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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   Distributary chopped, sand lure 50 acres of paddy

रजबहा कटा, बालू से पटा 50 बीघा धान

Thu, 10 Sep 2015 11:13 PM IST
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 10 Sep 2015 11:13 PM IST
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विभागीय उदासीनता व अनुरक्षण कार्य के अभाव में बुधवार देर रात अंसारी गांव के समीप सिंहपुर रजबहा नहर हेड से करीब सौ मीटर दूर करीब आठ मीटर कट गई। कटान से करीब 50 बीघा धान के खेत में रेत पट गई है जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में बालू व चारों तरफ पानी ही पानी दिख रहा है। यहां बुधवार दोपहर से ही रिसाव हो रहा था इसकी जानकारी ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग को दी, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। जिससे किसानों की फसल चौपट हो गई।
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विकास खंड हैदरगढ़ के ग्राम अंसारी के पास सिंहपुर रजबहा नहर हेड से करीब सौ मीटर दूर कुलाबा नंबर दो के पास से दोपहर से ही रिसाव होना शुरू हो गया। प्रधान अलगू ने इसकी सूचना सिंचाई विभाग को दी। लेकिन मौके पर कोई विभागीय कर्मी नहीं पहुंचा।
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रात करीब नौ बजे सिंहपुर रजबहा नहर करीब आठ मीटर कट गई। तेज बहाव के कारण नहर के समीप के खेत बालू से पट गए। गांव के रघुवर, शंकर, हजारी प्रसाद, दयाशंकर मौर्य, बसंत लाल, श्याम सुंदर, बाबू लाल गौतम, सुंदर मौर्य समेत कई किसानों की करीब 50 बीघा धान लगे खेत में सिर्फ बालू ही बालू दिख रहा है।
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नहर का पानी आबादी में पहुंचने की आशंका से ग्रामीण एक हुए और सिंचाई कॉलोनी जा पहुंचे। शिकायत पर ध्यान नहीं देने पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। जिसके बाद हेड से फाटक बंद कराकर पानी के बहाव को रोका गया, लेकिन इसके बाद भी पानी किसानों के खेतों में पहुंचता रहा।

अल्लाजान, छेद्दू, सुच्चा महाराज, राजा श्रीवास्तव, इंद्रदेव, रामचंद्र, बबलू, गंगा बख्श, अहरवा मौर्य, बाबू लाल, हनोमान समेत कई किसानों की करीब 150 बीघा फसल जलमग्न हो गई। इन ग्रामीणों ने बताया कि फसल पानी में डूब जाने से यह पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी। बताया कि नहर की पटरिया जर्जर हैं और अनुरक्षण कार्य कभी नहीं किया जाता।

सिंचाई विभाग के अधिकारी शाम ढलते ही राजधानी की ओर रुख कर लेते हैं। सिंचाई विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि नहर कटने के बाद गुरुवार को दोपहर तीन बजे तक सिंचाई विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। करीब सवा तीन बजे मौके पर एक जेसीबी मशीन पहुंची।


रात को सूचना मिलते ही पानी रोकवा दिया गया था। कटान अधिक होने के कारण मशीनों द्वारा पटान शुरू करा दिया गस्त्रत्त्या है। नहर की पटरियों को दुरुस्त कराया जाएगा। इसके बाद ही पानी छोड़ा जाएगा।
- राजेश यादव, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड प्रथम
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