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दहेज हत्या के दोषी पति को 10 साल की कैद
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Nov 2015 12:17 AM IST
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दहेज हत्या के एक मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी पति को 10 साल की कैद व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने ननद व सास को संदेह के लाभ में दोषमुक्त करार दिया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अमर सिंह यादव ने बताया कि कानपुर जिले के थाना बजरिया सीसामऊ बड़ा चौराहा निवासी अभिषेक निगम ने अपनी बहन रागिनी की शादी 8 फरवरी 2006 को की थी। थाना मसौली के सहादतगंज मोहल्ला अनूूपगंज निवासी पति बृजेश कुमार निगम की शादी के बाद सहायक अध्यापक पद पर नौकरी मिल गई थी। इसके बाद पति ननद जूली निगम, सास गिरजा कुमारी, ससुर श्रीराम निगम दहेज में पांच लाख रुपये की मांग करने लगे।
जिसके लिए ससुराल वाले रागिनी को काफी परेशान करते थे। 5 सितंबर 2012 अभिषेक निगम को सूचना मिली कि उसकी बहन को ससुराल वालों ने दहेज की मांग न पूरी होने पर जला दिया है और वह सिविल अस्पताल लखनऊ में भर्ती है। इलाज के दौरान रागिनी की मौत हो गई। मृत्यु पूर्व बयान में मृतका ने घटना का समर्थन किया। न्यायालय में चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाह पेश किए गए।
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विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) आरबीएस मौर्य ने आरोपी पति को 10 साल की कैद व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। ससुर की विवेचना के दौरान मौत हो गई वहीं कोर्ट ननद व सास को संदेह के लाभ में दोषमुक्त किया है।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता अमर सिंह यादव ने बताया कि कानपुर जिले के थाना बजरिया सीसामऊ बड़ा चौराहा निवासी अभिषेक निगम ने अपनी बहन रागिनी की शादी 8 फरवरी 2006 को की थी। थाना मसौली के सहादतगंज मोहल्ला अनूूपगंज निवासी पति बृजेश कुमार निगम की शादी के बाद सहायक अध्यापक पद पर नौकरी मिल गई थी। इसके बाद पति ननद जूली निगम, सास गिरजा कुमारी, ससुर श्रीराम निगम दहेज में पांच लाख रुपये की मांग करने लगे।
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जिसके लिए ससुराल वाले रागिनी को काफी परेशान करते थे। 5 सितंबर 2012 अभिषेक निगम को सूचना मिली कि उसकी बहन को ससुराल वालों ने दहेज की मांग न पूरी होने पर जला दिया है और वह सिविल अस्पताल लखनऊ में भर्ती है। इलाज के दौरान रागिनी की मौत हो गई। मृत्यु पूर्व बयान में मृतका ने घटना का समर्थन किया। न्यायालय में चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाह पेश किए गए।
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विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) आरबीएस मौर्य ने आरोपी पति को 10 साल की कैद व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। ससुर की विवेचना के दौरान मौत हो गई वहीं कोर्ट ननद व सास को संदेह के लाभ में दोषमुक्त किया है।