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दीक्षांत समारोह में तीन हजार विद्यार्थियों को मिली डिग्री, खिले चेहरे
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बाराबंकी। सोमवार को माती के निकट चिनहट देवा मार्ग स्थित रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय में आ?
- फोटो : BARABANKI
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बाराबंकी। श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया गया। सत्र 2019-20 और 2020-21 के लिए स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट विद्यार्थियों को कुल 2954 डिग्री ऑनलाइन प्रदान की गईं। कोविड-19 प्रोटोकॉल के चलते यह समारोह एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम रहा। कार्यक्रम में केवल स्वर्ण और रजत पदक विजेताओं को ही परिसर में सम्मान के लिए आमंत्रित किया गया था। 79 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, 54 विद्यार्थियों को रजत पदक जबकि 68 डॉक्टरेट विद्यार्थियों को पीएचडी डिग्री से सम्मानित किया गया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही समारोह की शुरुआत प्रो. एके सिंह के स्वागत भाषण एवं विवि की वार्षिक रिपोर्ट की प्रस्तुति से हुई। प्रथम दीक्षांत समारोह में भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई दी। मुख्य अतिथि प्रो. वीएन राजशेखरन पिल्लई ने पहले दीक्षांत समारोह पर विवि को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा हर पहलू में जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए आवश्यक है। एसआरएमयू अंतरराष्ट्रीय मानकों का ज्ञान प्रदान करते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे विवि के कुलाधिपति ई. पंकज अग्रवाल ने सभी विद्यार्थियों एवं एसआरएमयू परिवार को बधाई देते हुए कहा कि प्रथम दीक्षांत समारोह विवि के लिए गौरवपूर्ण प्रयोजन है। कहा कि विवि का उद्देश्य है कि समाज को ऐसे रत्नों से नवाजें जो समाज में एक नई ऊर्जा का संचार करे एवं सकारात्मक परिवर्तन की नींव रखेें। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को शैक्षणिक सत्र 2021-22 से लागू करने का संकल्प लिया है।
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डॉ. सुधीर मिश्रा, महानिदेशक (ब्रह्मोस) डीआरडीओ और सीईओ और प्रबंध निदेशक (ब्रह्मोस एयरोस्पेस) को मिसाइल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए डॉक्टरेट ऑफ साइंस की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। लोक कला के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री प्रह्लाद सिंह टिपानिया को डॉक्टरेट ऑफ लिटरेचर की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।
छह विद्यार्थियों को कुलाधिपति पदक और प्रति कुलाधिपति पदक से सम्मानित किया गया। क्रमश: सौरभ अग्रवाल, विदुषी पांडे और कृष्णम रस्तोगी को कुलाधिपति पदक मेडल से सम्मानित किया गया तथा प्रीति वलेचा, नम्रता वर्मा और समरीन खान को प्रति कुलाधिपति मेडल से सम्मानित किया गया।
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दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही समारोह की शुरुआत प्रो. एके सिंह के स्वागत भाषण एवं विवि की वार्षिक रिपोर्ट की प्रस्तुति से हुई। प्रथम दीक्षांत समारोह में भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई दी। मुख्य अतिथि प्रो. वीएन राजशेखरन पिल्लई ने पहले दीक्षांत समारोह पर विवि को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा हर पहलू में जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए आवश्यक है। एसआरएमयू अंतरराष्ट्रीय मानकों का ज्ञान प्रदान करते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है।
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समारोह की अध्यक्षता कर रहे विवि के कुलाधिपति ई. पंकज अग्रवाल ने सभी विद्यार्थियों एवं एसआरएमयू परिवार को बधाई देते हुए कहा कि प्रथम दीक्षांत समारोह विवि के लिए गौरवपूर्ण प्रयोजन है। कहा कि विवि का उद्देश्य है कि समाज को ऐसे रत्नों से नवाजें जो समाज में एक नई ऊर्जा का संचार करे एवं सकारात्मक परिवर्तन की नींव रखेें। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को शैक्षणिक सत्र 2021-22 से लागू करने का संकल्प लिया है।
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डॉ. सुधीर मिश्रा, महानिदेशक (ब्रह्मोस) डीआरडीओ और सीईओ और प्रबंध निदेशक (ब्रह्मोस एयरोस्पेस) को मिसाइल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए डॉक्टरेट ऑफ साइंस की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। लोक कला के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री प्रह्लाद सिंह टिपानिया को डॉक्टरेट ऑफ लिटरेचर की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।
छह विद्यार्थियों को कुलाधिपति पदक और प्रति कुलाधिपति पदक से सम्मानित किया गया। क्रमश: सौरभ अग्रवाल, विदुषी पांडे और कृष्णम रस्तोगी को कुलाधिपति पदक मेडल से सम्मानित किया गया तथा प्रीति वलेचा, नम्रता वर्मा और समरीन खान को प्रति कुलाधिपति मेडल से सम्मानित किया गया।