श्रीवास्तव व तत्कालीन प्रधानाचार्य साधना कुमार पर मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया है। रिकवरी का भी आदेश दिया गया है
बाक्स
गबन की आशंका, अब सभी कॉलेजों में होगी ऑडिट
राजकीय इंटर कॉलेज में सात लाख रुपये फीस के गबन का मामला पकड़ में आने के बाद डीआईओएस ने जिले के सभी राजकीय व अशासकीय विद्यालयों में फीस की ऑडिट कराने का आदेश जारी किया है। जांच समिति की निगरानी में कॉलेजों में बच्चों से ली गई फीस की आडिट कराया जाएगा। आशंका जताई जा रही है अन्य कई कॉलेजों में बच्चों से वसूल की गई फीस का गबन किया गया है। डीआईओएस के इस आदेश के बाद कॉलेज के प्रधानाचार्यो व लेखा संबंधी पटल देख रहे बाबुओं में हड़कंप मच गया है।
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वर्जन
राजकीय इंटर कॉलेज में जांच समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में तीन वर्षो में करीब सात लाख रुपये फीस का गबन का मामला पकड़ा गया। इस मामले में कॉलेज के वरिष्ठ सहायक व तत्कालीन प्रधानाचार्य पर मुकदमा दर्ज कराने का आदेश प्रधानाचार्य को दिए गए हैं।
राजेश कुमार वर्मा
जिला विद्यालय निरीक्षक, बाराबंकी।
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फीस का सात लाख हड़प गए प्रिंसिपल और बाबू
क्रासर
तीन साल से खाते में नहीं जमा की बच्चों से ली फीस
डीआईओएस ने दिया मुकदमा दर्ज कराने आदेश
- अमर उजाला ने किया था राजकीय इंटर कॉलेज में घपले का खुलासा
माई सिटी रिपोर्टर
बाराबंकी। विगत तीन वर्षों में सरकारी फीस की सात लाख की रकम बॉयज फंड व ट्रेजरी खाते में जमा करने की बजाय बाबू व प्रधानाचार्य ने हड़प ली। जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने तत्कालीन प्रधानाचार्या व लिपिक पर मुकदमा दर्ज कराने का आदेश प्रधानाचार्य को दिया है।
मामला शहर कोतवाली के राजकीय इंटर कॉलेज का है। यहां पर छात्रों से वसूल की जाने वाला क्रीड़ा शुल्क, विज्ञान शुल्क आदि फीस में काफी समय से घोटाला किया जा रहा था। तीन जुलाई को कॉलेज में स्थाई प्रधानाचार्य जयकरन यादव की तैनाती के बाद मामला पकड़ में आया। इसका खुलासा 17 अगस्त के अंक में अमर उजाला ने किया था। इस पर लिपिक के वेतन रोकने के साथ मामले की जांच डीआईओएस ने जीआईसी के प्रधानाचार्य के नेतृत्व वाली तीन सदस्सीय टीम को सौंपी थी। जांच शुरू हुई तो अभिलेखों में शैक्षिक सत्र 2016-2017 से लगातार फीस बॉयज फंड व ट्रेजरी के खाते में जमा करने की बजाय गबन पता चला। जांच रिपोर्ट के मुताबिक शैक्षिक सत्र 2016-17 में चार लाख 30 हजार 482 रुपये, शैक्षिक सत्र 2017-18 में चार लाख 27 हजार 803 रुपये, शैक्षिक सत्र 2018-19 में चार लाख 21 हजार 50 हजार रुपये की फीस शिक्षकों ने बच्चों से वसूल कर वरिष्ठ सहायक पंकज श्रीवास्तव के पास जमा की थी। इसमें से बाबू ने कुछ ही रकम्र ट्रेजरी व ब्यायज फंड के खाते में जमा की। तीन शैक्षिक सत्र में कुल छह लाख 90 हजार 66 रुपये का गबन पाया गया। जांच समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में लेखा संबंधी पटल देख रहे वरिष्ठ सहायक पंकज श्रीवास्तव को फीस न जमा करने तथा तत्कालीन प्रधानाचार्या साधना कुमार को दायित्व का निर्वाहन न करने- का दोषी पाने कर रिपोर्ट डीआईओएस को दी थी। इस जिला विद्यालय निरीक्षक ने राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य जयकरन यादव को वरिष्ठ लिपिक पंकज श्रीवास्तव व तत्कालीन प्रधानाचार्य साधना कुमार पर मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया है। रिकवरी का भी आदेश दिया गया है
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राजकीय इंटर कॉलेज में सात लाख रुपये फीस के गबन का मामला पकड़ में आने के बाद डीआईओएस ने जिले के सभी राजकीय व अशासकीय विद्यालयों में फीस की ऑडिट कराने का आदेश जारी किया है। जांच समिति की निगरानी में कॉलेजों में बच्चों से ली गई फीस की आडिट कराया जाएगा। आशंका जताई जा रही है अन्य कई कॉलेजों में बच्चों से वसूल की गई फीस का गबन किया गया है। डीआईओएस के इस आदेश के बाद कॉलेज के प्रधानाचार्यो व लेखा संबंधी पटल देख रहे बाबुओं में हड़कंप मच गया है।
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राजकीय इंटर कॉलेज में जांच समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में तीन वर्षो में करीब सात लाख रुपये फीस का गबन का मामला पकड़ा गया। इस मामले में कॉलेज के वरिष्ठ सहायक व तत्कालीन प्रधानाचार्य पर मुकदमा दर्ज कराने का आदेश प्रधानाचार्य को दिए गए हैं।
राजेश कुमार वर्मा
जिला विद्यालय निरीक्षक, बाराबंकी।