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Barabanki News: डीएम ने दी पार्वती को विदाई
Sun, 23 Mar 2025 01:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 23 Mar 2025 01:27 AM IST
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बाराबंकी कलेक्ट्रेट सभागार में पार्वती को उपहार देते डीएम शशांक त्रिपाठी। संवाद
बाराबंकी। रफी अहमद किदवई जिला अस्पताल में पांच वर्ष से रह रहीं पार्वती को डीएम शशांक त्रिपाठी ने शनिवार को उनके परिजन के साथ विदा कर दिया। पार्वती महोबा जिले के लिए रवाना हो गईं।
कलेक्ट्रेट के लोक सभागार में डीएम ने पार्वती को उपहार भेंट किए। इसके साथ ही अमर उजाला के प्रति आभार भी जताया। डीएम ने पत्रकारों से कहा कि अमर उजाला में पहली मार्च 2025 को शीर्षक- पांच साल से अपनों के इंतजार में पार्वती... से खबर प्रकाशित की थी। उसका संज्ञान लेकर एसडीएम विवेकशील व जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी प्रतिभा यादव को पार्वती के परिवार का पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
कुछ दिनों बाद परिवार का पता चल गया। महोबा जिले की तहसील कुल्पाहर के छितरवारा गांव से पार्वती के पति विजय, पुत्री उपमा व बहन किरन समेत अन्य परिजन उनको लेने आए।
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पार्वती के पति विजय ने बताया कि मुंह में छाले होने पर कोई दवा खाने के बाद पार्वती को दिमागी उलझन हो गई थी। 14 सितंबर 2019 की रात वह घर से निकली थीं। तब से पता नहीं चल पा रहा था। 18 अक्टूबर 2019 को पार्वती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
चिकित्सा कर्मियों ने परिवार की तरह की देखभाल
डीएम ने कहा कि जिला अस्पताल में चिकित्सा कर्मियों ने पांच वर्ष तक पार्वती की देखभाल परिवार की तरह की। नगर के लोगों ने भी उन्हें सम्मान और सहयोग किया। आज पार्वती सकुशल अपने परिवार के साथ अच्छी यादें लेकर जा रही हैं, यह एक सभ्य समाज का उदाहरण है। इस मौके पर जिला अस्पताल की स्टाफ नर्स मधु जायसवाल, नीलम गुप्ता, मीरा वर्मा, सुषमा देवी, रचना तिवारी, शशि सिंह व आशा कार्यकर्ता तारा देवी ने भी पार्वती के बारे में अपने अनुभव साझा किए। इस मौके पर एडीएम इंद्रसेन, सीएमओ डॉ. अवधेश कुमार व सीएमएस डॉ. वीपी सिंह भी मौजूद रहे।
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कलेक्ट्रेट के लोक सभागार में डीएम ने पार्वती को उपहार भेंट किए। इसके साथ ही अमर उजाला के प्रति आभार भी जताया। डीएम ने पत्रकारों से कहा कि अमर उजाला में पहली मार्च 2025 को शीर्षक- पांच साल से अपनों के इंतजार में पार्वती... से खबर प्रकाशित की थी। उसका संज्ञान लेकर एसडीएम विवेकशील व जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी प्रतिभा यादव को पार्वती के परिवार का पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
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कुछ दिनों बाद परिवार का पता चल गया। महोबा जिले की तहसील कुल्पाहर के छितरवारा गांव से पार्वती के पति विजय, पुत्री उपमा व बहन किरन समेत अन्य परिजन उनको लेने आए।
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पार्वती के पति विजय ने बताया कि मुंह में छाले होने पर कोई दवा खाने के बाद पार्वती को दिमागी उलझन हो गई थी। 14 सितंबर 2019 की रात वह घर से निकली थीं। तब से पता नहीं चल पा रहा था। 18 अक्टूबर 2019 को पार्वती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
चिकित्सा कर्मियों ने परिवार की तरह की देखभाल
डीएम ने कहा कि जिला अस्पताल में चिकित्सा कर्मियों ने पांच वर्ष तक पार्वती की देखभाल परिवार की तरह की। नगर के लोगों ने भी उन्हें सम्मान और सहयोग किया। आज पार्वती सकुशल अपने परिवार के साथ अच्छी यादें लेकर जा रही हैं, यह एक सभ्य समाज का उदाहरण है। इस मौके पर जिला अस्पताल की स्टाफ नर्स मधु जायसवाल, नीलम गुप्ता, मीरा वर्मा, सुषमा देवी, रचना तिवारी, शशि सिंह व आशा कार्यकर्ता तारा देवी ने भी पार्वती के बारे में अपने अनुभव साझा किए। इस मौके पर एडीएम इंद्रसेन, सीएमओ डॉ. अवधेश कुमार व सीएमएस डॉ. वीपी सिंह भी मौजूद रहे।